लॉस एंजिल्स| अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में यूनिवर्सिटी कैंपस के समीप स्थित एक स्ट्रिप मॉल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दर्जनों अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है।

शुक्रवार रात यूनिवर्सिटी प्लाजा में हुई वारदात

सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, यह खौफनाक गोलीबारी शुक्रवार रात 11 बजे के कुछ समय बाद यूनिवर्सिटी प्लाजा में हुई, जो कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, नॉर्थ्रिज से लगभग एक ब्लॉक की दूरी पर स्थित एक बेहद लोकप्रिय शॉपिंग सेंटर है। पुलिस को इलाके में भारी संख्या में लोगों के जुटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस टीम को ताबड़तोड़ गोलियों के चलने की आवाजें सुनाई दीं। इस गोलीबारी के तुरंत बाद प्लाजा की एक इमारत के बाहर से दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पकड़े गए कई लोग घटना के वक्त पास ही स्थित एक लाउंज के अंदर मौजूद थे।

पुलिस अधिकारियों के बयान और पीड़ितों की जानकारी

स्थानीय पुलिस विभाग के लेफ्टिनेंट गाइ गोलन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस गोलीबारी में मारे गए दोनों लोग एक पुरुष और एक महिला थे, जिनकी अनुमानित आयु 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस अधिकारी फिलहाल किसी अन्य संभावित पीड़ित की तलाश में जुटे हुए हैं और घटनास्थल के अंदर तथा आसपास के पूरे क्षेत्र में गहन जांच-पड़ताल जारी है।

सितंबर में मिनियापोलिस में हुई थी एक और गोलीबारी की घटना

इससे पहले बीते सितंबर माह में, अमेरिका के मिनियापोलिस शहर (जो मिनेसोटा राज्य का सबसे बड़ा शहर है) में भी इसी प्रकार की गोलीबारी की एक घटना सामने आई थी, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी और हमलावर संदिग्ध की भी मौत हो गई थी।

प्राप्त विवरण के अनुसार, उस घटना में संदिग्ध ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को हुई उस वारदात में तीन पुलिस अधिकारियों सहित कुल छह अन्य लोग घायल हो गए थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम करीब 4:36 बजे पुलिस कर्मियों को तुरंत गोलीबारी की सूचना पर घटनास्थल के लिए रवाना किया गया था। जब अधिकारी एक ऊंची अपार्टमेंट बिल्डिंग के भीतर दाखिल हुए, तो उन्हें वहां पीड़ित मिले और गोलियां चलने की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद आवाज का पीछा करते हुए जब अधिकारी इमारत की ऊपरी मंजिल पर पहुँचे, तो वहां भारी धुआं फैला हुआ था जिसके कारण कुछ भी साफ देख पाना मुश्किल हो रहा था। उस मुठभेड़ में तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे, जिनमें से दो को गोलियां लगी थीं।