Saturday, 16 December 2017, 9:07 AM

किस्से

उस डेढ़ पसली में अब वो बात कहां

Updated on 13 November, 2017, 12:12
आदमी जब फिसलता है तो खुद के शरीर का बोझ ही उसे पटक देता है। अखाड़ों में बड़े बड़े सूरमाओं को जो देंह पछाड़ देती है अटके वक्त में वही स्वयं की दुश्मन बन जाती है। कल तक जो खूबियां थी आज वही मजाक बना देती हैं। सार्वजनिक जीवन में... आगे पढ़े

"भविष्य सुरक्षित,वर्तमान तनावग्रस्त "

Updated on 11 November, 2017, 12:41
व्यस्तता भरे दिनों में कार्यों का निष्पादन कर पाना मुश्किल जरूर होता है परन्तु कार्य पूर्ण होने के बाद की अनुभूति बहुत ही सुखद होती है। यकीन न हो तो स्वयं के बारे में सोच कर महसूस कर सकते है कि आप अपने कार्यों का सफलतापूर्वक निष्पादन के पश्चात जब... आगे पढ़े

तुम्हीं ने दर्द दिया है तुम्हीं दवा देना

Updated on 7 November, 2017, 13:21
दो मसले मुझे हमेशा बहुत परेशान करते हैं। एक डाक्टरों की पर्ची और दूसरी बड़ी अदालतों के फैसलों की इबारत। मैं अँग्रेजी माध्यम से विग्यान का स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधिधारी हूँ जब मैं असहज और परेशान हो जाता हूँ तो उन लोगों की क्या कहिए जिन्हें पढाई के समय एबीसीडी... आगे पढ़े

फिर भी जलती रहेगी लोहिया के विचारों की मशाल

Updated on 13 October, 2017, 12:55
राजनीति ऐसा तिलस्म है कभी सपनों को यथार्थ में बदल देता है तो कभी यथार्थ को काँच की तरह चूर चूर कर देता है। काँग्रेसमुक्त भारत की सोच डाक्टर राममनोहर लोहिया की थी। आज देश लगभग कांग्रेस मुक्त है पर लोहिया मुखपृष्ठ पर नहीं हैं। 12 अक्टूबर को लोहिया जी... आगे पढ़े

अपने लिये नहीं परिजन के लिये करें सुरक्षित ड्राइव

Updated on 5 September, 2017, 12:54
रोजमर्रा की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में जीने के लिये लोगों ने रफ्तार का सहारा ले रखा है। इसमें वे यह भूल जाते हैं कि हमारे पीछे भी कोई है। हम बात कर रहे हैं उन लोगों की जो तेज गति से वाहन चलाकर काल के गाल में समा जाते... आगे पढ़े

रूपए की इज्जत का सवाल है बाबा

Updated on 2 September, 2017, 12:16
जब जब रुपया धड़ाम से नीचे गिरता है तो अपने देश के स्वयंभू अर्थशास्त्रियों के बीच हाहाकार मच जाता है। तेजडिय़ों, मंदडिय़ों के चेहरे सूखने लगते हैं। शेयर बाजार में सेनसेक्स और निफ्टीे हार्टअटैक नापने की मशीन के कांटे की तरह ऊपर-नीचे होने लगते हैं। हाल फिलहाल ऐसा ही कुछ... आगे पढ़े

मुल्ला का प्रवचन

Updated on 1 March, 2017, 13:49
एक बार मुल्ला नसरुदीन को प्रवचन देने के लिए आमंत्रित किया गया . मुल्ला समय से पहुंचे और स्टेज पर चढ़ गए , “ क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ ? मुल्ला ने पूछा . “नहीं ” बैठे हुए लोगों ने जवाब दिया . यह सुन मुल्ला नाराज़ हो... आगे पढ़े

बर्थडे स्पेशलः पाकिस्तान में पैदा हुए भगत सिंह की 10 अनकही बातें

Updated on 28 September, 2016, 13:40
शहीद-ए-आजम भगत सिंह का आज 110वां जन्मदिवस है। इस मौके पर आइए आपको बताते हैं, उनके जीवन से जुड़ी 10 अनकहीं बातें। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले (अब पाकिस्‍तान) के बंगा गांव में एक सिख परिवार में हुआ था। हालांकि... आगे पढ़े

इकलौता अंग्रेज जिसने रानी लक्ष्मीबाई को देखा...हैरान होकर बोला कि…!

