Tuesday, 23 January 2018, 10:58 AM

जरा हटके

कत्‍ल करने के बाद कैसा लगता है, जानने के लिए किया कत्‍ल

Updated on 12 July, 2013, 16:12
लंदन एक शख्‍स ने महज यह जानने के लिए कि हत्‍या करने के बाद कैसा लगता है, एक छात्र की दिनदहाड़े हत्‍या कर दी. मामला ब्रिटेन के मैनचेस्‍टर का है. डेली मेल के मुताबिक काइरेन क्रम्‍प नाम का 18 वर्षीय छात्र घर से नौकरी ढूंढने के लिए निकला था, लेकिन फिर कभी... आगे पढ़े

लड़की के ट्राउजर की जेब में फट गया सैमसंग Galaxy S3

Updated on 11 July, 2013, 14:54
लंदन स्‍मार्टफोन सैमसंग Galaxy S3 अचानक से एक लड़की के ट्राउजर की जेब में फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई. लड़की अब जल्‍द ही सैमसंग के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी में है. डेली मेल के मुताबिक फैनी नाम की इस स्विस लड़की का कहना है... आगे पढ़े

फेसबुक पर सौ साल पुराने बंगाली पकवानों का जलवा, लाइक का रिकॉर्ड तोड़ा

Updated on 9 July, 2013, 13:30
कोलकाता पिज्जा-बर्गर के इस दौर में भी जब आप मां के हाथ के बने दाल-परांठे खट्टी चटनी के साथ खाते हैं, तो दुनिया ज्यादा हसीन महसूस होती है. हमारे घरेलू-पारंपरिक पकवानों का आज भी कोई विकल्प नहीं है. यह बात एक बार फिर साबित हुई है. फेसबुक पर 100 साल से... आगे पढ़े

ये कैसा प्‍यार! पिट रही थी पत्‍नी, भाग गया पति

Updated on 5 July, 2013, 13:02
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव की एक लड़की को धर्म परिवर्तन कर अपने प्रेमी के साथ शादी करना मंहगा पड़ गया. कचहरी परिसर में उस समय प्रेमी युगल की जान खतरे में पड़ गयी जब कचहरी में बुर्का पहनकर आई पत्‍नी के परिजनों ने ही पकड़कर सरेआम... आगे पढ़े

पेप्सी पीते हैं, तो हो सकता है कैंसर, इसके रंग में मिला है खतरनाक तत्व

Updated on 4 July, 2013, 13:50
न्यूयॉर्क पर्यावरण संबंधी समूह सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल हेल्थ ने एक जांच में पेप्सी के उत्पादों में कैंसरकारी तत्व पाया है. समूह ने बुधवार को कहा कि पेप्सी में इस्तेमाल किए गए कैरामेल कलरिंग में अब भी एक कैंसरकारी तत्व चिंताजनक स्तर पर मौजूद है, भले ही कंपनी ने कहा है कि... आगे पढ़े

बाल कविता : इतनी ढे़र किताबें

Updated on 1 July, 2013, 16:18
किसको अपने जख्म दिखाऊं किसको अपनी व्यथा सुनाऊं इतनी ढेर किताबें लेकर‌ अब मैं शाला कैसे जाऊं। बीस किताबें ठूंस ठूंस कर‌ मैंने बस्ते में भर दीं हैं बाजू वाली बनी जेब में पेन पेंसिलें भी धर दीं हैं किंतु कापियां सारी बाकी उनको मैं अब कहां समाऊं। आज धरम कांटे पर जाकर‌ मैंने बस्ते को तुलवाया वजन बीस का निकला मेरा बस्ता... आगे पढ़े

