Friday, 20 April 2018, 8:22 AM

प्रेरक बातें

बुद्घि जरूरी है लेकिन अधिक बुद्घि नुकसान का कारण बन सकता है

Updated on 3 December, 2013, 8:43
संसार में धन दौलत से भी जिस चीज को अधिक महत्व दिया गया है वह है बुद्घि। लेकिन कहते हैं अगर बुद्घि जरूरत से अधिक हो जाए तो यह भी नुकसान कर जाती है। क्योंकि जितनी बुद्घि होगी उतना ही अधिक तर्क लगाएंगे परिणाम तर्क कुतर्क बन जाएगा। कुतर्क से... आगे पढ़े

धन दौलत नहीं घर को यह स्वर्ग बना देता है

Updated on 2 December, 2013, 8:09
सुधांशु जी महाराज अध्यात्मिक गुरु भारत वर्ष में एक महान् कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य हुए हैं। उन्होंने कहा है वह गृहस्थाश्रम धन्य है, स्वर्ग तुल्य है जिस गृहस्थाश्रम में ये विशेषताएं हों।      जिस घर में सदा प्रसन्नता दिखाई देती हो, जिस घर में हंसने की, मुस्कराने की स्थिति दिखाई देती हो, हंसने की... आगे पढ़े

सांप्रदायिकता और उसके इलाज पर क्या कहते थे शहीद भगत सिंह

Updated on 28 September, 2013, 14:14
'मेरी महबूबा तो आजादी है', लड़कपन की उम्र में यह कहने का साहस और संवेदनशीलता रखते थे शहीद भगत सिंह. आज उनका जन्मदिन है. उन्हें सलाम करते हुए हम सांप्रदायिकता की समस्या पर उनके विचार पेश कर रहे हैं. जून, 1928 के ‘किरती’ में छपा यह लेख सांप्रदायिकता पर भगत... आगे पढ़े

प्रसंग 14 सितंबर - हिंदी दिवस,विवशता न बने हिंदी दिवस

Updated on 12 September, 2013, 17:29
हमारे देश की राजभाषा और राष्ट्रभाषा देश की लगभग आधी आबादी की मातृभाषा भी है । वैधानिक प्रावधानों के बाद भी केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की अनिवार्यता को लागू नहीं किया जा सका है । कहने को राजभाषा के समर्थन में खूब नारे... आगे पढ़े

तिल का यह निशान बताता है पूर्व जन्म में सांप थे

Updated on 27 June, 2013, 15:15
सभी के शरीर के किसी न किसी अंग पर ब्यूटी स्पॉट यानी तिल होता है। लेकिन ‌तिल केवल खूबसूरती ही नहीं बताता, ये पिछले जन्म के राज भी खोल देता है। तिल के विषय कई प्रकार की मान्यताएं हैं। एक मान्यता के अनुसार पूर्व जन्म में व्यक्ति को जिस स्थान पर... आगे पढ़े

2017 तक दुनिया की आधी आबादी हो जाएगी इंटरनेटमय

Updated on 5 June, 2013, 19:59
नई दिल्ली अगले साढ़े चार साल में दुनिया की करीब आधी आबादी इंटरनेट से जुड़ जाएगी और वैश्विक आबादी का 48 प्रतिशत इंटरनेट का उपयोग कर रही होगी। नेटवर्किंग कंपनी सिस्को के विजुअल्स नेटवर्किंग इंडेक्स (वीएनआई) अनुमान (2012-17) के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर, 2017 तक इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 3.6 अरब पर... आगे पढ़े

पेनकिलर का सेवन हार्ट अटैक को दावत

Updated on 31 May, 2013, 18:38
लंदन सामान्य दर्द निवारक दवाओं की हाई डोज का लंबे समय तक सेवन दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ा देता है. इन दवाओं का सेवन कर रहे 350,000 से भी ज्‍यादा मरीजों पर किए गए एक अध्‍ययन में पाया गया कि उनमें हार्ट अटैक का खतरा 40 फीसदी ज्‍यादा है. अध्‍ययन... आगे पढ़े

नए रूप में आया जीमेल, ऐसे पा सकते हैं आप तुरंत

Updated on 31 May, 2013, 18:32
अगर आप जीमेल यूजर हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। आपका जीमेल इनबॉक्स जल्द ही नए रूप में नजर आएगा। साथ ही आपके लिए ई-मेल मैनेज करना अब और आसान हो जाएगा। आप अपने इनबॉक्‍स को अपने हिसाब से कंट्रोल कर सकेंगे। गूगल ने टैब सुविधा के साथ... आगे पढ़े

वंदे मातरम् विरोध, आस्था तो बहाना है

Updated on 15 May, 2013, 18:27
भारत चाँद नायक लोकतंत्र में देश की सर्वोच्च पंचायत संसद लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है, जहां उच्चारित स्वर जन-जन तक पहुंचते और उनके मर्म का स्पर्श करते है। जन-मन को प्रफुल्लित और उल्लसित करते हे। संसद में उद्गमित आवाज जन-गण का स्वर बनती है। लेकिन यदि यहां राष्ट्र के स्वाभिमान, लोकतंत्र... आगे पढ़े

स्वामी जी का उपदेश

Updated on 26 March, 2013, 14:50
एक बार समर्थ स्वामी रामदासजी भिक्षा माँगते हुए एक घर के सामने खड़े हुए और उन्होंने आवाज लगायी स्वामी रामदासजी - “जय जय रघुवीर समर्थ !” घर से महिला बाहर आयी। उसने उनकी झोलीमे भिक्षा डाली और कहा, “महात्माजी, कोई उपदेश दीजिए !” स्वामीजी बोले, “आज नहीं, कल दूँगा।” दूसरे दिन स्वामीजी ने पुन:... आगे पढ़े

मूर्ख को उपदेश देना गलत

Updated on 26 March, 2013, 14:48
(भारतीय साहित्य की नीति कथाओं का विश्व में महत्वपूर्ण स्थान है। पंचतंत्र उनमें प्रमुख है। पंचतंत्र की रचना विष्णु शर्मा नामक व्यक्ति ने की थी। उन्होंने एक राजा के मूर्ख बेटों को शिक्षित करने के लिए इस पुस्तक की रचना की थी। पांच अध्याय में लिखे जाने के कारण इस... आगे पढ़े

दोनों प्रकार का धन एक साथ नहीं मिल सकता

Updated on 15 March, 2013, 13:56
संसार में दो प्रकार का धन होता है भौतिक धन और दूसरा आध्यात्मिक धन। मनुष्य का स्वभाव है कि वह ज्यादा से ज्यादा धन कमाने की चाहत रखता है। कोई व्यक्ति सोना, चांदी, रूपये पैसे का अंबार लगाकर धनवान कहलाता है तो कोई भूखा, प्यासा रहकर भी धनवान कहलता है।... आगे पढ़े