Updated on 5 June, 2016, 11:24
भारतीय परंपराएं थीं या इत्तेफाक कि रानी लक्ष्मीबाई को रूबरू देखने का सौभाग्य बस एक गोरे आदमी को मिला। अंग्रेजों के खिलाफ जिंदगी भर जंग लड़ने वालीं और जंग के मैदान में ही लड़ते-लड़ते जान देने वालीं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को बस एक अंग्रेज ने देखा था। ये अंग्रेज... आगे पढ़े

जब गांधी जी की हो गई थी बोलती बंद, कांपने लगे थे हाथ-पैर...

Updated on 21 May, 2016, 17:24
बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि अपने शुरुआती समय में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी बेहद शर्मीले स्‍वभाव के थे, वे न केवल दूसरों से बात करने में बल्‍कि कुछ कहने, आने-जाने में भी संकोच करते थे। गांधी जी का अध्‍ययन काफी था और वे कई किताबों के जरिये लगातार नित्... आगे पढ़े

इस भारतीय योद्धा के नाम से सपने में भी कांपता था अकबर....

Updated on 11 May, 2016, 1:45
यूं तो हिंदुस्‍तान की सरजमीं पर एक से एक जाबांज योद्धा, और रणबांकुरे हुए, जिन्‍होंने अपनी तलवार के बल पर बाहरी आक्रांताओं, विदेशी शत्रुओं से अपनी मातृभूमि की रक्षा की। मुगलों सहित विदेशियों के सत्‍ता विस्‍तार को रोकने में अपनी वीरता और हिम्‍मत का बेहद साहसी परिचय दिया। फिर चाहे... आगे पढ़े

पति-पत्नी के मजेदार किस्से : जोक्स:

Updated on 2 April, 2014, 20:10
एक बार एक महिला की शव यात्रा निकल रही थी. शवयात्रा के आगे आगे एक कुत्ता चल रहा था और पीछे बहुत सारे आदमी लाइन में चल रहे थे. तभी रास्ते में एक आदमी की नज़र आगे चल रहे कुत्ते और पीछे चल रही आदमियों की लाइन पर पड़ती है... आगे पढ़े

अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : ऊंट की गर्दन

Updated on 5 March, 2014, 17:50
बादशाह अकबर बीरबल की हाजिर जवाबी के बडे़ कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की, लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को धन राशि (पुरस्कार) प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बड़ी ही उलझन में थे कि महाराज को याद... आगे पढ़े

अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : कल, आज और कल

Updated on 5 March, 2014, 17:46
एक दिन बादशाह अकबर ने ऐलान किया कि जो भी मेरे सवालों का सही जवाब देगा उसे भारी ईनाम दिया जाएगा। सवाल कुछ इस प्रकार से थे : - * ऐसा क्या है जो आज भी है और कल भी रहेगा? * ऐसा क्या है जो आज भी नहीं है और कल... आगे पढ़े

रहस्यमय कछुवा

Updated on 27 February, 2014, 13:39
कई साल पहले अयोध्या नगरी में सरयू के किनारे जहां आज गुप्तार घाट है, के पूरे इलाक़े पर एक बहुत बड़े रईस ज़मींदार ठाकुर गंभीर सिंह की ज़मीन थी! नदी के किनारे-किनारे फलदार वृक्ष, रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित बाग थे, जिनमें साल के बारह महीने फूल खिले रहते थे। गुप्तार घाट... आगे पढ़े

शराबी यारों के ...किस्से

Updated on 27 February, 2014, 13:14
अक्सर हर इन्सान के कुछ ऐसे यार होते ही है कि जिनसे वो बचना चाहता है।  मेरे भी कुछ ऐसे  ही यार है जिनसे मै बचता फिरता हूँ। वेसे मेरा और उनका मिलना केवल होली के शुभ  अवसर पर  ही होता है वो भी कुछ 10 मिनट के लिये पर... आगे पढ़े

मुल्ला और पड़ोसी

Updated on 19 February, 2014, 19:20
एक पड़ोसी मुल्ला नसरुद्दीन के द्वार पर पहुंचा . मुल्ला उससे मिलने बाहर निकले . “ मुल्ला क्या तुम आज के लिए अपना गधा मुझे दे सकते हो , मुझे कुछ सामान दूसरे शहर पहुंचाना है ? ” मुल्ला उसे अपना गधा नहीं देना चाहते थे , पर साफ़ -साफ़ मन करने... आगे पढ़े

