Sunday, 18 February 2018, 4:40 AM

धर्म कर्म

नवरात्र से पहले ऐसे साफ करेें अपना मंदिर

Updated on 20 September, 2017, 8:00
नवरात्र शुरू होने ही वाले हैं और ऐसे में घर के मंदिर की साफ-सफाई करना बहुत जरूरी है। नवरात्र के उत्सव में नौ दिन तक देवी मां की पूजा की जाती है और लोग घर में भी बहुत शुद्धी बरतते हैं। कुछ घरों में अलग पूजा घर होता है और... आगे पढ़े

शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से, शुभ मुहूर्त के साथ जानें पूजन विधि

Updated on 20 September, 2017, 4:45
हिंदू परिवारों में नवरात्रे के पहले दिन घट स्थापना की जाती है, जिसमें ज्वार अर्थात जौ अर्थात खेत्री बीजी जाती है। जौ जीवन में सुख और शांति का प्रतीक होते हैं क्योंकि देवियों के नौ रूपों में एक मां अन्नपूर्णा का रूप भी होता है। जौ की खेत्री का हरा-भरा... आगे पढ़े

अमावस्या: ऐसे करें धरती पर आए पितृगणों की आत्मा को विदा

Updated on 20 September, 2017, 4:30
वंशज अपने पुरखों को उनकी मृत्यु के उपरांत भुला न दें, इसलिए शास्त्रों ने पूर्वजों का श्राद्ध करने का विशिष्ट विधान बताया है। शास्त्रनुसार सर्वपितृ अमावस्या पितृगणों को विदा करने की अंतिम दिन है। शास्त्र ऐसा कहते हैं की सोलह दिन तक पितृ अपने वंशज के घर में विराजते हैं... आगे पढ़े

अमावस्या श्राद्ध पर इन्हें अवश्य करें घर पर Invite, पितर होंगे प्रसन्न

Updated on 19 September, 2017, 5:30
16 दिवसीय महालय श्राद्ध पक्ष कहलाता है। इस समय सूर्य देव कन्या राशि में स्थित होते हैं। इस अवसर पर चंद्रमा भी पृथ्वी के काफी निकट होता है। चंद्रमा के थोड़ा ऊपर पितृलोक माना गया है। सूर्य रश्मियों पर सवार होकर पितृ पृथ्वी लोक में अपने पुत्र-पौत्रों के यहां आते... आगे पढ़े

19-20 सितंबर कब पड़ रही है अमावस्या, जानें श्राद्ध मुहूर्त

Updated on 18 September, 2017, 15:45
आश्विन अमावस्या पितृगण के निमित विशेष पर्व है, जिसमें पितृ के लिए पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध आदि करके व्यक्ति पितृ ऋण से मुक्ति पा सकता है तथा पितृ, मातृ, भ्रातृ, कन्या, पत्नी व प्रेत आदि ग्यारह श्रापों से मुक्ति पा सकता है। आश्विन अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या, पितृ विसर्जनी व... आगे पढ़े

19-20 सितंबर कब पड़ रही है अमावस्या, जानें श्राद्ध मुहूर्त

Updated on 18 September, 2017, 15:13
आश्विन अमावस्या पितृगण के निमित विशेष पर्व है, जिसमें पितृ के लिए पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध आदि करके व्यक्ति पितृ ऋण से मुक्ति पा सकता है तथा पितृ, मातृ, भ्रातृ, कन्या, पत्नी व प्रेत आदि ग्यारह श्रापों से मुक्ति पा सकता है। आश्विन अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या, पितृ विसर्जनी व... आगे पढ़े

प्रतिदिन करें इस छोटे से मंत्र का जाप, अज्ञान अौर रोगों का होगा नाश

Updated on 18 September, 2017, 7:00
मंत्रों के जाप से व्यक्ति में सकारात्मकता का संचार होता है। मंत्र के जाप से हर प्रकार समस्या को दूर किया जा सकता है। सभी शास्‍त्रों में मंत्रों को बहुत ही शक्तिशाली और चमत्‍कारी माना जाता है। लेकिन सभी मंत्रों में 'गायत्री मंत्र' को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया... आगे पढ़े

