Thursday, 19 September 2019, 3:19 AM

Exclusive News

आजादी का सपना

Updated on 2 September, 2019, 11:16
' हमें कहां जाना चाहिए और हमारी क्या कोशिश होना चाहिए, जिससे हम आम इंसान, किसानों और कामगारों के लिए आजादी के और अवसर ला सकें। हम एक सुखी, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील देश का निर्माण कर सकें और हम ऐसी सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक संस्थाओं की स्थापना कर सकें जो... आगे पढ़े

श्री सदशिव कौतुक की दो लघुकथाओं पर शार्ट फिल्मों का प्रदर्शन

Updated on 17 July, 2019, 12:22
भोपाल। म.प्र लेखक संघ्र के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार सदाशिव कौतुका का दो लघुकथाओं 'परिंदेÓ और 'चल जमूरेÓ पर बनी शार्ट फिल्में गत दिनों जाल सभागार में प्रदर्शित की गई। निर्देशक श्री राजेश के. राठी (मुंबई) के कुशल निर्देशन का जादू इन दोनों फिल्मों में बेहतर तरीके से दिखाया गया। दोनों... आगे पढ़े

पर्यावरण और मानव जीवन...

Updated on 15 July, 2019, 11:47
प्रकृति के साथ की गई छेड़छाड़ एवं पर्यावरण को पहुंचाए गए नुकसान के कारण कैंसर एवं श्वास संबंधी बीमारियों ने बड़ी संख्या में मानव जाति को घेर लिया है। हमारे देश में 13 प्रतिशत व्यक्ति श्वांस की बीमारी तथा 8.3 प्रतिशत व्यक्ति कैंसर से मरते है। प्रकृति ने  हमें शुद्ध... आगे पढ़े

बढ़ती बेरोजगारी: एक राष्ट्रीय चुनौती

Updated on 18 June, 2019, 11:32
शिक्षा रोजगार प्राप्ति में सहायक हो सकती है, परंतु गारंटी नहीं हो सकती। सामाजिक और राष्ट्रीय आवश्यकताओं से सरोकार नहीं रखने वाली शिक्षा से ना तो रोजगार मिल सकता है और नहीं यह अच्छे नागरिक बनाने में सफल होती है। दुर्भाग्यवश हमारी शिक्षा पद्धाति इन दोनों उद्देश्यों की पूर्ति में... आगे पढ़े

पानी गये न ऊबरे...

Updated on 21 May, 2019, 12:18
पानी एवं जैव विविधता का संरक्षण आज एक बड़ी चुनौती बन गया है तथा इस ओर हमारी उदासीनता ने मानव जीवन के अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है। प्राचीन मानव सभ्यताओं का नाश प्राय: बाढ़ से हुआ था। परंतु अब अनेक विशेषज्ञों का मत है कि निकट भविष्य... आगे पढ़े

विधायिका में महिला सहभागिता

Updated on 21 May, 2019, 12:16
यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि विधायी निकायों में पुरुष और महिलाओं के संतुलित प्रतिनिधित्व से ही जटिल सामाजिक- आर्थिक समस्याओं को प्रभावी तरीके से हल किया जा सकता है। विधायिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने में लिए कानूनी आरक्षण से कहीं अधिक महिला उम्मीदवारों के बारे में राजनैतिक दलों की... आगे पढ़े

लोग साथ आते गये और कारवां बनता गया...

Updated on 21 May, 2019, 12:14
आवश्यकता इस बात की है कि महिलाएं पुरुषों की नकल नहीं करते हुए अपनी मौलिकता के साथ अपनी आंतरिक शक्ति का  समाज की शक्ति एवं टेक्नोलॉजी के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सभी क्षेत्रों में अपनी उत्कृटता का प्रदर्शन करें। समाज की धारणा को उन्हें इस तरह बदलना होगा कि... आगे पढ़े

पर्यावरण और ऋतु संतुलन

Updated on 21 May, 2019, 12:12
जिस प्रकार प्राकृतिक आपदाएं जैसे तूफान, चक्रवात, सुनामी, भूकंप, ज्वालामुखी, वर्षा, बाढ़ आदि प्रकृति का स्वरूप बदलने की क्षमता रखते है, उसी प्रकार मानव भी अपने अविवेक पूर्ण क्रियाकलापों से नाजुक प्राकृतिक  संतुलन को बिगाड़कर भारी क्षति पहुंचा सकता है। इस संबंध में हमारी आज की गलतियों के लिए आने... आगे पढ़े

गणतंत्र और हम...