कविता : लाड़ली बेटी

Updated on 1 July, 2013, 16:17
लाड़ली बेटी जब से स्कूल जाने है लगी। हर खर्चे के कई ब्योरे मां को समझाने लगी।। फूल-सी कोमल और ओस की नाजुक लड़ी। रिश्तों की पगडंडियों पर रोज मुस्काने लगी।। एक की शिक्षा ने कई कर दिए रोशन चिराग। दो-दो कुलों की मर्यादा बखूबी निबाहने लगी।। बोझ समझी जाती थी जो कल तलक सबके लिए। घर... आगे पढ़े

शिक्षाप्रद बाल कहानी : वफादारी का पुरस्कार

Updated on 1 July, 2013, 16:07
लाला पीतांबरलाल धरमपुरा रियासत के दीवान थे। पचास गांव की इस छोटी-सी रियासत के राजा शिवपालसिंह एक कर्तव्यनिष्ठ, दयालु और प्रजा के हित में काम करने वाले धर्म प्रिय राजा थे। दीवान पीतांबर लालजी का रियासत में बहुत सम्मान था क्योंकि वे न्याय प्रिय और जनता के सुख-दुख में सदा सहायता... आगे पढ़े

महिलाएं बॉस से छिपाती हैं प्रेग्‍नेंसी की बात

Updated on 1 July, 2013, 15:45
लंदन क्‍या आपको पता है कि ज्‍यादातर कामकाजी महिलाएं अपने बॉस को अपनी प्रेग्‍नेंसी के बारे में बताने से डरती हैं. एक सर्वे में यह बात सामने आई है. यह सर्वे ब्रिटेन की 1000 कामकाजी महिलाओं पर कराया गया था. सर्वे के मुताबिक महिलाओं को अपने मेटरनिटी राइट्स के बारे में ज्‍यादा... आगे पढ़े

क्या ये जीवन है… ?

Updated on 25 June, 2013, 16:34
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान, कितना बदल गया इंसान.. ये गाना बहुत सुना है और बचपन से सुना है.     जैसे जैसे बड़ी हुई इसे महसूस भी कर रही हूँ. अब शायद जीवन की आपा-धापी में इंसान के पास भावनाओं के लिए वक्त रह ही नहीं गया है.... आगे पढ़े

शुरुआती वजन बढ़ने पर निर्भर बच्चे का आईक्यू

Updated on 20 June, 2013, 15:03
लंदन जन्म के एक महीने के बाद जिस रफ्तार से बच्चे का वजन बढ़ता है, वह स्कूल जाने की अवस्था में उसके आईक्यू (बौद्धिकता) का स्तर निर्धारित करता है। समाचार पत्र `डेली मेल` की एक रिपोर्ट के मुताबिक एडिलेड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने नौ महीने के गर्भकाल के बाद जन्म लेने... आगे पढ़े

गर्व (लघु कथा )

Updated on 19 June, 2013, 15:46
      "माँ आज तुमने इतनी मार्मिक कविता सुनाई कि श्रोताओं की तालियां रुकने का नाम नहीं ले रही थीं. आज तुमने मेरा जन्मदिन का कार्यक्रम सफल कर दिया." आनन्द अपनी माँ को कार से उतारते हुए बोला. आनन्द की माँ प्यार से उसके सिर पर हाथ फिराते हुए बोलीं, "मेरा... आगे पढ़े

शहरे दिल का हरिक अब मकां बन्द है

Updated on 14 June, 2013, 18:04
ग़ज़ल -          उषा यादव ‘ उषा ‘   शहरे दिल का हरिक अब मकां बन्द है, ‘ सुख परिंदा ’ भी आखि़र कहां बन्द है ।   गूंगे आतुर हुये बोलने के लिये, पर ज़बां वालों की तो ज़बां बन्द है ।   एक ऑंधी उठे हुक़्मरॉ के खि़लाफ़, दिल में कब से घुटन ये धुऑं बन्द है... आगे पढ़े

