Saturday, 16 December 2017, 9:05 AM

धर्म कर्म

दक्षिण की यात्रा- श्री रामेश्वरम् धाम में श्रीराम ने स्थापित किया था शिवलिंग

Updated on 13 December, 2017, 7:00
धर्मप्राण भारत में प्राचीनकाल से ही तीर्थों की स्थापना की परंपरा रही है। इसी परंपरा के अनुसार, विशाल भारत देश को एकता-सूत्र में बांधे रखने के लिए परम पवित्र चार धामों की स्थापना चार दिशाओं में की गई है। उत्तर में हिमालय की गोद में बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारिकापुरी, पूर्व... आगे पढ़े

जब भगवान शिव की अर्धांगिनी का शरीर बना कलंक रूप

Updated on 12 December, 2017, 6:45
सती के पिता महाराज दक्ष को ब्रह्मा जी ने प्रजापति-नायक के पद पर अभिशिक्त किया। महान अधिकार की प्राप्ति से दक्ष के मन में भारी अहंकार उत्पन्न हो गया। संसार में ऐसा कौन है जिसे प्रभुता पाकर मद न हो। एक बार ब्रह्मा की सभा में बड़े-बड़े ऋषि, देवता और... आगे पढ़े

अपनी Habits से जानें, क्या शनि बनाएंगे आपको धनवान

Updated on 9 December, 2017, 7:00
शनिदेव की अपने पिता सूर्य से अत्यधिक दूरी के कारण यह प्रकाशहीन हैं। इसी कारण लोग शनिदेव को अंधकारमयी, भावहीन, गुस्सैल, निर्दयी और उत्साहहीन भी मान बैठते हैं परंतु शनि ग्रह ईमानदार लोगों के लिए यश, धन, पद और सम्मान का ग्रह है। शनि संतुलन एवं न्याय के ग्रह हैं।... आगे पढ़े

कुबेर देवी पार्वती पर हुए मोहित, गजानन ने रोका पापों का नग्र नृत्य

Updated on 7 December, 2017, 7:00
गजानन: स विज्ञेय: सांख्येभ्य: सिद्धिदायक:। लोभासुरप्रहर्ता वै आखुगश्च प्रर्वीतत:।।   भगवान श्री गणेश का गजानन नामक अवतार सांख्य ब्रह्म का धारक है। उसको सांख्ययियोगियों के लिए सिद्धिदायक जानना चाहिए। उसे लोभासुर का संहारक तथा मूषक-वाहन पर चलने वाला कहा गया है।   एक बार देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर कैलाश पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान शिव-पार्वती... आगे पढ़े

तांत्रिक क्रियाओं के लिए प्रसिद्ध हैं भारत के ये 9 मंदिर

Updated on 6 December, 2017, 7:00
भारत अपनी प्राचीन सभ्यता के लिए जाना जाता है। जिसमें पूजा-पाठ से लेकर तंत्र-मंत्र से सम्बंधित विद्याओं का भी समवेश होता है और पूरे भारत में कई ऐसे मंदिर है, जहां तांत्रिक अपनी विद्या का प्रदर्शन कर देवी-देवताओं को खुश करते हैं। इन मंदिरों में जहां एक ओर तांत्रिक तंत्र... आगे पढ़े

मृत्यु से पहले बालि ने पुत्र को दिया इन 3 बातों का ज्ञान

Updated on 5 December, 2017, 14:30
रामायण में जब श्रीराम ने बालि का वध करने के लिए उसको बाण मारा तो वह घायल होकर पृथ्वी पर गिर पड़े थे। इस अवस्था में जब पुत्र अंगद उनके पास आया तब उन्होंने उसे ज्ञान की कुछ बातें बताई थीं। ये बातें आज भी इंसान को कई बड़ी से... आगे पढ़े

चित्तौड़गढ़ में बने इस मंदिर में होती है रानी पद्मावती की पूजा

Updated on 4 December, 2017, 7:00
पद्मावती की एक महान रानी थी। जिन पर कवि मलिक मुहम्मद जायसी ने एक कविता भी लिखी है। रानी पद्मावती अपनी सुंदरता के लिए पूरे भारत में जानी जाती थी। रानी पद्मिनी के अस्तित्व को लेकर इतिहास में कोई दस्तावेज मौजूद नही है। लेकिन चित्तोड़ में हमें रानी पद्मावती की... आगे पढ़े