Updated on 21 May, 2019, 12:10
हमारे संविधान की संरचना में राज्य के नीति निदेशक तत्वों के साथ नागरिकों के अधिकारों एवं बुनियादी कर्तव्यों का समावेश कर एक आदर्श शासन व्यवस्था की परिकल्पना की गई है ताकि जनता द्वारा जनता के लिए जनता की सरकार का सपना साकार हो सकें। गणतंत्र का वांछित स्वरूप गण के... आगे पढ़े

प्रकृति संरक्षण : जियो और जीने दो

Updated on 27 July, 2018, 10:44
मानव के अस्तिव के लिए जरूरी है वह प्रकृति में विभिन्न जंतुओं एवं वनस्पति के संतुलन में विकृति उत्पन्न नहीं करे। विकास की अंधी दौड़ में सबसे अधिक नुकसान प्रकृति का ही हुआ है। प्रकृति संरक्षण से न केवल मानव जीवन सुरक्षित होता है बल्कि सम्पूर्ण प्राणी जगत को इससे... आगे पढ़े

वृक्षाय नम:

Updated on 18 June, 2018, 10:42
भारम में कुल वृक्षों की संख्या 35 अरब है तथा प्रति व्यक्ति 28 वृक्ष है। एक व्यक्ति को प्रति वर्ष लगभग 7-8 बड़े वृक्षों से आक्सीजन की आवश्यकता होती है।  हर व्यक्ति यदि प्रति वर्ष कम से कम 8 वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प करें तो इसका अर्थ... आगे पढ़े

बिटिया हम शर्मिंदा हैं !

Updated on 23 May, 2018, 11:12
अजीब विसंगति है कि अक्सर हम देखते है कि हर परिवार में बेटियों पर अंकुश लगाया जाता है, किन्तु बेटों पर नहीं। जिस दिन से हम अपने परिवार के बेटों पर अंकुश लगाना और उनमें संस्कार तथा नारी की इज्जत की भवना डालना शुरू कर देंगे, नारी उत्पीडऩ जैसे सामाजिक... आगे पढ़े

बिन पानी सब सून !

Updated on 21 April, 2018, 8:18
बिन पानी सब सून ! संयुक्त राष्ट्र के अनुसार जलवायु संकट के बाद विश्व में पानी की कमी शताब्दी का सबसे बड़ा संकट है तथा सन् 2032 तक पृथ्वी की आधी से ज्यादा आबादी को पीने का पानी मिलना मुश्किल होगा। क्या उन विशेषज्ञों की बात सही होगी जो कह रहे... आगे पढ़े

कब होगा महिला सशक्तिकरण

Updated on 21 April, 2018, 8:16
अगर आदमी आजाद पैदा होते हैं तो औरतें गुलाम कैसे पैदा हो सकती हैं।  हमारे समाज में  जो महिलाएं सीमाओं की परवाह नहीं करतीं, वही बाधाओं को तोडऩे में सक्षम होती हैं।  प्रत्येक देश की विकास उड़ान के दो पंख होते हैं, स्त्री और पुरूष। देश की उन्नति एक पंख... आगे पढ़े

मातृभाषा और प्राथमिक शिक्षा

Updated on 21 April, 2018, 8:14
भाषा न केवल विचार की अभिव्यक्ति तथा संवाद का माध्यम है बल्कि संस्कृति का संवाहक भी है। यदि भाषा में संस्कृति न हो तो वह अपना संस्थागत स्थान  और सम्मान खो देती है।  बालक की प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में कराने की आवश्यकता एक सर्वमान्य तथ्य है। ........................ 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा... आगे पढ़े