ब्‍वॉयफ्रेंड को भेजती थी रूममेट के न्‍यूड वीडियो

Updated on 14 June, 2013, 12:10
कोच्चि एमबीए की एक छात्रा हॉस्‍टल में चोरी-छिपे अपनी रूममेट्स का न्‍यूड वीडियो शूट कर उन्‍हें ब्रिटेन में बैठे अपने एनआरआई ब्‍वॉयफ्रेंड को मेल कर देती थी. एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक यह घटना केरल की है. पेरुमबूर कॉलेज की प्रिंसिपल ने लड़की के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई,... आगे पढ़े

यह गिरगिट रंग नहीं बदलता

Updated on 12 June, 2013, 16:28
 रायपुर गिरगिट बार-बार रंग बदलता है. इस कहावत को झुठला रहा है छत्तीसगढ़ के बार नवापारा अभयारण्य में पाया गया यह गिरगिट. यह न तो रंग बदलता है और रोचक लालिमा पट्टी लिए हुए रूप में मिला है. प्रदेश के बार नवापारा अभयारण्य में एक दुर्लभ प्रजाति के काले रंग का गिरगिट... आगे पढ़े

जिंदगी

Updated on 9 June, 2013, 14:57
(उषा यादव जी देश की प्रमुख गज़ल़कारों में शुमार की जाती हैं. वर्ष 1991 से लगातार देश की विभिन्न पत्र – पत्रिकाओं में उऩकी ग़ज़लें पाठकों को आनंदित करती रहती हैं . उनकी प्रकाशित रचनाएं अमराईयां औऱ सोजे निहाँ काफी पसंद की जाती हैं . विद्यावाचस्पति , सारस्वत सम्मान से... आगे पढ़े

...तो इंसानों के पूर्वज कभी चूहों से भी छोटे थे

Updated on 7 June, 2013, 16:40
बीजिंग दुनिया में इंसानों के प्राचीन इतिहास को लेकर समय समय पर वैज्ञानिक तथ्य सामने आते रहे हैं। एक नए अध्ययन की माने तो बहुत अरसा पहले इंसानों के पूर्वज आकार में चूहों से भी छोटे होते थे। चीन के हुबेई प्रांत में 2003 में मिले दुनिया के सबसे पुराने कंकाल... आगे पढ़े

जनम से पहले मार न देना...

Updated on 6 June, 2013, 19:52
चाहे मुझको प्यार न देना , चाहे तनिक दुलार न देना कर पाओ तो इतना करना , जनम से पहले मार न देना !! मैं बेटी हूँ , मुझको भी है जीने का अधिकार, मैया जनम से पहले मत मार ! बाबुल जनम से पहले मत मार.. !!   मेरा दोष बताओ मुझको क्यों बेबात सताओ मुझको, मैं... आगे पढ़े

नेवी सील में काम कर चुका जवान बन गया महिला

Updated on 5 June, 2013, 14:04
वॉशिंगटन, दुनिया के खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का खात्‍मा करने वाली अमेरिकी नेवी सील से रिटायर हो चुके जवान ने एक किताब लिखी है कि किस तरह उन्‍होंने औरत बनने से पहले 20 साल तक स्‍क्‍वाड में मर्द के रूप में काम किया. दुनिया की प्रतिष्ठित सेना में से... आगे पढ़े

'शादी ने बना दिया मोटा, पति को छोड़ने के बाद फिर से बन गई सेक्‍सी'

Updated on 5 June, 2013, 14:03
लंदन, अकसर जब लोगों का दिल टूटता है तो गम उन्‍हें घेर लेता है और वे कुछ भी उल्‍टा-पुल्‍टा खाने लगते हैं. नतीजा यह हुआ कि उनका वजन तेजी से बढ़ने लगता है. लेकिन जब टैरिन राइट अपने पति से अलग हुईं तो उन्‍होंने अपनी जिंदगी में सकारात्‍मक बदलाव लाने का... आगे पढ़े

दोपहर 2:55, जब दफ्तरों में नहीं होता कोई काम

Updated on 4 June, 2013, 13:46
 लंदन, क्‍या आप जानते हैं दफ्तर में दिनभर में एक ऐसा वक्‍त आता है जब मेहनती कर्मचारी भी परेशान हो जाते हैं. लंबे और थका देने वाले दिन के बीच कर्मचारी फेसबुक पर जाकर अपने दोस्‍तों के फोटोज़ देखते हैं या ट्विटर पर कुछ पोस्‍ट करने लगते हैं. दरअसल, एक रिपोर्ट ने... आगे पढ़े

बातें जो कि महिलाएं पुरुषों को नहीं बतातीं...

