दिल्ली विधानसभा में वित्तीय पैनलों का गठन
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने सदन की तीन वित्तीय समितियों के सदस्यों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की, जिसमें लोक लेखा समिति (पीएसी) भी शामिल है, जो सदन में हाल ही में प्रस्तुत सीएजी रिपोर्टों की जांच करेगी। अन्य दो समितियां सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति और अनुमान समिति हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि नौ सदस्यीय तीन समितियों में सत्तारूढ़ भाजपा के छह विधायक और विपक्षी आम आदमी पार्टी के तीन विधायक हैं। पीएसी के सदस्यों में भाजपा विधायक अजय महावर, अरविंदर सिंह लवली, कैलाश गहलोत, राज कुमार चौहान, सतीश उपाध्याय और शिखा राय होंगे, जबकि विपक्ष की ओर से आप नेता आतिशी, कुलदीप कुमार और वीरेंद्र सिंह कादियान पैनल के सदस्य होंगे। सरकारी उपक्रमों की समिति में भाजपा विधायक दीपक चौधरी, गजेंद्र द्राल, अनिल गोयल, कुलदीप सोलंकी, राज करण खत्री और तिलक राम खत्री सदस्य हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से संजीव झा, प्रेम चौहान और अजय दत्त पैनल के सदस्य होंगे। यह समिति आप सरकार के दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के प्रदर्शन पर सीएजी की रिपोर्ट पर गौर करेगी, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के सार्वजनिक परिवहनकर्ता को 14,000 करोड़ रुपए का परिचालन घाटा हुआ है। अनुमान समिति के सदस्यों में भाजपा से गजेंद्र सिंह यादव, हरीश खुराना, कुलवंत राणा, पूनम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत हैं, जबकि अन्य सदस्यों में इमरान हुसैन, सोम दत्त और विशेष रवि हैं। फिलहाल जारी बजट सत्र के दौरान सदन में पेश की गई स्वास्थ्य, वायु प्रदूषण, उत्पाद शुल्क, वित्त और विनियोग खातों पर सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट को जांच और सिफारिशों के लिए पीएसी को भेज दिया गया है। पीएसी पिछली आप सरकार के वित्त और विनियोग खातों की भी जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें सैकड़ों करोड़ रुपए के बिल और उपयोग प्रमाण पत्र जमा न करने का खुलासा हुआ है।


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