इस समय आया सपना होता है सच, संकेतों से जानें भविष्य

Updated on 17 September, 2017, 7:10
हमारे प्राचीन ग्रंथों में स्वप्न विज्ञान को काफी महत्ता दी गई है। स्वप्न केवल मानसिक कल्पना नहीं अपितु परमात्मा की ओर से होने वाली घटनाओं के पूर्व संकेत हैं। प्राचीनकाल में रामायण में वर्णित है कि जब सीता जी श्रीराम के वियोग में अत्यंत दुखी थीं तब उनके निकट रहने... आगे पढ़े

परेशानी भरे दिन आने वाले हैं, यूं करते हैं शनि बदकिस्मती की ओर इशारा

Updated on 16 September, 2017, 5:45
ज्योतिष के अनुसार बार-बार जूते-चप्पल चोरी होना या खो जाना भी कुछ इशारा करता है। इनके खोने पर आर्थिक हानि तो होती है साथ ही यह शनि दोष की संभावना को भी व्यक्त करता है। क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर में शनि का वास पैरों में होता है?... आगे पढ़े

सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के एक सिर का विनाश कैसे हुआ जानने के लिए पढ़ें ये कथा

Updated on 15 September, 2017, 6:45
शिव पुराण के अनुसार सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मा व विष्णु में श्रेष्टता को लेकर विवाद हो गया। दोनों स्वयं को सबसे बड़ा सिद्ध करना चाहते थे। दोनों में से कौन अधिक बड़ा है इस बात पर बहस छिड गई। विवाद का फैसला करने के लिए परमेश्वर को साक्षी बनाया... आगे पढ़े

वीरभद्र मंदिर की गुत्थी दुनिया का कोई भी इंजीनियर आज तक सुलझा नहीं पाया

Updated on 14 September, 2017, 6:30
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के एक छोटे से ऐतिहासिक गांव लेपाक्षी में 16वीं शताब्दी का वीरभद्र मंदिर है। इसे लेपाक्षी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह रहस्यमयी मंदिर है जिसकी गुत्थी दुनिया का कोई भी इंजीनियर आज तक सुलझा नहीं पाया। ब्रिटेन के एक इंजीनियर ने... आगे पढ़े

महाभारत: आज से शुरू करें इन बातों पर अमल करना, उम्र में होगी वृद्धि

Updated on 14 September, 2017, 6:20
जो जीव धरती पर आया है उसकी मृत्यु निश्चित है। कुछ लोगों के भाग्य में कम या अधिक आयु होती है लेकिन कई अपने कर्मों अौर व्यवहार से अपनी उम्र को घटा देते है। महाभारत में बताया गया है कि किन कामों से आयु कम होती है अौर कौन से... आगे पढ़े

13 को है पितृपक्ष का सबसे शुभ दिन: दरिद्रता का होगा नाश, महालक्ष्मी भरेंगी भंडार

Updated on 13 September, 2017, 6:30
शास्त्रों में पितृपक्ष के दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित कहे गए हैं। पितृपक्ष की समयावधि में नई वस्तुओं को खरीदना, नए कपड़े पहनना विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश आदि जैसे काम भी वर्जित माने गए हैं परंतु पितृपक्ष के इन दिनों में अश्विन कृष्णपक्ष की अष्टमी का दिन विशिष्ट रूप से शुभ... आगे पढ़े

पितर ताली बजा बजा कर नृत्य करते हुए अपने परिजनों को आशीर्वाद देते हैं

Updated on 12 September, 2017, 5:30
श्रीमद्भागवत कथा वह अमृत है, जिसके रस का पान करने से ही मनुष्य भवसागर के आवागमन चक्र से मुक्त हो जाता है तथा जिस भावना तथा कामना से कोई कथा का श्रवण करता है उसे फिर किसी वस्तु की कमी नहीं रहती। श्रीमद्भागवत कथा तो वह कल्पवृक्ष है, जिससे कुछ... आगे पढ़े

