Tuesday, 21 August 2018, 5:38 PM

जरा हटके

खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी……….

Updated on 22 March, 2013, 14:52
सिंहासन हिल उठे राजवंषों ने भृकुटी तनी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सब ने मन में ठनी थी. चमक उठी सन सत्तावन में, यह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी... आगे पढ़े

लो जी वो मेरे दीवाने हो गए है….

Updated on 22 March, 2013, 14:51
मेरी खामोशी के किस्से पुराने हो गए है, लो जी वो मेरे दीवाने हो गए है। नफरत थी उन्हें मेरे जिन गीतों से कभी आज उनके लबो के तराने हो गए गए है। मेरे घरोदें पर हंसते देखा था उन्हें, मेरे घर अब उनके घराने हो गए है। नए नए आशिक की खुशबू है उनमे वो कहते... आगे पढ़े

बस्तर में देवी-देवता भी खेलते हैं होली, इस होली की है रस्‍म निराली

Updated on 22 March, 2013, 14:25
 रायपुर, होली का त्योहार यूं तो पूरे भारत वर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है, पर छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में पारम्परिक होली का अंदाज कुछ जुदा है. लोग यहां होली देखने दूर-दूर से आते हैं. यहां होली में होलिका दहन के दूसरे दिन पादुका पूजन व 'रंग-भंग' नामक अनोखी और... आगे पढ़े

मिलावटी रासायनिक रंगों से बचें, बिगाड़ सकते हैं सेहत

Updated on 22 March, 2013, 14:11
 नई दिल्ली होली को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है और बाजारों में रंगों की बिक्री अभी से शुरू हो गई है। अभी तक खरीदारी ने हालांकि बहुत जोर नहीं पकड़ा है, क्योंकि होली पर महंगाई का रंग जो चढ़ गया है! वहीं, रासायनिक रंग सेहत भी बिगाड़ सकते हैं,... आगे पढ़े

तलाक के पीछे नपुंसकता प्रमुख कारण

Updated on 21 March, 2013, 15:58
नई दिल्ली  भारत में तलाक के पीछे नपुंसकता सबसे बड़े कारण के रूप में सामने आई है। एक ताजा अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। अध्ययन में कहा गया है कि भारत में 20 से 30 फीसदी तक तलाक संतोषप्रद यौन जीवन की चाहत में होते हैं। भारत में `अल्फा... आगे पढ़े

प्लूटो के हो सकते हैं 10 और अज्ञात चंद्रमा

Updated on 18 March, 2013, 13:00
 न्यूयार्क  खगोलविदों ने दावा किया है कि प्लूटो की कक्षा में 10 या उससे अधिक ऐसे अज्ञात छोटे चंद्रमा हो सकते हैं जिनका ब्यास करीब एक से तीन किलोमीटर है । इस प्रारंभिक जानकारी से नासा के ‘न्यू होराइजन’ मिशन की योजना बना रही टीम के लिये जीवन और ज्यादा कठिन हो... आगे पढ़े

गिलहरी आई

Updated on 17 March, 2013, 14:31
        सुन्दर गिलहरी आई अनुशासन की सीख लाई दाने खा इठलाती आई नन्हे हाथ हिलाती आई थकती नहीं है चलने में सोती नहीं है पलने में दाने बीच उठाकर चलती मिट्टी में भी दबाती चलती हाथ-पैर इसके फुर्तीले पीठ पर पट्टे सफेद-काले हमें देखकर यह शरमाई पेड़ों पर चढ़कर इतराई लंबी दूरी तय करती है समझबूझ से यह चलती है चंचल और छरहरी आई देखो सुन्दर... आगे पढ़े

यही सयानो काम

Updated on 17 March, 2013, 14:28
    फल मंडी की आमसभा में पपीता था गुर्राया इतने गुण हैं मुझमें जानो एक-एक था गिनाया फुसफुसाकर अनार बोला मैं क्या किसी से कम हूँ एक अनार और सौ बीमार हों करता ताजा दम हूँ- भौंहें तिरछी कर बेर बोला मुझमें बड़ी है खूबी मेरे स्वाद का मजा अनोखा मुझसी चीज न दूजी बेर की बात सुन, सेब हँस पड़ा- बोला फिर बड़बोला बड़े-बड़े शहरों... आगे पढ़े

अक्ल की कमाई

Updated on 17 March, 2013, 14:10
अक्ल की कमाई      एक राजा के दरबार में दो थे चित्रकार, राजा ने एक दिन बुला भेजा दोनों को दरबार। राजा ने दिया आदेश दोनों उनका चित्र बनाएँ, हूबहू चित्र बनाने पर मुँह माँगा इनाम पाएँ। पर दोनों चित्रकारों के सामने मुसीबत थी खड़ी, राजा की एक आँख थी बचपन... आगे पढ़े