Updated on 3 June, 2013, 14:10
नई दिल्ली, किसी भी महिला को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. इस कहावत को दम इस बात से भी मिलता है कि बहुत सी ऐसी बातें है जो महिलाएं पुरुषों को नहीं बताती. अब सवाल यह उठता है कि महिलाएं ऐसा क्यों करती हैं? आपके और हमारे मन में इसके... आगे पढ़े

पानी…

Updated on 2 June, 2013, 17:51
पानी जब नहीं देखता, जात-धर्म-प्रखंड, तब मानव क्यों रचता, इन सब पर पाखंड, पानी नित शीतल ही करता, राजा हो या रंक, प्यास बुझाता सब जन की, रहता सदा अखंड, रुप नहीं कोई पानी का, और ना ही कोई रंग, ढल जाता है उस आकार में, रहता जिसके संग, जाति- धर्म को देखता, केवल  मानुस जात, पानी... आगे पढ़े

इंतज़ार

Updated on 28 May, 2013, 15:34

काफ़िर ( मुक्तक )

Updated on 28 May, 2013, 14:56
 ( कवि “ सिफर “ जबलपुर ) मैं काफ़िर हूं क्योंकि मेरा खुदा तुम हो, तुम्हें देखने की तमन्ना नहीं किसी की ,  कौन मुझे काफिर कह पत्थर मारता है, वही जिनके दिलों में खुदा नहीं शैतान है,  खून बहाता है रोज रोज वो काफिर कह कह, खुद को खुदा का बंदा समझ रहा है ,... आगे पढ़े

ऐसा कपड़ा जो पसीने को बाहर निकाल देगा

Updated on 23 May, 2013, 15:29
 लॉस एंजिल्‍स जैव इंजीनियरों ने एक ऐसे जलरोधी कपड़े का विकास किया है, जो पसीने को बाहर निकाल देगा। यह नया कपड़ा मानव त्वचा की तरह काम करता है। यह अधिक पसीना होने की स्थिति में उन्हें बूंदों में तब्दील कर देता है जो अपने आप बाहर निकल आता है। अमेरिका के... आगे पढ़े

दरगाह पर चढा़ई जाती है जलती सिगरेट!

Updated on 17 May, 2013, 19:07
हर किसी ने किसी दरगाह पर फूल, अगरबत्ती, सेहरा, चादर, गुड़ चढा़ने की बात तो सुनी होगी, पर दिल्ली की एक दरगाह पर जलती हुई सिगरेट चढा़कर मन्नत मांगी जाती है। यह दरगाह नई दिल्ली के सरदार पटेल मार्ग पर मालचा मार्ग के अंदर घने जंगल में स्थित है। यहां हर... आगे पढ़े

मरने के बाद नई तकनीक से जिंदा हुए 7 लोग

Updated on 14 May, 2013, 14:03
मेलबर्न, अगर कोई मरने के बाद जिंदा लौट आए तो इसे करिश्‍मा ही कहा जाएगा और यह करिश्‍मा ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न में हुआ है, जहां क्लिनिकली डेड होने के 40 मिनट बाद एक शख्‍स को वापस जिंदा कर दिया गया. इसका श्रेय ऑस्‍ट्रेलिया की पहली मृत को जिंदा करने वाली... आगे पढ़े