ब्रह्माण्ड का सबसे बड़ा ग्रह लाएगा देश-दुनिया में भ्रष्टता के चरम

Updated on 11 September, 2017, 14:15
फलित के दार्शनिक मतानुसार बृहस्पति धर्म, ज्ञान, राजनीति, धन, समृद्धि, पुत्र व शिक्षा पर अपना आधिपत्य रखते हैं। कुंडली में श्रेष्ठ गुरु व्यक्ति को कष्टों से बचाकर समाजिक प्रभाव देता है। बृहस्पति तकरीबन 13 माह के बाद अपनी राशि बदल रहे है। देवगुरु मंगलवार दी॰ 12.09.17 को प्रातः 07 घं॰... आगे पढ़े

छठा श्राद्ध आज: श्राद्ध हेतु श्रेष्ठ हैं तीन मुहूर्त, जानें विधि

Updated on 11 September, 2017, 7:30
सोमवार दी॰ 11.09.17 आश्विन कृष्ण षष्ठी पर छठी का श्राद्ध मनाया जाएगा। मनुस्मृति में ऐसे लोग निंदित किए गए हैं जो अपने पितृगणों को भूल जाते हैं। शास्त्रनुसार सभी वर्णों व संप्रदायों में पितृयज्ञ करना अनिवार्य है। परंतु किसी कारण अगर श्राद्धकर्म छूट जाए तो उसके लिए गया श्राद्ध जैसे... आगे पढ़े

बालों में भी छुपे होते हैं किस्मत और पैसों के राज, जानिए कैसे

Updated on 10 September, 2017, 5:00
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी किस्मत में पैसों का सुख कितना है या आपके पास भविष्य में पैसा रहेगा या नहीं, ये जानने का सबसे आसान तरीका है आपके बाल। बस आईने में एक बार गौर से देखें, आप खुद जान जाएंगे कि आपकी किस्मत में क्या लिखा... आगे पढ़े

पितृदोष होने पर भाग्यशाली होते हुए भी भाग्यहीन रहना पड़ता है, ये हैं संकेत

Updated on 10 September, 2017, 4:45
श्राद्ध का अर्थ है, पितृों के लिए उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक किया गया दान। श्राद्धकर्म में होम, पिंडदान एवं तर्पण आदि सम्मिलित हैं। मृतात्मा की शांति के लिए जिन संस्कारों का विधान है, उन्हें श्राद्धकर्म कहा जाता है। मृत्यु के बाद दशरात्र और षोडशी-संपिंडन तक मृत व्यक्ति... आगे पढ़े

पितृ पक्ष में आर्थिक कष्ट से ऐसे मिल सकती है मुक्ति

Updated on 9 September, 2017, 14:00
सद्गुरु स्वामी आनंदजी (आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषीय चिंतक) टिप्स ऑफ द विक 1. बिल्व पत्रों की काले तिल मिले त्रिमधु (गो घृत, दुग्ध और मधु) से आहुति विचारों और कर्म में परिवर्तन के द्वारा आर्थिक कष्ट को नष्ट करने में सहायक होते हैं, ऐसा तंत्र और अग्निहोत्र के नियम कहते हैं। 2. किसी भी... आगे पढ़े

पितरों के आशीष पाने का अवसर श्राद्ध पक्ष

Updated on 9 September, 2017, 11:30
'श्रद्धया यत् कृतं तत् श्राद्धम। इसका मतलब है कि 'हमारे दिवंगत स्वजनों की तृप्ति और संतुष्टि के लिए श्राद्ध से किया कर्म ही श्राद्ध है।' पुराण आदि धर्मग्रंथों में बतलाया है कि मृत व्यक्ति की आत्मा अनंत काल तक प्रेतलोक में भटकती रहती है, किंतु जब उस मृत व्यक्ति के पुत्र-पौत्र उसका... आगे पढ़े

धर्मशास्त्रों से जानें श्राद्धों में क्यों नहीं किए जाते शुभ काम

Updated on 9 September, 2017, 11:00
हमारी संस्कृति में श्राद्ध का संबंध हमारे पूर्वजों की मृत्यु की तिथि से है। अतः श्राद्धपक्ष शुभ तथा नए कार्यों के प्रारंभ हेतु अशुभ काल माना गया है। जिस प्रकार हम अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद शोकाकुल अवधि में रहते हैं तथा शुभ, नियमित, मंगल, व्यावसायिक कार्यों को... आगे पढ़े

श्राद्ध पिंडदान का सर्वोत्तम स्थान है ये, पुत्र को आया देखकर पितर मनाते हैं उत्सव