आज्ञाकारी सेनापति

Updated on 17 March, 2013, 14:05
    पुराने समय में नंदनपुर में राजा कौआ अपनी रानी के साथ एक घने पेड़ पर रहता था। वह अपनी रानी से बहुत प्यार करता था। एक दिन दोनों घूमने के लिए निकले तो महल की ओर उड़ चले। वहाँ स्वादिष्ट मछली देखकर रानी के मुँह में पानी आ गया, किंतु सख्त... आगे पढ़े

एक कहानीः विक्रम और बेताल की

Updated on 16 March, 2013, 14:03
बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी में गंधर्वसेन नाम का एक राजा राज करते थे। उसके चार रानियाँ थीं। उनके छ: लड़के थे जो सब-के-सब बड़े ही चतुर और बलवान थे। संयोग से एक दिन राजा की मृत्यु हो गई और उनकी जगह उनका बड़ा बेटा शंख गद्दी पर बैठा।... आगे पढ़े

हीजड़ा और जानवर फिर भी तुझसे बेहतर है

Updated on 16 March, 2013, 14:00
  मर्द कभी बलात्कार नहीं करते हैं माँ की कोख शर्मशार नहीं करते हैं मर्द होते तो लड़कियों पर नहीं टूटते मर्द होते तो आबरू उनकी नहीं लूटते मर्द हमेशा दिलों को जीत-ता है कुचलना नामर्दों की नीच-ता है बेटियां बहन मर्द के साए में पलती हैं मर्द की जान माँ की दुवाओं से चलती है मर्द नहीं फेकते... आगे पढ़े

“खिचड़ी खूब पकाओ”

Updated on 16 March, 2013, 13:59
धनु से मकर लग्न में सूरज, आज धरा पर आया। गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।। गंगा जी के तट पर, अपनी खिचड़ी खूब पकाओ, खिचड़ी खाने से पहले, निर्मल जल से तुम नहाओ, आसमान में खुली धूप को सूरज लेकर आया। गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।। स्वागत करो... आगे पढ़े

तनाव का कारण पूर्व जन्म का संस्कार

Updated on 16 March, 2013, 13:44
समय की दी हुई प्रमुख समस्या है तनाव। व्यस्त जिंदगी, ऊंचे ख्वाबों को हकीकत में बदलने की आतुरता और भागमभाग में चारों दिशाओं से मिलने वाली चुनौतियां इस समस्य को जन्म देती है। मोटे तौर पर हमारे मन की तीन अवस्थाएं हैं। प्रथम, चेतन मन जिसमें सारे अनुभव हमारी स्मृति... आगे पढ़े

ब्राह्मण और बकरा

Updated on 15 March, 2013, 14:16
किसी गांव में मित्रशर्मा नामक एक ब्राह्मण रहता था। एक बार वह अपने यजमान से एक बकरा लेकर अपने घर जा रहा था। रास्ता लंबा और सुनसान था। आगे जाने पर रास्ते में उसे तीन ठग मिले। ब्राह्मण के कंधे पर बकरे को देखकर तीनों ने उसे हथियाने की योजना... आगे पढ़े

लालच बुरी बला

Updated on 15 March, 2013, 14:15
कंचनपुर के एक धनी व्यापारी के रसोईघर में एक कबूतर ने घोंसला बनाया हुआ था। एक दिन एक लालची कौआ उधर आ निकला। वहां मछली को देखकर उसके मुंह में पानी भर आया। तब उसने सोचा, मुझे इस रसोईघर में घुसना चाहिए, पर कैसे? तभी उसकी निगाह कबूतर पर जा पड़ी।... आगे पढ़े

मुखौटों की दुनिया

Updated on 15 March, 2013, 14:13
मुखौटों की दुनिया मे रहता है आदमी मुखौटों पर मुखौटें लगाता है आदमी| बार बार बदलकर देखता है मुखौटा, फिर नया मुखौटा लगाता है आदमी| मुखौटों के खेल मे इतना माहिर है आदमी, गिरगिट को भी रंग दिखाता है आदमी| शैतान भी लगाकर इंसानियत का मुखौटा, आदमी को छलने को तैयार है आदमी| मजहब के ठेकेदार भी अब... आगे पढ़े

च्यूइंग गम चबाने से एकाग्रता बढ़ती है

Updated on 13 March, 2013, 14:37
 लंदन एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि च्यूइंग गम उन कार्यो पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है जिसमें लगातार एकाग्रता की जरूरत होती है। इस संबंध में कार्डिफ यूनिवर्सिटी के काटे मॉरगैन और उनके सहयोगियों का एक अध्ययन `ब्रिटिश जरनल ऑफ साइकोलॉजी` में प्रकाशित हुआ है। इसमें... आगे पढ़े

पानी की बचत

Updated on 12 March, 2013, 15:30
    टिंकू खूब नहाता था पानी व्यर्थ बहाता था। ट्यूबवेल था जो घर में पानी दिन भर आता था। टिंकू के दादा सयाने थे समाज सेवी जाने-माने थे। उन्होंने टिंकू को पास बैठाया प्यार से उसे बहुत समझाया। वर्षा का जल धरती में बूँद-बूँद करके इकट्ठा होता है। सुरक्षित भंडार के रूप में यह धरती में सोता रहता है। विज्ञान की उन्नति का सुखद... आगे पढ़े