दोस्ती

Updated on 13 May, 2013, 13:21
अर्थ मतलब पैसा नहीं अर्थ मतलब सहनशक्ति कि इस भूमि पर संघर्ष भी नहीं अर्थ मतलब सबके रहते हुए सब कुछ रहते हुए भी दिल के बहुत करीब कोई दोस्त नहीं उस जीवन का कोई अर्थ नहीं !   -       रंजना झाला, मुंबई ... आगे पढ़े

‘मां’

Updated on 12 May, 2013, 13:43
डॉ. कुंअर बेचैन कभी उफनती हुई नदी हो,  कभी नदी का उतार हो मां रहो किसी भी दिशा-दिशा में,  तुम अपने बच्चों का प्यार हो मां   नरम-सी बांहों में खुद झुलाया,  सुना के लोरी हमें सुलाया जो नींद भर कर कभी न सोई,  जनम-जनम की जगार हो मां   भले ही दुख को छुपाओ हमसे,  ... आगे पढ़े

अनमोल दुर्लभ सूर्य घड़ी

Updated on 4 May, 2013, 1:19
सीहोर के वर्तमान कलेक्टर निवास परिसर में लगी अनमोल दुर्लभ सूर्य घड़ी आज सीहोर के इतिहास की अमूल्य धरोहर है ....इस दुर्लभ सूर्य घड़ी को तत्कालीन अंग्रेज पोलिटिकल एजेंट मिस्टर विलिंयम स्टीवर्ट डेविस ने वर्ष 1918 में विशेष रूप से इंग्लेंड से मंगाकर लगवाई थी ....यह दुर्लभ सूर्य घड़ी आज... आगे पढ़े

काँच की बरनी और दो प्याले चाय रूपेश दिवेदी

Updated on 3 May, 2013, 5:58
दर्शनशास्त्र के एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं। उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बड़ी बरनी मेज पर रखी और उसमें टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक... आगे पढ़े

किससे सुनाये ...

Updated on 3 May, 2013, 5:56
आओ तुम्हे आज तथाकथित सेकुलरो और मुल्लो के "बापू" के गुमनाम सत्य और झूट के किससे सुनाये ........... 1. ‘ब्रह्मचर्य के प्रयोग’ के बारे में गाँधी का झूट :- अपने ब्रह्मचर्य की परीक्षा के लिए वे महिलाओं के साथ एकांतवास करते थे, स्वयं निर्वस्त्र होकर उनसे अपने शरीर की मालिश कराते थे और... आगे पढ़े

जहां दहेज में दिए जाते हैं पानी भरने के बर्तन...

Updated on 29 April, 2013, 1:50
राजगढ़, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पानी की समस्या का असर लोगों की जिंदगी पर भी साफ नजर आता है. यही कारण है कि बेटियों को शादी में दिए जाने वाले दहेज में पानी जमा करने वाले बर्तन सबसे ज्यादा होते हैं. राजगढ़ जिले में पानी की समस्या के कारण... आगे पढ़े

वोट का किस्सा

Updated on 27 April, 2013, 14:25
"तुम हमारी मार्क शीट देखोगे और फिर सोचोगे और फिर वोट करोगे ...अगर ऐसा करते ना भैय्या, तो चरणलाल सरपंच नही बनता| तब एक मुर्गी और दारु लेके वोट दिया था अब एक समोसा और चाय लेके कर दो भैय्या" ओमी ने किशन से कहा| गाँव के लोगो को पता... आगे पढ़े

वादो का हिसाब किताब

Updated on 27 April, 2013, 14:16
पुराने कपड़ो में आज बड़के भैय्या को वो पुरानी शर्ट नज़र आयी जो कभी ओमी ने खरीदवायी थी | जब बड़के भैय्या कॉलेज में थे तब एक बार बड़े जोश से यह सिद्ध कर रहे थे कि छोटे शहरो में अच्छे कपडे नहीं मिलते और हर दुकान पर जाकर उनका... आगे पढ़े