Updated on 9 September, 2017, 0:45
‘गया’ ऐसा स्थान है जहां श्राद्ध का महाकुंभ नजर आता है। प्रत्येक वर्ष लाखों की तादाद में लोग यहां अपने मृत पूर्वजों का श्राद्ध-तर्पण आदि करने के लिए उपस्थित होते हैं। पुरातन प्रज्ञा का प्रदेश बिहार की राजधानी पटना से करीब 92 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम अंत: सलिला फल्गु के पावन... आगे पढ़े

शनिवार: इस दिन को गवाए बिना करें ये चीजे, शनिदेव की कृपा बनाएगी राजा

Updated on 9 September, 2017, 0:30
नवग्रहों में शनि अत्यंत सुंदर एवं महत्वपूर्ण ग्रह है। यह मंद गति से 30 वर्ष में सूर्य का एक चक्कर पूरा करता है। शनि सूर्य से 88 करोड़ 60 लाख मील तथा पृथ्वी से 79 करोड़ 10 लाख मील दूर स्थित है। लोग इसे अनिष्टकारी ग्रह कहते हैं लेकिन यह अच्छे... आगे पढ़े

आज का गुडलक: बुद्धि और समृद्धि पाने का बना है शुभ संयोग

Updated on 8 September, 2017, 10:05
शुक्रवार दि॰ 08.09.17 आश्विन कृष्ण तृतीया पर तीज का श्राद्ध मनाया जाएगा। शास्त्र याज्ञ-वल्क्य-स्मृति के अनुसार मूलतः श्राद्ध होम, पिण्डदान व तर्पण से अधिक तार्किक है वास्तविकता में पितृगण साक्षात् वसु, रुद्र व आदित्य रूप में श्राद्ध के देवता हैं। मूलतः मनुष्य के तीन पूर्वज हैं पिता, पितामह व प्रपितामह;... आगे पढ़े

श्राद्ध पक्ष में करें ये प्रयोग, घर में हो रहे लड़ाई-झगड़े का होगा नाश

Updated on 8 September, 2017, 0:45
यदि आप गृह क्लेश से परेशान हैं, आए दिन घर में किसी न किसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा हो जाता है, सदैव अशांति का माहौल बना रहता है तो आपको इस श्राद्ध पक्ष में अवश्य ही इस प्रयोग को सम्पन्न करना चाहिए। सामग्री : जलपात्र, घी का दीपक, लघु नारियल, अगरबत्ती... आगे पढ़े

गुरुवार का गुडलक लगाएगा व्यापारिक घाटे पर अंकुश

Updated on 7 September, 2017, 14:45
गुरुवार दि॰ 7.09.17 को आश्विन कृष्ण द्वितीया को दूज पर द्वितया श्राद्ध मनाया जाएगा। द्वितया तिथि का विधिवत श्राद्ध करने से जाने-अनजाने में किए हुए पापों से मुक्ति मिलती है, व्यक्ति के अशांत मन को शांति मिलती है तथा व्यापार में निरंतर चल रहे घाटे पर अंकुश लगता है। श्राद्ध विधि:... आगे पढ़े

कालसर्प योग का सच, जानें क्यों डरते हैं लोग इस योग से

Updated on 7 September, 2017, 1:00
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषाचार्य जन्म कुंडली में राहु-केतु के मध्य में सभी ग्रहों के आ जाने को कुछ ज्योतिषी काल-सर्प योग की संज्ञा देते हैं, किन्तु वास्तविकता यह है कि कालसर्प योग का ज्योतिष के किसी प्रामाणिक शास्त्रीय ग्रन्थ में वर्णन है ही नहीं! बृहत् पराशर होरा-शास्त्र , बृहत् जातक , सारावली... आगे पढ़े

इस ऋण से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म में निभाई जाती है श्राद्ध परंपरा

Updated on 7 September, 2017, 0:30
श्राद्ध पितृत्व के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक हैं। सनातन धर्मानुसार प्रत्येक शुभ कार्य के आरंभ करने से पहले मां-बाप तथा पितृगण को प्रणाम करना हमारा धर्म है। क्योंकि हमारे पुरखों की वंश परंपरा के कारण ही हम आज जीवित हैं। सनातन धर्म के मतानुसार हमारे ऋषि-मुनियों ने हिंदू वर्ष... आगे पढ़े