रामायण के ये मुख्य पात्र, जिन्होंने महाभारत में भी निभाई है महत्वपूर्ण भूमिका

Updated on 3 December, 2017, 7:20
हम सब रामायण के सभी पात्रों से जरूर वाकिफ होंगे लेकिन हम में  से शायद ही किसी को पता हो कि इस महाकाव्य में निभाए गए उन सभी पात्रों ने महाभारत में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आईए जानतें हैं उन्हीं पौराणिक पात्रों के बारे में-   हनुमानजी रामायण में प्रमुख भूमिका... आगे पढ़े

पुष्पक विमान और लंका को अपना बनाने के लिए रावण ने रचे थे ये खेल

Updated on 2 December, 2017, 7:00
कुबेर रावण का सौतेला भाई था। कुबेर धनपति था। कुबेर ने लंका पर राज कर उसका विस्तार किया था। रावण ने कुबेर से लंका को हड़पकर उस पर अपना शासन कायम किया। ऐसा माना जाता है कि लंका को भगवान शिव ने बसाया था। भगवान शिव ने पार्वती के लिए... आगे पढ़े

इस मंत्र केे जाप से मिलता है संपूर्ण भागवत का फल

Updated on 1 December, 2017, 7:40
धर्म शास्त्रों के अनुसार, भागवत का पाठ करने से पुण्य मिलता है और पाप का नाश होता है, लेकिन वर्तमान समय में संपूर्ण भागवत पढ़ने का समय शायद ही किसी के पास होगा। ऐसे में आज हम आपको एक एेसे मंत्र के बारे में बताएंगे जिसका रोजाना विधि-विधान से जप... आगे पढ़े

भगवान के आंसुओं से हुई थी रद्राक्ष नामक वृक्ष की उत्पत्ति

Updated on 30 November, 2017, 7:20
पुराणों के अनुसार रद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर की आंसुओं से हुई थी। रद्राक्ष की माला को धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। रुद्राक्ष शिव का वरदान है, जो संसार के भौतिक दु:खों को दूर करने के लिए प्रभु शंकर ने प्रकट किया था। इसके बारे में पुराणों में... आगे पढ़े

श्री कृष्ण ने कहा, ज्ञानी व्यक्ति को चौकोर घर में वास नहीं करना चाहिए

Updated on 30 November, 2017, 7:00
घर में बीमारियां और परेशानियां सदा अपना सिर उठाए रखती हैं तो आपके आशियाने पर नकारात्मकता हावी है। शास्त्रों में घर को मन्दिर कहा गया है इसलिए घर का वातावरण सात्विक होना चाहिए। घर के अन्दर एवं बाहर साफ-सफाई एवं स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए। सुबह एवं शाम मंदिर... आगे पढ़े

दुनिया के एेसे मंदिर जहां भगवान नहीं असुरों की होती है पूजा

Updated on 29 November, 2017, 7:20
हिंदू साहित्य में वेद-पुराणों को भारत का प्रमाणिक इतिहास का दर्जा प्राप्त है। कोई भी देश या कोई भी इतिहास पर शोध करने वाली संस्था इन वेदों-पुराणों को अप्रमाणिक मानती हो लेकिन भारत का हर आदमी वेदों और पुराणों को ही देश का इतिहास समझता है। यह वेद पुराण आर्यों,... आगे पढ़े

मां लक्ष्मी को एक गलती की भगवान विष्णु ने दी एेसी सजा

Updated on 27 November, 2017, 7:20
एक बार भगवान विष्णु के मन में धरती पर घूमने का विचार आया और वह अपनी यात्रा की तैयारी में लग गए। स्वामी को देख कर मां लक्ष्मी ने पूछा, आप कहां जा रहे हैं तो विष्णु जी ने कहा लक्ष्मी मैं धरती लोक पर घूमने जा रहा हूं तो... आगे पढ़े

