केंद्र की रोक की मांग पर SC का इनकार, OBC क्रीमी लेयर मामले में अगली सुनवाई 17 सितंबर को
नई दिल्ली। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) क्रीमी लेयर के नियमों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिल सकी है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की स्पष्टीकरण अर्जी पर सुनवाई करते हुए अपने 11 मार्च के पुराने आदेश पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। इसके साथ ही पीठ ने सभी संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ वेतन से तय नहीं होगी क्रीमी लेयर: सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान अदालत ने अपने पूर्व फैसले को दोहराया। कोर्ट का स्पष्ट कहना था कि केवल माता-पिता की वेतन आय (Salary Income) को आधार बनाकर बच्चों को क्रीमी लेयर में डालकर आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। क्रीमी लेयर का आकलन करने के लिए माता-पिता के पद के स्तर (Category of Post), उनकी सामाजिक स्थिति और सेवा श्रेणी को देखना भी अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का सीधा प्रभाव सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs), बैंकों और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवारों पर पड़ेगा।
केंद्र सरकार ने अदालत के समक्ष रखीं प्रशासनिक चुनौतियां
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इस फैसले को लागू करने में व्यापक व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। उन्होंने दलील दी कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC CSE 2025) की भर्ती प्रक्रिया के तहत 958 अभ्यर्थियों के सेवा आवंटन (Service Allocation) का कार्य अंतिम चरण में है। यदि यह निर्णय पिछली तिथि से लागू किया जाता है, तो मेरिट सूची, आईएएस (IAS) व आईपीएस (IPS) कैडर आवंटन और प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
देशभर की नियुक्तियों पर पड़ सकता है असर
अदालत में यह भी रेखांकित किया गया कि यह विषय केवल केंद्रीय सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भर्ती प्रक्रियाओं तथा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले की व्यवस्था को भी प्रभावित करता है।
17 सितंबर 2026 को होगी मामले की अगली सुनवाई
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी पक्षों के जवाब दाखिल होने के बाद ही इस विषय पर आगे की सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 17 सितंबर 2026 तय की है, तब तक 11 मार्च का आदेश प्रभावी रहेगा।


राजनांदगांव बनेगा औद्योगिक विकास का नया केंद्र? फर्टिलाइजर प्लांट को लेकर CM साय ने कही बड़ी बात
PM मोदी ने दी धार को बड़ी सौगात, जोबट-टांडा रोड रेलखंड का हुआ लोकार्पण
दारा सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, सजा माफी पर जल्द फैसला लेने के निर्देश
‘बच्चियों को पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं’, CM साय ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत पर एलएनसीटी विश्वविद्यालय में हुआ मंथन
एफिल टावर विवाद, चीन और पाकिस्तान… MEA ने एक साथ कई मुद्दों पर खोला सरकार का रुख
सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों का गुस्सा, कुलपति के कार्यक्रम में NSUI का प्रदर्शन
स्टाइपेंड की मांग पर घमासान, JDA ने इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में बढ़ाया आंदोलन
PM मोदी के कार्यक्रम से पहले बड़ी सुरक्षा चूक? बंदूक के साथ दो संदिग्ध हिरासत में
नेपाल त्रासदी की खौफनाक तस्वीर, पुल टूटे तो कई इलाकों का संपर्क कटा