नई दिल्ली. हाल ही में भारत में इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन (EUA) पाने वाली जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Johnson) की सिंगल डोज वैक्सीन (Single Dose Vaccine) इस साल नवंबर या दिसंबर तक देश में आ सकती है. इस बात की जानकारी एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने दी है. इसके अलावा कोविशील्ड (Covishield), कोवैक्सीन (Covaxin) और रूसी वैक्सीन स्पूतनिक (Sputnik) के बाद सरकार को जायडस कैडिला (Zydus Cadila) की डीएनए वैक्सीन मिलने की उम्मीद है. संभावना जताई जा रही है कि इस वैक्सीन को भी ड्रग रेग्युलेटर से जल्द ही मंजूरी मिल सकती है.


सूत्र ने कहा, ‘हम जायडस कैडिला से हर महीने दो करोड़ डोज की उम्मीद कर रहे हैं.’ बायोलॉजिकल-ई की इस वैक्सीन की शुरुआती खेप एक बार में सात करोड़ डोज होने का अनुमान है, क्योंकि सरकार की तरफ से अग्रिम भुगतान राशि 1500 करोड़ रुपये किए जाने के बाद कंपनी जोखिम पर निर्माण कर रही है. उन्होंने जानकारी दी कि कंपनी जल्द ही तुलनात्मक अध्ययन के लिए आवेदन देगी और उनका डेटा अच्छा है. इसके अलावा अक्टूबर में जेनोवा की वैक्सीन मिलने की भी उम्मीद है.

सूत्र ने जानकारी दी कि अभी की प्राथमिकता भारत बायोटेक की क्षमता बढ़ाने की है. कंपनी के अभी तीन प्लांट काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘अगस्त में हमें कोवैक्सीन के तीन करोड़ डोज मिल रहे हैं, जो सितंबर में बढ़कर चार करोड़ और अक्टूबर में 6-7 करोड़ हो जाएंगे.’ उन्होंने बताया कि पहली खेप असफल होने के बाद भारत बायोटेक को नुकसान हुआ था. इधर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया हर महीने कीब 15 करोड़ डोज की सप्लाई करेगा और वह वैक्सीन निर्यात करने का भी इच्छुक है. सरकार ने सीरम को बता दिया है कि भारतीयों के लिए वैक्सीन प्राथमिकता है.