आपके बच्चे के साथ भी है ऐसी समस्या, Wednesday को उसे पहनाएं ये चीज

Updated on 6 September, 2017, 0:45
क्या आपका बच्चा पढ़कर भूल जाता है? अधिक परिश्रम करने के बाद भी रिजल्ट ठीक नहीं आता या बच्चा पढऩे में होशियार तो है लेकिन उसका ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता? यदि आपके बच्चे के साथ भी ऐसी कोई समस्या है तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि गणेश... आगे पढ़े

बुध ग्रह की शुभता देती है अच्छी कमाई और उन्नति, जानें आप पर है कैसा प्रभाव

Updated on 6 September, 2017, 0:30
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बुध का काफी महत्व है। बुध, बुद्धि का कारक है। सामाजिक जीवन में, पारिवारिक जीवन में, आध्यात्मिक जीवन में या किसी अन्य क्षेत्र में अच्छे बुध वाला व्यक्ति उत्तम निर्णय लेकर सदैव उचित कार्य करता है। जिस व्यक्ति का बुध अच्छा होता है, वह अपने... आगे पढ़े

पितरों को नमन पर्व है : श्राद्ध

Updated on 5 September, 2017, 12:35
तीज त्यौहारों एवं उत्सवों से परिपूर्ण भारतीय संस्कृति में हर रिश्ते का महत्वहै लेकिन पितरों का स्थान सवोपर्री एवं देवतुल्य है।  और शायद यही कारण है कि इस नश्वर संसार में ईश्वर ने हम मनुष्यों को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा दर्शाने और पितरों के प्रति हमारे कर्तव्य को पूरा... आगे पढ़े

विधिपूर्वक श्राद्ध न करने से पितृ श्राप भी देते हैं, रहें सावधान!

Updated on 5 September, 2017, 0:30
मान्यतानुसार पितृपक्ष के 16 दिनों में पूर्वज अपने वंशजों से ये आशा रखते हैं की उनके वंशज उन्हें पिण्ड दान व तिलांजलि प्रदान कर संतुष्ट करेंगे। इसी आशा के साथ पूर्वजों का पितृलोक से पृथ्वीलोक पर आगमन होता है। पितृ ऋण श्राद्धकर्म के द्वारा चुकाया जा सकता है। साल के... आगे पढ़े

आज रात से शुभ कामों पर विराम, अपना भला चाहते हैं तो रहें सावधान!

Updated on 4 September, 2017, 15:01
ज्योतिषशास्त्री कहते हैं की सभी नक्षत्रों का अपना-अपना प्रभाव होता है। कुछ शुभ फल देते हैं तो कुछ अशुभ लेकिन कुछ ऐसे काम होते हैं जो कुछ नक्षत्रों में नहीं करने चाहिए। धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती ऐसे ही नक्षत्रों का एक समुदाय है। धनिष्ठा के शुरू... आगे पढ़े

आखिर सोमवार को ही क्‍यों माना जाता है शिव का दिन

Updated on 4 September, 2017, 7:01
वैसे तो ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन आप भोलेनाथ को याद न कर सकें लेकिन सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। ऐसा भी कहा जाता है कि अगल-अगल दिन शिव की उपासना करने से आपको अलग-अलग फल प्राप्‍त... आगे पढ़े

मंदिर न लेकर जाएं ये सामान, पुण्यों का हो जाएगा नाश

Updated on 4 September, 2017, 0:15
प्रतिदिन मंदिर जाने से व्यक्ति को जहां हर परेशानी ये मुक्ति मिलती है वहीं मन को भी शांति मिलती है। मंदिर जाते हुए लोग फूल, धूप-दीप, फल आदि चीजें लेकर जाते हैं। जब भी किसी धार्मिक स्थान पर जाते हैं तो अपने जूते, बैल्ट, पर्स जैसी चीजें बाहर ही छोड़कर... आगे पढ़े