इस श्राप के कारण भीष्म पितामह को पृथ्वी पर रहकर भोगने पड़े दुख

Updated on 26 November, 2017, 7:40
हिंदू धर्म में गंगा को सबसे पूजनीय नदी माना गया है। गंगा के संबंध में अनेक पुराणों में कई कथाएं हैं जिससें हमें इनके महत्व और इतिहास के बारे में पता लगता है। महाभारत के सबसे प्रमुख पात्र भीष्म पितामह हस्तिनापुर के राजा शांतनु तथा देवनदी गंगा के ही पुत्र... आगे पढ़े

राधा के पति अभिमन्यु, सास और ननद के बारे में भी जान लीजिए

Updated on 26 November, 2017, 7:00
आपने कान्हा और राधा की प्रेम कहानी के बारे में तो बहुत कुछ पढ़ा और सुना होगा। राधा रानी का जन्म स्थान और उनसे जुड़े बहुत-सी साक्ष्य भक्त देखते हैं। आज हम आपको बताएंगे राधारानी के ससुराल के बारे में। जी हां, कुछ मान्यताओं के अनुसार राधारानी का विवाह हुआ... आगे पढ़े

यह है वो पवित्र स्थली, जहां धरती में समाई थी सीता मैय्या

Updated on 25 November, 2017, 7:40
उत्तरी भारत के पंजाब राज्य में अमृतसर से 11 कि.मी दूर अमृतसर-चौगावा रोड पर प्राचीन व ऐतिहासिक धार्मिक स्थल ‘श्री राम तीर्थ मंदिर’ स्थित है। यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। न केवल इस मंदिर का, अपितु इस पावन स्थली का भी इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है।... आगे पढ़े

कलयुग के न्यायधीश शनि देव दिलवलाते हैं कुंडली के सबसे बड़े दोष से मुक्ति

Updated on 25 November, 2017, 7:00
ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से कुण्डली में निर्मित पितृदोष जीवन में समस्याओं तथा बाधाओं का कारण है। ज्योतिष के मतानुसार पितृदोष को कष्टकारी और बाधक योग माना जाता है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में पितृदोष का कारण सूर्य, शनि, राहु और केतु ग्रह की स्थिति होती है। कुण्डली में पितृदोष... आगे पढ़े

कान्हा को स्वस्थ करने के लिए राधा ने किया कुछ ऐसा, जानकर हो जाएंगे हैरान

Updated on 23 November, 2017, 7:00
चरणामृत से संबंधित एक पौराणिक गाथा काफी प्रसिद्ध है जो हमें श्रीकृष्ण एवं राधाजी के अटूट प्रेम की याद दिलाती है। कहते हैं कि एक बार नंदलाल काफी बीमार पड़ गए। कोई दवा या, जड़ी-बूटी उन पर बेअसर साबित हो रही थी। तभी श्रीकृष्ण ने स्वयं ही गोपियों से एक... आगे पढ़े

क्यों मानव रक्त को सफेद रंग में बदलना चाहता था रावण, जानिए वजह

Updated on 22 November, 2017, 7:00
रावण जितना दुष्ट था, उसमें उतनी खुबियां भी थीं शायद इसलिए कई बुराइयों के बाद भी रावण को महाविद्वान और प्रकांड पंडित माना जाता था। रावण से जुड़ी कई रोचक बातें हैं, जो आम कहानियों में सुनने को नहीं मिलती। विभिन्न ग्रंथों में रावण को लेकर कई बातें लिखी गई... आगे पढ़े

श्रीमद्भगवद्गीता: शुद्ध भक्त वही जो फल की इच्छा न करे

Updated on 21 November, 2017, 8:00
श्रीमद्भगवद्गीता यथारूपव्याख्याकार : स्वामी प्रभुपाद  अध्याय 7: भगवद्ज्ञान    सत्या श्रद्धया युक्तस्तस्याराधनमीहते। लभते च तत: कामान्मयैव विहितान्हि तान्।। 22।।   अनुवाद एवं तात्पर्य ऐसी श्रद्धा से समन्वित वह देवता विशेष की पूजा करने का यत्न करता है और अपनी इच्छा की पूर्ति करता है। किंतु वास्तविकता तो यह है कि ये सारे लाभ केवल मेरे द्वारा प्रदत्त... आगे पढ़े