मुल्ला बने कम्युनिस्ट

Updated on 19 February, 2014, 19:20
एक बार खबर फैली की मुल्ला नसरुदीन कम्युनिस्ट बन गए हैं . जो भी सुनता उसे आश्चर्य होता क्योंकि सभी जानते थे की मुल्ला अपनी चीजों को लेकर कितने पोजेसिव हैं . जब उनके परम मित्र ने ये खबर सुनी तो वो तुरंत मुल्ला के पास पहुंचा . मित्र : “ मुल्ला... आगे पढ़े

अकबर और बीरबल रोचक किस्से - पंडित जी

Updated on 29 January, 2014, 19:53
शाम ढलने को थी। सभी आगंतुक धीरे-धीरे अपने घरों को लौटने लगे थे। तभी बीरबल ने देखा कि एक मोटा-सा आदमी शरमाता हुआ चुपचाप एक कोने में खड़ा है। बीरबल उसके निकट आता हुआ बोला, ‘‘लगता है तुम कुछ कहना चाहते हो। बेहिचक कह डालो जो कहना है। मुझे बताओ,... आगे पढ़े

तेनालीराम के चतुराई के किस्से

Updated on 29 January, 2014, 19:45
अच्छा, तू माँ से भी मजाक करेगा ? कोई छह सौ वर्ष पुरानी बात है। विजयनगर का साम्राज्य सारी दुनिया में प्रसिद्ध था। उन दिनों भारत पर विदेशी आक्रमणों के कारण प्रजा बड़ी मुश्किलों में थी। हर जगह लोगों के दिलों में दुख-चिंता और गहरी उधेड़-बुन थी। पर विजयनगर के प्रतापी... आगे पढ़े

दो भाई और तोता-मैना !

Updated on 23 January, 2014, 21:52
मदनपुर के राजा रणजीत सिंह के दो छोटे-छोटे बेटे थे। वे न केवल सुन्दर थे बल्कि बुद्धिमान भी साबित हुए। जब रानी अचानक बीमार पड़ गई तो उनका जीवन त्रासदी से भर गया। राज्य का कोई भी वैद्य उसे रोग से मुक्त न कर सका। अन्तिम सांस लेने से पहले... आगे पढ़े

प्रेरक कथाः आखिरी दरवाजा आ गया

Updated on 18 January, 2014, 13:42
एक फकीर था। वह भीख मांगकर अपनी गुजर-बसर किया करता था। भीख मांगते वह बूढ़ा हो गया। उसे आंखों से कम दिखने लगा। एक दिन भीख मांगते हुए वह एक जगह पहुंचा और उसने आवाज लगाई। किसी ने कहा, आगे बढ़ जाओ। यह ऐसे आदमी का घर नहीं है, जो... आगे पढ़े

सुरीला सफर

Updated on 15 January, 2014, 13:27
साक्षी गुनगुना रही थी। तभी उसकी सहेली शिखा ने उसे टोकते हुए कहा-तुम सही सुर-ताल के साथ गाना नहीं गा रही हो। अगर तुम्हें बढि़या गायिका बनना है, तो खूब अभ्यास करना होगा। यह सुनकर साक्षी नाराज हो गई और बाहर निकल गई। शिखा उसके पीछे-पीछे बहुत दूर तक गई... आगे पढ़े

तेनालीराम और चोटी का किस्सा

Updated on 8 January, 2014, 23:15
चोटी की कीमत एक दिन बातों-बातों में राजा कृष्णदेव राय ने तेनालीराम से पूछा, ‘अच्छा, यह बताओ कि किस प्रकार के लोग सबसे अधिक मूर्ख होते हैं और किस प्रकार के सबसे अधिक सयाने?’तेनालीराम ने तुरंत उत्तर दिया, ‘महाराज! ब्राह्मण सबसे अधिक मूर्ख और व्यापारी सबसे अधिक सयाने होते हैं।’ ‘ऐसा... आगे पढ़े

बेटी दे दो - अकबर बीरबल के किस्से

Updated on 1 January, 2014, 18:43
एक शाम को बीरबल और बादशाह अकबर घूमने के लिए निकले. चलते चलते रास्ते में एक बड़ा बरगद का वृक्ष दिखाई दिया . उसे देख कर बीरबल ने कहा - देखिये जहाँपनाह ! कैसा अच्छा वर है ! बादशाह को शरारत सूझी , उन्होंने तुरंत कहा , बेटी दे दो... आगे पढ़े

तेनालीराम के किस्से : कुएँ बनाने का आदेश

Updated on 1 January, 2014, 18:38
एक बार राजा कृष्णदेव राय ने अपने गृहमंत्री को राज्य में अनेक कुएँ बनाने का आदेश दिया। गर्मियॉ पास आ रही थीं, इसलिए राजा चाहते थे कि कुएँ शीघ्र तैयार हो जाएँ, ताकि लोगो को गर्मियों में थोड़ी राहत मिल सके। गृहमंत्री ने इस कार्य के लिए शाही कोष से... आगे पढ़े

