ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा (ग्रेनो) स्थित शाहबेरी में निर्माणाधीन भवन गिरने से नौ लोगों की मौत के बाद प्राधिकरण की आंख खुल गई है। तेजी दिखाते हुए प्राधिकरण टीम ने शनिवार को शाहबेरी का दौरा कर अवैध रूप से बने कमजोर भवनों का निरीक्षण किया। भवन में रहने वालों को खाली करने का नोटिस दिया गया। टीम ने एक भवन सील कर दिया। तीन दर्जन भवनों में नोटिस चस्पा किया गया।


घटना स्थल के आस-पास बन रहे निर्माणाधीन भवनों में रहने वाले मजदूर परिवारों को वहां से हटा दिया गया। टीम द्वारा जल्द ही कुछ अन्य भवनों पर भी सीलिग की कार्रवाई की जा सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक डोरी लाल वर्मा के नेतृत्व में प्राधिकरण टीम शाहबेरी गांव पहुंची। टीम ने मैप के आधार पर पूरे गांव का निरीक्षण किया और भवनों के जर्जर होने का भी आकलन किया।


टीम ने पाया कि सात-सात मंजिला भवनों को बिना मजबूती के ही बना दिया गया है। जांच में कई भवन ऐसे भी मिले जो सात से आठ फीट बाहर निकले छज्जे पर बनाए गए थे। टीम ने गांव में बनी जेपी हाइट्स बिल्डिग का भी गहनता से निरीक्षण किया। जांच में टीम ने पाया कि बिल्डिग के पिलर कमजोर थे। इस कारण पिलर कुछ माह से फट रहे थे। उसे छिपाने के लिए बिल्डर ने पिलर के चारों तरफ लोहे की मोटी चादर लगा दी थी। सात मंजिला बिल्डिंग में 42 फ्लैट थे। फ्लैट से पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। बारिश व गंदा पानी बेसमेंट में ही भर रहा था। भवन में कुछ स्थानों पर दरार भी मिली।


जांच के दौरान टीम ने पाया कि बिल्डिग एक तरफ थोड़ी सी झुक गई है। आशंका जताई कि बिल्डिग कभी भी गिर सकती है। टीम ने पाया कि बिल्डिग के दूसरे तल पर सगे भाई वीरेंद्र व जितेंद्र का परिवार रह रहा है। टीम ने उन्हें 24 घंटे में फ्लैट खाली करने का नोटिस दिया। साथ ही बिल्डर के लिए नोटिस की एक कॉपी बिल्डिग पर भी चस्पा कर दी। बिल्डिग को आंशिक रूप से सील किया गया है। भवन की स्थिति को देखकर टीम ने अप्रिय घटना होने की आशंका जताई है।


28 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट-


शाहबेरी घटना की जांच अपर जिला मजिस्ट्रेट कुमार विनीत कर रहे हैं। उन्होंने मामले में आम लोगों से भी सहयोग मांगा है। अपील की है कि यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो पेश करे। साथ ही ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण, पुलिस, राजस्व, श्रम विभाग, कारखाना, सब रजिस्ट्रार, अपर जिलाधिकारी भूलेख सहित अन्य विभागों से 28 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है। जिससे जांच पूरी की जा सके।