कुंभकर्ण के पुत्र का वध कर क्यों यहां विराजे थे शंकर भगवान

Updated on 20 November, 2017, 6:30
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में भीमाशंकर का स्थान छठा है। यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किमी दूर सहाद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना के पीछे कुंभकर्ण के पुत्र भीम की एक कथा प्रसिद्ध है। ऐसे हुई थी ज्योतिर्लिंग की स्थापना कुंभकर्ण के एक पुत्र... आगे पढ़े

ये हैं गंगा मैय्या के मुख्य नाम, जानिए इन नामों से जुड़ी कहानी

Updated on 19 November, 2017, 7:00
हिंदू धर्म में गंगा नदी एक विशेष स्थान रखती है, इसे मां स्वरुप माना जाता है। ग्रंथों में गंगा के अनेकों नाम का विवरण मिलता है, गंगा स्त्रोत में भी गंगा के 108 नाम बताए गए है। जिनके होने के पीछे के कोई न कोई कारण व कहानी है। जानते... आगे पढ़े

तमिल कवि वल्लुवर की पत्नी ने शान्ति से मरने के लिए जानना चाहा गहरा राज

Updated on 18 November, 2017, 7:00
तमिल कवि वल्लुवर की स्त्री का नाम वासुकी था। वह बड़ी ही पतिव्रता थीं। विवाह के दिन वल्लुवर ने खाना परोसते समय उससे कहा, ‘‘मेरे खाना खाते समय नित्य एक कटोरे में पानी तथा एक सूई रख दिया करो।’’   वासुकी ने जीवनपर्यंत पति की इस आज्ञा का पालन किया। जीवन के... आगे पढ़े

वाणी की ये विशेषताएं, समाज में बढाएंगी मान-सम्मान

Updated on 17 November, 2017, 7:10
इंसान का व्यवहार, घर-परिवार और समाज में स्थिति कैसी है, ये सब बहुत हद तक उसकी वाणी पर निर्भर करता है। सामने वाले से बात करते समय हम किन शब्दों का प्रयोग और किस लहजे में बात करतें हैं, ये सब ही हमें समाज में मान-सम्मान प्रदान करवाता है। अगर... आगे पढ़े

बिना गर्भ के जन्मे थे हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज

Updated on 17 November, 2017, 6:30
हम सब को ये पता है कि हनुमान जी ब्रह्मचारी थे, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वो एक पुत्र के पिता बने थे हालांकि यह पुत्र वीर्य कि जगह पसीने की बूंद से हुआ था। जब हनुमान जी सीता की खोज में लंका पहुंचे थे। तब उनको मेघनाद... आगे पढ़े

गांधारी के श्राप के कारण हुआ यदुवंश का नाश

Updated on 16 November, 2017, 7:40
अठारह दिन चले महाभारत के युद्ध में रक्तपात के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। इस युद्ध में कौरवों के समस्त कुल का नाश हुआ, साथ ही पांचों पांडवों को छोड़कर पांडव कुल के अधिकांश लोग मारे गए। लेकिन इसके कारण, एक और वंश का खात्मा हो गया वो था ‘श्री... आगे पढ़े

गुरूवार को करें ये उपाय, बड़ी से बड़ी समस्या होगी समाप्त

Updated on 16 November, 2017, 6:30
गुरुवार को बेहद खास दिन माना जाता है। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा करने का विधान है। गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं। घर में सुख समृद्धि और संपन्नता लाने के लिए गुरुवार के दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। कुछ ऐसे ही... आगे पढ़े

चाणक्य नीति: कर्म एवं भाग्य

Updated on 15 November, 2017, 6:45
आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया।   सदियां गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत ‍और नीतियां प्रासंगिक हैं तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्‍ययन, चिंतन और जीवानानुभवों... आगे पढ़े

