नई दिल्ली:  अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban) के लगातार हमलों के मद्देनजर देश में सुरक्षा स्थिति के तेजी से बिगड़ने के बीच अफगानिस्तान (Afghanistan) के घटनाक्रम पर चर्चा के लिए नाटो देशों के राजदूत शुक्रवार को बैठक कर रहे हैं. नाटो के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि नाटो के महासचिव जे. स्टोलटेनबर्ग और 30 राजदूत ब्रसेल्स में बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.


अधिकारी ने कहा, ‘‘सहयोगी अफगानिस्तान की स्थिति पर लगातार परामर्श कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि स्टोल्टेनबर्ग ‘‘सहयोगियों और अफगान अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं.’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘नाटो सुरक्षा स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रहा है. हम अफगान अधिकारियों और बाकी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ समन्वय करना जारी रखे हुए हैं.’’


नाटो ने 2003 में अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों का कार्यभार संभाला था जो यूरोप और उत्तर अमेरिका के बाहर इसका पहला प्रमुख अभियान था. इस अभियान का उद्देश्य सरकार को स्थिर करना, स्थानीय सुरक्षा बलों का निर्माण करना था. अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने 2014 में अफगान सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए युद्ध अभियानों को बंद कर दिया था.

इससे पहले भी नाटो ने अफगानिस्तान पर तालिबान के हमलो पर चिंता जाहिर की थी. नाटो ने तालिबान को हमले बंद करने के लिए भी कहा था लेकिन तालिबान लगातार हमले जारी रखे हुए हैं. तालिबान अब तक 12 से ज्यादा अफगानिस्तान की प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर चुका है और माना जा रहा है कि अगर  हालात यही रहे तो काबुल भी उसके कब्जे में जल्द ही आ जाएगा.