सजा बनी सीख

Updated on 29 December, 2013, 16:42
एक राजा था। वह बड़ा सनकी था। उसे यदि किसी व्यक्ति पर गुस्सा आता, तो उसे रात भर बर्फ जैसे ठंडे पानी में खड़े होने की सजा दे देता। एक दिन उसे किसी बात पर अपने महामंत्री अरुणेश पर गुस्सा आ गया। उसने अरुणेश को रात भर ठंडे पानी में... आगे पढ़े

गुलाबी तितली

Updated on 24 December, 2013, 13:42
भीनी बेटा आओ, अब घर चलें। मम्मी ने आवाज लगाई। पर भीनी तो बागीचे में फूलों और तितलियों के बीच मशगूल थी। मम्मी ने एक बार फिर आवाज दी, बेटा शाम हो रही है, हमें घर जाना है। पौधों के बीच दौड़ते हुए भीनी ने कहा, मम्मी बस एक मिनट।... आगे पढ़े

ट्रैफिक पुलिस की सीटी

Updated on 7 December, 2013, 10:12
एक बूढ़ी औरत बिना लापरवाही से सड़क पार कर रही थी, उसे ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया. ट्रैफिक ऑफिसर: मैं इतनी देर से सीटी बजा रहा हूं, आपको सुनाई नहीं देता? बूढ़ी औरत: क्यों नहीं सुनाई देगा, मैं बहरी नहीं हूं. ट्रैफिक ऑफिसर: तो आप रुकी क्यों नहीं? बूढ़ी औरत: बेटा, अब सीटी सुनकर... आगे पढ़े

पति-पत्नी के मजेदार किस्से

Updated on 3 December, 2013, 14:10
पति-पत्नी जोक्स एक बार एक महिला की शव यात्रा निकल रही थी. शवयात्रा के आगे आगे एक कुत्ता चल रहा था और पीछे बहुत सारे आदमी लाइन में चल रहे थे. तभी रास्ते में एक आदमी की नज़र आगे चल रहे कुत्ते और पीछे चल रही आदमियों की लाइन पर पड़ती... आगे पढ़े

...तो इंसानों के पूर्वज कभी चूहों से भी छोटे थे

Updated on 7 June, 2013, 16:40
बीजिंग दुनिया में इंसानों के प्राचीन इतिहास को लेकर समय समय पर वैज्ञानिक तथ्य सामने आते रहे हैं। एक नए अध्ययन की माने तो बहुत अरसा पहले इंसानों के पूर्वज आकार में चूहों से भी छोटे होते थे। चीन के हुबेई प्रांत में 2003 में मिले दुनिया के सबसे पुराने कंकाल... आगे पढ़े

काँच की बरनी और दो प्याले चाय रूपेश दिवेदी

Updated on 3 May, 2013, 5:58
दर्शनशास्त्र के एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं। उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बड़ी बरनी मेज पर रखी और उसमें टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक... आगे पढ़े

वोट का किस्सा

Updated on 27 April, 2013, 14:25
"तुम हमारी मार्क शीट देखोगे और फिर सोचोगे और फिर वोट करोगे ...अगर ऐसा करते ना भैय्या, तो चरणलाल सरपंच नही बनता| तब एक मुर्गी और दारु लेके वोट दिया था अब एक समोसा और चाय लेके कर दो भैय्या" ओमी ने किशन से कहा| गाँव के लोगो को पता... आगे पढ़े

वादो का हिसाब किताब

Updated on 27 April, 2013, 14:16
पुराने कपड़ो में आज बड़के भैय्या को वो पुरानी शर्ट नज़र आयी जो कभी ओमी ने खरीदवायी थी | जब बड़के भैय्या कॉलेज में थे तब एक बार बड़े जोश से यह सिद्ध कर रहे थे कि छोटे शहरो में अच्छे कपडे नहीं मिलते और हर दुकान पर जाकर उनका... आगे पढ़े

नाई की दुकान

Updated on 27 April, 2013, 14:13
इतने सुबह तो हम कभी नाई की दुकान में नहीं आये थे, लेकिन कल बातो बातो में जो वादा कर बैठे कि तुम्हारी दुकान पर दिन बैठेंगे और अपने अनुभवों पर कुछ लिखेंगे| अब वादा किया तो आना तो पड़ेगा ही कम से कम अपने अनुभव का नाम तो सोच... आगे पढ़े