हनुमान नहीं भरत थे श्रीराम के सबसे बड़े भक्त

Updated on 14 November, 2017, 7:20
हनुमान जी जब पर्वत लेकर लौटते है तो भगवान श्रीराम से कहते हैं। प्रभु आपने मुझे संजीवनी बूटी लेने नहीं भेजा था। आपने तो मुझे मेरी मूर्छा दूर करने के लिए भेजा था।    "सुमिरि पवनसुत पावन नामू।    अपने बस करि राखे रामू"   हनुमान जी ने पवित्र नाम का स्मरण करके श्री रामजी... आगे पढ़े

यहां भक्तों को आशीर्वाद देता है एक बंदर

Updated on 13 November, 2017, 15:15
राजस्थान में एेसे कई मंदिर हैं जो भक्तों की आस्था के प्रतीक मने जाते हैं। उन में से  एक मंदिर अजमेर के बजरंगगढ़ का हनुमान मंदिर है। अजमेर शहर में खूबसूरत आनासागर झील के नजदीक पहाड़ी पर हनुमान जी का ये मंदिर बहुत खास है, जहां भक्त नैसर्गिक वातावरण में... आगे पढ़े

16 सोमवार व्रत करने से होती है शिवलोक की प्राप्ति

Updated on 13 November, 2017, 6:45
सोमवार का व्रत श्रावण, चैत्र, वैसाख, कार्तिक और माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू किया जाता है। कहते हैं इस व्रत को 16 सोमवार तक श्रद्धापूर्वक करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आइए जानें सोलह सोमवार की व्रत कथा- एक समय की बात है पार्वती जी... आगे पढ़े

इस वजह से भगवान विष्णु को प्रिय है तुलसी

Updated on 12 November, 2017, 8:40
श्रीमद् देवी भागवत पुराण अनुसार जलंधर असुर शिव का अंश था, लेकिन उसे इसका पता नहीं था। जलंधर बहुत ही शक्तिशाली असुर था। इंद्र को पराजित कर जलंधर तीनों लोकों का स्वामी बन बैठा। यमराज भी उससे डरने लगे।   एक बार भगवान शिव ने अपना तेज समुद्र में फेंक दिया तथा... आगे पढ़े

एेसे लोगों का सबसे बड़ा दुश्मन होता है मन

Updated on 12 November, 2017, 7:15
श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप व्याख्याकार: स्वामी प्रभुपाद  अध्याय छह ध्यानयोग मन मित्र और शत्रु बन्धुरात्मात्मनस्त्स्य येनात्मैवात्मना जित। अनात्मनस्तु शत्रुत्वे वर्तेतात्मैव शत्रुवत्।।६।। शब्दार्थ: बन्धु:—मित्र; आत्मा—मन; आत्मन:—जीव का; तस्य—उसका; येन—जिससे; आत्मा—मन; एव—निश्चय ही; आत्मना—जीवात्मा के द्वारा; जित:—विजित; अनात्मन:—जो मन को वश में नहीं कर पाया उसका; तु—लेकिन; शत्रुत्वे—शत्रुता के कारण; वर्तेत—बना रहता है; आत्मा एव—वही मन; शत्रुवत्—शत्रु की भांति। अनुवाद: जिसने... आगे पढ़े

सप्ताह के इस दिन करें यह कार्य, सफलता चूमेगी आपके कदम

Updated on 11 November, 2017, 7:00
ज्योतिष में सप्ताह के सात दिनों की प्रकृति और स्वभाव बताए गए हैं। इन सात दिनों पर ग्रहों का अपना प्रभाव होता है। अगर आप इन दिनों की प्रकृति और स्वभाव के अनुसार कार्यों को करें तो जरूर आपकी किस्मत साथ देगी। निश्चित ही हर काम में सफलता मिलेगी। जिस... आगे पढ़े

16 शुक्रवार तक करें इस देवी की पूजा, होगा भाग्योदय

Updated on 10 November, 2017, 7:30
संतोषी मां को सभी इच्छाओं को पुर्ण करने वाली, संतोष प्रदान करन वाली और सभी परेशानियों को हर लेने वाली देवी मां माना जाता है। यह प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की पुत्री है, जो भक्तों के दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल देती है एवं सुख समृद्धि प्रदान करती है।... आगे पढ़े