नाई की दुकान

Updated on 27 April, 2013, 14:13
इतने सुबह तो हम कभी नाई की दुकान में नहीं आये थे, लेकिन कल बातो बातो में जो वादा कर बैठे कि तुम्हारी दुकान पर दिन बैठेंगे और अपने अनुभवों पर कुछ लिखेंगे| अब वादा किया तो आना तो पड़ेगा ही कम से कम अपने अनुभव का नाम तो सोच... आगे पढ़े

लड़कियाँ, तितली सी होती हैं

Updated on 26 April, 2013, 19:10
  लड़कियाँ, तितली सी होती है जहाँ रहती है रंग भरती हैं चौराहे हो या गलियाँ फ़ुदकती रहती हैं आंगन में धमाचौकड़ी करती चिडियों सी   लड़कियाँ, टुईयाँ सी होती है दिन भर बस बोलती रहती हैं पतंग सी होती हैं जब तक डोर से बंधी होती हैं डोलती रहती हैं इधर उधर फ़िर उतर आती हैं हौले से   लड़कियाँ, खुश्बू की तरह होती हैं जहाँ रहती... आगे पढ़े

ब्‍लैकबेरी पर पोर्न देखा तो जान जाएगी दुनिया

Updated on 26 April, 2013, 14:59
नई दिल्‍ली  अपने ब्‍लैकबेरी फोन पर पोर्न स्‍टार सनी लियोन का अश्लील वीडियो देखने वाले लोग अब सावधान हो जाएं. जी हां, जिस ब्‍लैकबेरी Z10 फोन पर आप इतना इतराते हैं वह आपको उस वक्‍त मुसीबत में डाल सकता है जब आप पोर्न या अश्लील विडियो देख रहे होंगे. आपके नेटवर्क से... आगे पढ़े

इंटरनेट बैंकिंग वालों के पासवर्ड चुरा रहा है नया वायरस

Updated on 25 April, 2013, 14:33
नई दिल्ली  भारतीय साइबरस्पेस में एक नया वायरस तेजी से फैल रहा है जो एक बार क्लिक करते ही उपयोक्ताओं के बैंक खातों का ब्यौरा तथा पासवर्ड बड़ी चतुराई से चुरा लेता है। मालवेयर श्रेणी के इस संदिग्ध संस्करण की पहचान विन32-रेमनिट के रूप में की गई है। देश के साइबर... आगे पढ़े

कुछ बुल्गैरिया शब्द और उनके अर्थ

Updated on 23 April, 2013, 16:15
  ZDRASTI (ज़ैदरास्ति) – HELLO (हैलो) ·         KAKVO (काकवो) – WHAT (क्या) ·         DOVISHDANE (दोविशदिने) – BYE ·         VODA (वोदा) – WATER (पानी) ·         TUKA (तुका) – HERE (यहां) ·         KAK (काक) – HOW (कैसे) ·         KOLATA (कोलाता) – CAR (कार) ·         TATKO (तातको) – FATHER (पिता) ·         BAZAR (बाज़ार) – MARKET ·         SISTRA (सिस्त्रा)– SISTER (बहन) ·         BRAT... आगे पढ़े

यकीन..

Updated on 22 April, 2013, 20:14
है यकीन होगा वही,है जैसा मैंने सोचा  पर्वत सा ऊँचा अटल,है मेरा इरादा  कठिन है डगर,पर गडी है नज़र  लक्ष्य को है पाना,जाना जिस पर चलकर   कर दिया है हमने आगाज़  फिर डर कैसा,जब मंजिल हो साफ़  बाधाओं से नही है डरना  करके सीना चौडा,है आगे बड़ते जाना....   -रोहित जौहरी                                ... आगे पढ़े

बारिश के लिए यहां होती है मेंढकों की शादी...

Updated on 19 April, 2013, 13:28
  अगरतला/गुवाहाटी बारिश करने के लिए हमारे देश में यज्ञ और हवन का होना तो आम बात है लेकिन इंद्र देवता को खुश करने के लिए मेंढकों की शादी सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. त्रिपुरा और असम के ग्रामीणों ने बारिश के देवता इंद्र को खुश करने के लिए एक रस्म के तहत... आगे पढ़े

जहां कुत्ते, बिल्ली सोते हैं गद्दे पर...