इस त्योहार पर यहां अपनी प्रजा से मिलने पाताल लोक से आते हैं राजा महाबली

Updated on 3 September, 2017, 14:42
ओणम खुशी, उत्साह और आनंद का त्योहार है। राजा महाबली के सम्मान में इस त्योहार को मनाया जाता है। इस त्योहार को फसल की उपज के लिए भी जाना जाता है। यह त्योहार नई उमंग, नई आशा लेकर आता है। राजा महाबली केरल के राजा थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत... आगे पढ़े

मनौती का नारियल निकले खराब, तो समझ लेना बन जाएगा काम

Updated on 3 September, 2017, 9:19
किसी भी व्रत-त्योहार या मंदिर में लोग अक्सर प्रसाद के साथ ही नारियल चढ़ाते हैं। साथ ही वह डर जाता है कि उसकी मांगी गई मुराद पूरी नहीं होगी। मगर, शास्त्रों में माना जाता है कि नारियल का अंदर से खराब निकलना शुभ है। मगर, कभी-कभी नारियल का गोला अंदर से... आगे पढ़े

इस प्रदेश के भांजे थे भगवान राम, इसलिए यहां होती है भांजों की पूजा

Updated on 3 September, 2017, 9:12
हम अक्सर देखते हैं कि भांजों को हमेशा मामा के पैर छूने से मना किया जाता है। ऐतिहासिक मान्यताओं के मुताबिक यह परंपरा छत्तीसगढ़ में सबसे पहले शुरू की गई थी। इसका मुख्य कारण यह है कि भगवान राम रिश्ते में छत्तीसगढ़ के भांजे लगते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक पहले छत्तीसगढ़... आगे पढ़े

एकादशी-महाद्वादशी के दिन करें ये काम, भक्त की पुकार पर दौड़े आएंगे भगवान

Updated on 2 September, 2017, 6:40
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पाश्र्व, परिवर्तिनी अथवा वामन एकादशी के नाम से प्रसिद्घ है। इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार मास के श्रवण के पश्चात करवट बदलते हैं क्योंकि निद्रामगन भगवान के करवट परिवर्तन के कारण ही अनेक शास्त्रों में इस एकादशी को परिवर्तिनी एवं पाश्र्व... आगे पढ़े

राशिफल: शनि की सीधी चाल, कौन सी राशि होगी बेहाल

Updated on 2 September, 2017, 6:31
दैनिक शुभाशुभ 02.09.17 शनिवार, चंद्र धनु राशि व पू.षा नक्षत्र, भाग्यांक 3, शुभरंग पीला, शुभदिशा पूर्वोत्तर, राहुकाल दिन 1:30 से शाम 3 तक।   उपाय: सभी 12 राशियों के व्यक्ति आर्थिक सुधार हेतु काली गाय को गुड़ चना खिलाएं।   मेष: लेन-देन हेतु समय अच्छा है। मीठा बोलकर काम निकालने में ही फायदा है। सरलतापूर्वक कार्य करें कार्यसिद्धि... आगे पढ़े

ईश्वर के बाद कौन सी शक्ति है सबसे बड़ी

Updated on 1 September, 2017, 0:15
हिन्दू धर्म के अनुसार ईश्वर एक शुद्ध प्रकाश है। उसकी उपस्थिति से ही ब्रह्मांड निर्मित होते हैं और भस्म भी हो जाते हैं। ईश्वर को सर्वशक्तिमान घोषित करने के बाद हिन्दुत्व कहता है कि ब्रह्मांड में तीन तरह की शक्तियां सक्रिय हैं-दैवीय, दानवी और मिश्रित शक्तियां। मिश्रित शक्तियों में गंधर्व,... आगे पढ़े

यहां पैरालायसिस का होता है इलाज, डॉक्टर और साइंस भी हैं हैरान

Updated on 31 August, 2017, 0:15
देश में ऐसे बहुत सारे मंदिर हैं, जहां बहुत सारी बीमारियों का इलाज किया जाता है। राजस्थान के नागौर से चालीस किलोमीटर दूर अजमेर-नागौर रोड पर कुचेरा कस्बे के पास बुटाटी धाम है, जिसे चतुरदास जी महाराज के मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां हर साल हजारों लोग... आगे पढ़े