महाभारत ग्रंथ है उपदेश रत्नों की खान

Updated on 10 November, 2017, 7:15
महाभारत का भारतीय वाङ्मय में बहुत ऊंचा स्थान है। इसे पंचम वेद भी कहते हैं। इसका विद्वानों में वेदों सा आदर है। इसमें अर्थ, कर्म, काम और मोक्ष चारों ही पुरुषार्थों का निरुपण किया गया है। धर्म के तो प्राय: सभी अंगों का इसमें वर्णन है। वर्णाश्रमधर्म, राजधर्म, दानधर्म, श्राद्ध... आगे पढ़े

काठगढ़ महादेव मंदिर में है अर्धनारीश्वर शिवलिंग

Updated on 9 November, 2017, 7:15
हिमाचल प्रदेश की भूमि को देवभूमि कहा जाता है। यहां पर बहुत से आस्था के केंद्र विद्यमान हैं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के इंदौरा उपमंडल में काठगढ़ महादेव का मंदिर स्थित है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां शिवलिंग ऐसे स्वरुप में विद्यमान हैं जो दो भागों में... आगे पढ़े

इस मंदिर में लगातार बढ़ रहा श्री गणेश की प्रतिमा का आकार

Updated on 8 November, 2017, 6:30
भारत में अलग-अलग धर्मों के अनुयायी रहते हैं। सभी धर्मों का इतिहास चमत्कारिक घटनाओं से भरा हुआ है। स्वर्गलोक में बैठे ईश्वर समय-समय पर धरती पर अवतार लेते आए हैं, लेकिन कई बार साक्षात रूप में नहीं बल्कि, प्रतीकात्मक रूप में ही अपने भक्तों को अपने होने का एहसास करवाते... आगे पढ़े

त्रिवेंद्रम के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखाने में छिपा है एक राज

Updated on 7 November, 2017, 17:15
 भगवान विष्‍णु का है मंदिर    श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर भारत के केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है। यह मंदिर भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल है। इसके साथ ही इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्‍व भी है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर विष्णु भक्तों का महत्वपूर्ण आराधना स्थल... आगे पढ़े

मां देवकी की इच्छा पूर्ती के लिए श्रीकृष्ण गए यमलोक

Updated on 7 November, 2017, 10:10
हम सब ये तो जानतें ही होंगे कि श्रीकृष्ण के मामा कंस ने अपनी मृत्य के भय से अपनी ही चचेरी बहन को बंधी बना लिया था और उसकी छ: संतानों को मार डाला था। लेकिन हम में से बहुत कम लोगों को येे पता होगा कि श्री कृष्ण ने... आगे पढ़े

अंगारकी चतुर्थी पर इस उपाय से म‍िलेगी कर्ज से मुक्‍त‍ि, जानें गणेश पूजन का मुहुर्त व व‍िध‍ि

Updated on 6 November, 2017, 17:15
गणेश जी जल्‍दी प्रसन्‍न होते ह‍िंदू धर्म में दो हर माह में दो चतुर्थी मनाई जाती हैं। ज‍िनमें एक अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष में और दूसरी पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष में मनाई जाती है। ऐसे में इस बार 7 नवंबर को मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी पर मंगलवार का द‍िन पड़ने... आगे पढ़े

मार्गशीर्ष माह में चद्रंमा बरसाएंगे अमृत, मनोविकारों से मिलगी मुक्ति

Updated on 6 November, 2017, 6:30
 दि॰ 06.11.17 को मार्गशीर्ष महीने के पहले सोमवार व रोहिणी नक्षत्र के उपलक्ष्य में चंद्रदेव का पूजन श्रेष्ठ रहेगा। भगवद्गीता के दशम अध्याय में श्रीकृष्ण ने अपनी 56 विशिष्ट विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा है कि मैं संवत्सर में मार्गशीर्ष माह हूं। श्रीकृष्ण ने गोपियों से कहा था कि... आगे पढ़े