Updated on 13 April, 2013, 13:31
नरसिंहपुर, यहां सड़कों पर घूमते बेजुबान जानवरों (कुत्ते, बिल्ली, बकरी) को कटोरे व प्लेट में खाना खिलाया जाता है और उनके सोने के लिए गद्दों का बिछौना तैयार किया जाता है. वहीं कम उम्र के जानवरों को बोतल से दूध पिलाया जाता है. यह नजारा है मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर... आगे पढ़े

मोबाइल बता देगा, कहां ट्रैफिक जाम है!

Updated on 13 April, 2013, 13:30
कोच्चि, जी, यह सही है कि अब आपका मोबाइल फोन आपको बता देगा कि किस रास्ते से जाने पर परेशानी हो सकती है. हाल ही में शुरू हुई फर्म एमिडरे टेक्नोलॉजीज ने इसी पर आधारित एक सामुदायिक एंड्राइड एप्लीकेशन 'ब्लॉकआउट ट्रैफिक' लांच किया है. इस प्रोग्राम को तैयार करने वालों ने... आगे पढ़े

अंडरगार्मेंट जो रोकेगी यौन अपराध

Updated on 13 April, 2013, 12:31
अहमदाबाद अब अंडरगार्मेंट बढ़ते यौन अपराधों पर काबू पाने में लड़कियों की मदद करेंगे. जी हां, चेन्नई के तीन ऑटोमोबाइल इंजीनियरों का दावा है कि उन्होंने GPS मॉड्यूल लगा एक ऐसा अंडरगार्मेंट तैयार किया है जो भारत में बढ़ते यौन अपराधों पर काबू पाएगा. इस अंडरगार्मेंट की खासियत है कि अगर... आगे पढ़े

आपकी मौत के बाद क्या होगा आपके GMAIL का?

Updated on 12 April, 2013, 15:22
 ह्यूस्टन, आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो जरूर ही आपके पास ई-मेल अकाउंट भी होगा. लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि आप जब इस दुनिया में नहीं रहेंगे तो आपके इस ई-मेल अकाउंट का क्या होगा? यदि आप इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस जहां... आगे पढ़े

लघुकथा- देवी

Updated on 12 April, 2013, 15:18
तीन ‍महिलाएं मरणोपरांत स्वर्ग पहुंचीं। उनमें एक संपन्न परिवार की समाजसेविका थी। लोग उन्हें देवी की तरह पूजते थे। एक मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा महिला थी व एक निम्न श्रेणी की महिला थी, जो जिंदगीभर अपने शराबी पति के हाथों पिटती रही थी। भगवान ने उन तीनों से एक सवाल किया, 'सुना है,... आगे पढ़े

रिश्वत

Updated on 12 April, 2013, 15:17
हर न्यूज चैनल पर अण्णा हजारे के अनशन की खबर थी। पूरा देश आंदोलित हो उठा था। नेहा ने घड़ी पर नजर डाली। 11 बज गए, विवेक अभी तक नहीं लौटे। बच्चे खाना खाकर सो गए। नेहा ने टीवी बंद कर दिया और अखबार खोलकर बैठ गई। अखबार में भी... आगे पढ़े

संस्कार

Updated on 12 April, 2013, 15:15
आज उनके बेटे का परीक्षा-परिणाम घोषित होना था। उन्होंने बेटे से कहा- 'तुमने इस बार की परीक्षा में जितनी मेहनत की है, उसे देखते हुए तो यही लगता है, कि कम से कम अस्सी प्रतिशत अंक तो तुम्हें मिलेंगे ही, किंतु परिणाम जानने के बाद अतिउत्साह में आकर कहीं तुम... आगे पढ़े