गण है सर्वोपरि

Updated on 21 April, 2018, 8:10
गणतंत्र उतना ही शक्तिशाली या उतना ही कमजोर होता है जितना उसके गण चाहे। गण का तंत्र पर सकारात्मक नियंत्रण तथा उसको सुदृढ़ करने की प्रवृत्ति एवं लोकतंत्र तथा नागरिकों की रक्षा करने वाली संवैधानिक एवं अन्य संस्थाओं की स्वायत्तता ही एक प्रभावी एवं स्वस्थ गणतंत्र का मूल है। ................................. 31 दिसंबर... आगे पढ़े

मानव अधिकार दिवस अवसर पर विधिक सहायता व साक्षरता शिविर आयोजन किया गया

Updated on 21 February, 2017, 11:40
समीरा संवेदना समिति संस्था द्वारा मानव अधिकार दिवस के अवसर पर दिनांक 10 दिसंबर 2016 'जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपालÓ के तत्वावधन में एनएलआईयू के विद्यार्थियों के साथ ' ग्राम बरखेड़ीÓ जन-जागरण शिविर का आयोजन किया गया।  एनएलआईयू के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से... आगे पढ़े

समीरा संवेदना समिति एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आरूषि संस्था के सहयोग से विधिक सहायता

Updated on 3 September, 2016, 14:31
समीरा संवेदना समिति एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आरूषी संस्था के सहयोग से विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में  समीरा संवेदना की अध्यक्ष मीरा सिंह ने कहा कि दिव्यांगों में कानून की समझ बेहद जरूरी है ताकि वे अपने जीवन संग्राम पर सफलतापूर्वक विजय पा सकें। श्रीमती... आगे पढ़े

बाल अधिकार: संवारों मेरा बचपन

Updated on 27 July, 2016, 13:39
बाल अधिकार: मेरा बचपन को संवारों हमारा समाज अभी बाल अधिकारों के प्रति मित्रतापूर्ण बर्ताव करना नहीं सीख पाया है क्योंकि मूलत: हमारे यहां बच्चों को उनके माता-पिता की व्यक्तिगत संपत्ति समझा जाता है न कि एक नागरिक जिसे कि उतनी ही समानता का अधिकार है जितना कि किसी अन्य व्यक्ति... आगे पढ़े

सर्वांगिण विकास हो...

Updated on 27 July, 2016, 13:35
सर्वांगिण विकास हो... बच्चे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर एवं भावी संसाधन होते हैं। बच्चे किसी भी समाज या राष्ट्र का भव्यिय होते हैं। राष्ट्र के भावी निर्माण के लिए आज के बच्चे के विकास के लिए अवसर प्रदान करना समाज व राष्ट्र की नैतिक जिम्मेदारी है। सरकार द्वारा बचपन को बचाने... आगे पढ़े

प्राकृतिक पर्यावरण ...

Updated on 27 July, 2016, 13:34
प्राकृतिक पर्यावरण ... पर्यावरण शब्द का निर्माण दो शब्दों परि+आवरण से मिलकर हुआ है। 'परिÓ अर्थात् चारो तरफ तथा आवरण का अर्थ है घेरा अर्थात् प्राकृति में जो भी हमारे चारो ओर है वायु, जल, मृदा, पेड़-पौधे, प्राणी आदि सभी पर्यावरण के  अंग है। बढ़ती जनसंख्या व औद्योगिकरण के कारण 'ईको सिस्टमÓ... आगे पढ़े

बाल अधिकार: 'संवारो मेरा बचपनÓ पर मीडिया कार्यशाला

Updated on 27 July, 2016, 13:32
बाल अधिकार: 'संवारो मेरा बचपनÓ पर मीडिया कार्यशाला 'समीरा संवेदना समितिÓ स्वयं सेवी संगठन है। महिलाओं, बच्चों एवं सामाजिक रूप से पिछड़े हुए लोगों के उत्थान के लिए कार्य करती हैै। स्वास्थ्य, घरेलू हिंसा से संरक्षण एवं समाज के शोषण की शिकार महिलाओं को हर संभव सहायता करना व उनकी शिक्षा,... आगे पढ़े

