युवाओं में अचानक मौत पर बड़ा खुलासा, ICMR की स्टडी में सामने आए अहम संकेत
युवाओं में जिम में वर्कआउट, डांस या सामान्य दिनचर्या के दौरान अचानक होने वाले दिल के दौरे और मौतों के कारणों को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक बड़ा खुलासा किया है। विस्तृत अध्ययन के अनुसार, कम उम्र में होने वाली इन आकस्मिक मौतों के पीछे मुख्य रूप से खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) जमने का आनुवंशिक या पुराना इतिहास, पहले से मौजूद अन्य बीमारियां और धूम्रपान सबसे बड़े जोखिम कारक बनकर उभरे हैं।
बचाए गए मरीजों पर किया गया गहन शोध
यह अध्ययन देश भर के 25 प्रमुख अस्पतालों में उपचार पाकर स्वस्थ हुए 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 767 मरीजों के डेटा पर आधारित है:
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मामलों का स्वरूप: कुल मरीजों में से 56.3 प्रतिशत (432 मरीज) दिल के दौरे और 25.8 प्रतिशत (198 मरीज) दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह रुकने (स्ट्रोक) की समस्या से ग्रस्त थे। यानी 82 प्रतिशत से अधिक मामले सीधे तौर पर खून के थक्के से संबंधित थे।
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सर्वाधिक प्रभावित आयु वर्ग: अध्ययन में शामिल कुल मामलों में से 80.1 प्रतिशत (614 मरीज) 31 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के थे।
दिल के दौरे के मुख्य जोखिम कारक और खतरे का अनुपात
शोधकर्ताओं ने विभिन्न चिकित्सकीय और व्यक्तिगत कारकों के प्रभाव का बारीकी से विश्लेषण किया:
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पुराना क्लॉटिंग इतिहास: जिन व्यक्तियों को पहले कभी खून का थक्का जमने की समस्या रही थी, उनमें दिल के दौरे का खतरा सामान्य की तुलना में करीब 60 गुना अधिक देखा गया।
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अन्य गंभीर बीमारियां: पहले से किसी अन्य गंभीर बीमारी (को-मॉर्बिडिटी) से पीड़ित मरीजों में यह खतरा 4.6 गुना अधिक पाया गया।
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धूम्रपान की आदत: धूम्रपान करने वाले युवाओं में दिल के दौरे की आशंका 3.5 गुना अधिक दर्ज की गई।
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पारिवारिक इतिहास: परिवार में किसी सदस्य को पहले खून का थक्का जमने का इतिहास होने पर यह खतरा 3.3 गुना बढ़ जाता है।
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कोविड संक्रमण का प्रभाव: कोविड-19 संक्रमण के कारण पूर्व में अस्पताल में भर्ती हो चुके मरीजों में भी थक्का बनने के मामले अधिक देखे गए।
टीकाकरण से नुकसान नहीं, सतर्कता ही बचाव
शोध रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोविड टीके से युवाओं को कोई नुकसान नहीं हुआ है और अचानक होने वाली मौतों के पीछे वैक्सीन का कोई नकारात्मक संबंध नहीं मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च जोखिम वाले युवाओं को भारी शारीरिक परिश्रम या अत्यधिक कसरत शुरू करने से पहले अपनी मेडिकल हिस्ट्री, पारिवारिक पृष्ठभूमि और नियमित स्वास्थ्य जांच को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।


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