माता-पुत्र मिलकर करेंगे दुख दरिद्रता और दुर्भाग्य दूर

Updated on 30 August, 2017, 0:10
स्कंद पुराण के अनुसार देवी पार्वती को माता मैना व पर्वतराज हिमावन ने आदिशक्ति से वरदान स्वरूप माता गौरी को पुत्री रूप में प्राप्त किया था। माता गौरी ने ही नारद के परामर्श पर भगवान शंकर की तपस्या करके उन्हें पति रूप में प्राप्त किया। माता गौरी ने ही अपने... आगे पढ़े

गजलक्ष्मी की धनवर्षा बनाएगी मालामाल, 16 दिन तक करना होगा ये काम

Updated on 29 August, 2017, 14:55
पैसा खुदा तो नहीं पर खुदा से कम भी नहीं। कलयुग में यह बात 100% खरी है। जीवन की सबसे बड़ी समस्या हैं गरीबी यानि निर्धनता। पैसे की कमी के कारण व्यक्ति मान व प्रतिष्ठा से वंचित रहता है। ऋग्वेद में देवी लक्ष्मी को ‘श्री’ व भूमि प्रिय सखी कहा... आगे पढ़े

ये 5 चीज रखेंगे अपने पास तो हमेश होगा धन का नुकसान

Updated on 29 August, 2017, 5:20
आजमाकर देख लें, इन्हें रखेंगे पास तो होगा नुकसान   रोजमर्रा की जिंदगी में लोग अक्सर ऐसी गलतियां करते रहते हैं जिनकी वजह से उन्हें धन और सुख शांति में कमी का सामना करना पड़ता है। लेकिन जानकरी नहीं होने की वजह से वही गलती बार-बार करते रहते हैं और नुकसान सहते... आगे पढ़े

सभी देशों में अलग-अलग महत्तव से मनाई जाती है गणेश चतुर्थी

Updated on 28 August, 2017, 0:15
भारत के लगभग हर हिस्से में अलग-अलग तरीके से गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है। हिदूं लोगों के अलावा महाराष्ट्र, गोवा, केरल और तमिलनाडु में भी यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार इस दिन उन्होंने जन्म लिया था। गणेश चतुर्थी के दिन उनकी... आगे पढ़े

27 अगस्त का Sunday है खास, मिलेगा दौलत-शोहरत भरा संसार

Updated on 27 August, 2017, 9:09
27 अगस्त रविवार को सूर्य षष्ठी व्रत है। शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद मास से शुक्ल पक्ष में षष्टी तिथि के दिन सूर्य उपासना का विधान दिया गया है। शास्त्रों में षष्ठी तिथि को उपवास करने का विधान है। इस दिन सूर्य प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। यह व्रत एक वर्ष... आगे पढ़े

गणेश चतुदर्शी: 11 दिन तक न करें ये काम, बनेंगे बप्पा की कृपा के हकदार

Updated on 26 August, 2017, 5:17
सिद्धि विनायक श्री गणेश चतुर्थी व्रत : इस दिन को कलंक चौथ, पत्थर चौथ और डण्डा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष 11 दिन तक बप्पा भक्तों के संग विराजेंगे। आप भी उनकी कृपा के हकदार बनना चाहते हैं तो गणपति महोत्सव के 11 दिन तक... आगे पढ़े

आज होगा शनि का बड़ा राशि परिवर्तन, समस्त विश्व राहत महसूस करेगा

Updated on 25 August, 2017, 8:27
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मकर व कुंभ राशि के स्वामी शनि की महादशा 19 वर्ष की होती है तथा यह हर राशि में तीस महीने तक गोचर करते हैं। शनि एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। इन्हें हर राशि को पार करने में ढा़ई वर्ष का समय लगता है... आगे पढ़े

आज गुडलक के अनुसार करें दिन की प्लानिंग हर सपना व इच्छा होगी पूरी

Updated on 25 August, 2017, 8:22
शुक्रवार दिनांक 25.08.17 को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गणेश चतुर्थी के साथ सामवेद उपाकर्म पर्व मनाया जाएगा। यह उपाकर्म अर्थात यज्ञोपवीत को सरक भाषा में जनेऊ कहते हैं। सामवेद संस्कृति के अनुसार यह पर्व गण-गायत्री के पूजन व यज्ञोपवीत धारण करने हेतु मनाया जाता है। इसे तमिल क्षेत्र में अवनी... आगे पढ़े