मीरा सिंह ने मीडिएटर बन कई रिश्तों और घरों को टूटने से बचाया

Updated on 19 January, 2016, 13:29
लोगों में सुलह कराने से इनके अंतर्मन को मिलती है शांति  ... आगे पढ़े

मानव अधिकार दिवस अवसर पर विधिक सहायता व साक्षरता शिविर आयोजन

Updated on 11 December, 2015, 13:13
मानव अधिकार दिवस अवसर पर विधिक सहायता  व साक्षरता शिविर आयोजन  समीरा संवेदना समिति संस्था द्वारा मानव अधिकार दिवस के अवसर पर दिनांक 10 दिसंबर 2015 'जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपालÓ के तत्वावधन में 'ग्राम पंचायतÓ मेडोरा में जन-जागरण शिविर का आयोजन किया गया। सरपंज की उपस्थिति में मानव अधिकार विषय पर... आगे पढ़े

विश्व एड्स दिवस पर शिविर का आयोजन

Updated on 3 December, 2015, 13:10
विश्व एड्स दिवस पर शिविर का आयोजन    समीरा संवेदना समिति संस्था द्वारा विश्व एड्स दिवस के अवसर पर दिनांक 1 दिसंबर 2015 'जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपालÓ के तत्वावधन में 'ग्राम पंचायतÓ मेडोरा में जन-जागरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 100 के लगभग जन समूह उपस्थित थे। संस्था... आगे पढ़े

विधिक सहायता व साक्षरता शिविर का आयोजन

Updated on 24 November, 2015, 13:18
विधिक सहायता व साक्षरता शिविर का आयोजन संस्था द्वारा किया गया। शिविर में 150 के लगभग जन उपस्थित थे। उपस्थित जनसमूह को विधिक सहायता व साक्षरता की जानकारी दी गई। महिलाओं से संबंधित कानूनों की संक्षिप्त जानकारी दी गई। कन्या भू्रण हत्या रोकने के लिए (पी.सी.पी.एन.टी) एकृत की भी जानकारी... आगे पढ़े

समस्त नागरिकों को नि:शुक्ल विधिक सेवा व विधिक सलाह प्राप्त करने के लिए

Updated on 29 October, 2015, 12:30
समस्त नागरिकों को नि:शुक्ल विधिक सेवा व विधिक सलाह प्राप्त करने के लिए  '' न्याय सबसे लिए हैंÓÓ न्याय पाने का सभी को समान अधिकार है, आपको अवगत कराया जाता है कि यदि आप अपना प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहते हैं, या आपका कोई प्रकरण किसी न्यायालय में लंबित है,... आगे पढ़े

26 सितंबर जेल परिसर में विधिक साक्षरता एवं सहायता शिविर का आयोजन

Updated on 5 October, 2015, 9:43
समीरा संवेदना समिति द्वारा विधिक सहायता केन्द्र भोपाल के तत्वाधान में सेट्रल जेल भोपाल महिला बंदियों के लिए परिसर में विधिक सहायता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन दिनांक. 26-9-2015 को किया गया। उपस्थित महिलाओं को कानूनी जानकारी दी गई। शिविर में महिला कैदियों के 'केसÓ की स्थिति की चर्चा की... आगे पढ़े

22 अगस्त जेल परिसर में विधिक सहायता शिविर का आयोजन

Updated on 27 August, 2015, 13:48
22 अगस्त जेल परिसर में  विधिक सहायता शिविर का आयोजन सेट्रल जेल भोपाल महिला बंदियों के लिए परिसर में विधिक सहायता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन दिनांक. 22-8-2015 को किया गया। उपस्थित महिलाओं को कानूनी जानकारी दी गई। शिविर में महिला कैदियों के 'केसÓ की स्थिति की चर्चा की गई। महिलाओं... आगे पढ़े

आईएसएसएन नबंर ISSN 2395-082X

Updated on 10 August, 2015, 13:13
आईएस.एस.एन. संस्था द्वारा समीरा पत्रिका को उसके अच्छे कार्य करने पर  उन्हें आईएसएसएन नबंर ISSN 2395-082X  देकर सम्मानित गया किया। ... आगे पढ़े