पलनाडु जिले में पुलिस का बड़ा कदम, नींबू के बाग में गांजा उगाने वाले को किया गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश के मान्यम में गठबंधन सरकार ने गांजे की खेती पर कड़ी कार्रवाई की है. सत्ता में आने के बाद से ही सरकार ने गांजे की खेती को खत्म करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं. इसके तहत गांजे की खेती को नष्ट करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, सूखे के कारण घाटी में किसानों की खेती में गिरावट आई है, लेकिन पुलिस का अनुमान है कि मैदानी इलाकों में खेती शुरू हो रही है.
शहर के सत्तेनापल्ली निर्वाचन क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर दो बार गांजे की खेती को नष्ट किए जाने से हलचल मच गई है. हाल ही में पुलिस ने पलनाडु जिले के राजुपालेम के मोक्का पाडु में गांजे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. मोक्का पाडु में संबैया नामक एक किसान डेढ़ एकड़ में नींबू का बाग लगा रखा है. हालांकि, दो दिन पहले दो युवक नींबू के बाग से एक हरी पत्ती काटकर उसे एक थैले में भरते हुए निकले, लेकिन उसी वक्त पुलिस वहां पहुंच गई और दोनों को पकड़ लिया.
गांजे की खेती
युवक को हिरासत में लेने को लेकर गांव में चर्चा होने लगी. गांव वाले यह जानकर हैरान हैं कि उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया? सम्बैया ने अपने नींबू के बाग में पेड़ों के बीच गांजे के पौधे उगाए . ऐसे में जब वे अच्छी तरह से बढ़े तो उन्होंने पत्तियों को काटने और उन्हें बेचने के लिए हैदराबाद ले जाने की योजना बनाई. हालांकि पुलिस को इस बात की सूचना मिल गई थी, जिसकी वजह से उन्हें उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे हरी पत्तियां काटकर ले जा रहे थे.
पुलिस हो गई है सतर्क
ऐसे ही राज्य के अचांपेट रोड पर कपास के पौधों के बीच गांजे की खेती की जा रही थी. ऐसे में इस बात की जानकारी पुलिस को चल गई तो पुलिस ने वहां पहुंचकर पौधों को नष्ट कर दिया. एक-एक कर ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है. ऊंचे इलाकों पर कार्रवाई के साथ ही यह संदेह बढ़ रहा है कि मैदानी इलाकों में भी गांजे की खेती की जा रही है. इससे पुलिस और अधिक सतर्क हो गई.


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