खुद को करें भगवान श्री कृष्ण को समर्पित, प्रदान होगी सद्गति

Updated on 5 November, 2017, 8:00
भगवान श्रीकृष्ण साक्षात् परिपूर्ण ब्रह्म के अवतार माने जाते हैं। आज से लगभग पांच हजार साल पहले मथुरा नगरी में जब अाकाशवाणी में कंस ने बहन देवकी के आठवें पुत्र से अपनी मौत के बारे में सुना तो वह भगवान श्री कृष्ण को अपना शत्रु मानने लगा। उसने अपने मंत्रियों... आगे पढ़े

मक्‍का मदीना में भी जिस के चमत्‍कार को लोगों ने किया सलाम

Updated on 4 November, 2017, 11:15
जब मक्‍का पहुंचे नानक साहब   कहते हैं कि एक बार सिक्‍खों के प्रथम गुरू श्री नानक देव जी यात्रा करते हुए मक्‍का मदीना पहुंच गए। जब वह मक्का पहुंचे तो शाम हो चुकी थी और उनके सभी सहयात्री काफी थकान का अनुभव कर रहे थे। मक्का में मुस्लिम समुदाय का प्रसिद्ध... आगे पढ़े

युद्ध के दौरान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को करवाया था कर्तव्याभास

Updated on 4 November, 2017, 10:30
कुरुक्षेत्र में पार्थसारथि भगवान श्रीकृष्ण धनुर्धर अर्जुन का रथ हांक ले आए थे। पांडवों और कौरवपुत्रों की विशाल चतुरंगिणी सेनाएं दोनों ओर आमने-सामने खड़ी थीं। कौरव सेना का नेतृत्व महाबली भीष्म पितामह कर रहे थे और पाण्डवों ने व्यूह रचना का भार द्रुपद राज के पुत्र धृष्टद्युम्न को सौंपा। दोनों... आगे पढ़े

कार्तिक पूर्णिमा में इस मुहूर्त पर पूजा करें तो होंगी लक्ष्‍मी प्रसन्‍न

Updated on 3 November, 2017, 18:00
क्‍या है कार्तिक पूर्णिमा   हिंदू धर्म के अनुसार साल में प्रतिमाह एक पूर्णिमा आती है यानि प्रतिवर्ष 12 पूर्णिमाएं होती हैं। इस में कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा कहलाती है। इसे त्रिपुरी पूर्णिमा या गंगा स्नान की पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष ये... आगे पढ़े

विष्णु पुराण के अनुसार यहां पर यौन संबंध बनाने पर होती है धन की हानि

Updated on 3 November, 2017, 11:07
विष्णु पुराण के ग्यारहवें अध्याय में गृहस्थों के लिए नियमों की चर्चा करते हुए यौन संबंधों को लेकर भी दिशानिर्देश दिया गया है। इनमें बताया गया है कि सृष्टि से विकास के लिए प्रकृति में मैथुन की व्यवस्था है लेकिन इसके लिए कुछ नियमों का ध्यान रखना भी मनुष्यों के... आगे पढ़े

श्री घुश्मेश्वर कैसे बने अंतिम ज्योर्तिलिंग, पढ़ें कथा

Updated on 3 November, 2017, 10:00
भगवान शिव के बारह ज्योर्तिलिंग देश के अलग-अलग भागों में स्थित हैं। इन्हें द्वादश ज्योर्तिलिंग के नाम से जाना जाता है। इन ज्योर्तिलिंग के दर्शन, पूजन, आराधना से  भक्तों के जन्म-जन्मांतर के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं। वे भगवान शिव की कृपा के पात्र बनते हैं। ऐसे कल्याणकारी ज्योर्तिलिंगों... आगे पढ़े

जानिए किस विधि से माता तुलसी का विवाह करना आपके लिए हो सकता है शुभ

Updated on 31 October, 2017, 12:15
देव उठनी एकादशी को प्रबोधनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस एकादशी के दिन व्रत करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। वैसे तो सभी एकादशी का व्रत करने से भी पापों से मुक्ति मिलती है, लेकिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के... आगे पढ़े