राष्ट्रभाषा

Updated on 12 March, 2013, 15:28
     कितनी सुंदर, कितनी प्यारी, हिंदी हर भाषा से न्यारी। क्यों हम अंग्रेजी को अपनाएँ, गैरों को क्यों शीष झुकाएँ? अपनी हिंदी न्यारी-प्यारी, असंख्य शब्दों की फुलवारी। हिंदी सीखो, हिंदी बोलो, हिंदी को हर दिल में घोलो। अपनी भाषा वैभवशाली, फिर हम क्यों बने भिखारी। कितनी सुंदर, कितनी प्यारी, हिंदी हर भाषा से न्यारी। कृति ... आगे पढ़े

सौ चेहरे

Updated on 12 March, 2013, 15:18
    एक राजा, चला था लेने जायजा। अपनी प्रजा के बारे में हमेशा वह सोचता था, उन्हें कोई दुःख न हो यह देखता था। रास्ते में वह मिला एक किसान से, जो चल रहा था धीरे-धीरे मारे थकान के। राजा ने उससे पूछा 'तुम कितना कमाते हो, रोज कितना बचा पाते हो?' किसान... आगे पढ़े

भगवान का साथ

Updated on 12 March, 2013, 15:11
    एक समय की बात है। एक छोटे बच्चे ने जब बचपन से जवानी में प्रवेश किया। तब वह कहीं भी जाता तो उसके पदचिह्न के साथ एक और पदचिह्न नजर आते थे, लेकिन जब वह बूढ़ा हुआ तो ये पदचिह्न नजर आना बंद हो गए। जब वह मरने के बाद भगवान... आगे पढ़े

चतुर कविराज

Updated on 11 March, 2013, 16:24
    एक थे चतुर कविराज, उन्हें था अपनी अकल पर बड़ा नाज। वो थे भी होशियार, राजा भी उनकी हर बात मानने को हो जाते थे तैयार। एक दिन कविराज ने एक कविता लिखी, सुनकर राजा की तबियत खिली। बोले-'बोलो क्या माँगते हो, क्या इनाम चाहते हो।' कविराज ने सोचा देखते हुए... आगे पढ़े

जादूगर चाचा...

Updated on 11 March, 2013, 16:22
    पंडित जवाहरलाल नेहरू मजेदार बातों के एक ऐसे जादूगर भी थे, जो एक मिनट के भीतर क्या से क्या कर सकते थे? नेहरूजी को भाषा पर अधिकार था। वे बहुत अच्छा बोलते थे। जीवन भर तुनकते-तपते नेहरूजी, संसार में अपनी, भारत की और अहिंसा की नीति का आदर पाकर अपनी सारी... आगे पढ़े

हमारे आदर्श दादाजी

Updated on 11 March, 2013, 16:18
दादाजी की महिमा न्यारी है अज्ञानता को दूर करके ज्ञान की ज्योति जलाई है। दादाजी की महिमा न्यारी है... दादाजी के चरणों में रहकर हमने शिक्षा पाई है। गलत राह पर भटके जब हम तो दादाजी ने राह दिखाई है। दादाजी की महिमा न्यारी है... माता-पिता ने जन्म दिया पर दादाजी ने जीना सिखाया है। ज्ञान, चरित्र और संस्कार की हमने शिक्षा... आगे पढ़े

अरुण यह मधुमय देश

Updated on 9 March, 2013, 18:54
 अरुण यह मधुमय देश हमारा। जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा। सरस तामरस गर्भ विभा पर नाच रही तरुशिखा मनोहर। छिटका जीवन हरियाली पर मंगल कुंकुम सारा।। लघु सुरधनु से पंख पसारे शीतल मलय समीर सहारे। उड़ते खग जिस ओर मुँह किए समझ नीड़ निज प्यारा।। बरसाती आँखों के बादल बनते जहाँ भरे करुणा जल। लहरें टकरातीं अनंत की पाकर जहाँ किनारा।। हेम... आगे पढ़े

शरीर टैटू से भरा, काम के लाले पड़े

Updated on 9 March, 2013, 18:29
सबसे ज्यादा टैटू गुदवाने वाला आदमी ब्रिटेन का 33 साल का मैथ्यू वीलर है। मैथ्यू के पूरे शरीर के 80 फीसदी हिस्से पर टैटू गुदे हुए हैं। इनको गुदवाने के लिए उन्होंने अभी तक कुल 20 हजार पौंड तक खर्च दिए हैं। टैटू गुदवाने के लिए उन्होंने कुर्सी पर करीब... आगे पढ़े

अकल की दुकान

Updated on 1 March, 2013, 12:51
एक था रौनक। जैसा नाम वैसा रूप। अकल में भी उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता था। एक दिन उसने घर के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा- 'यहां अकल बिकती है।' उसका घर बीच बाजार में था। हर आने-जाने वाला वहां से जरूर गुजरता था। हर कोई बोर्ड देखता, हंसना और... आगे पढ़े