चांदी पहली बार 3.70 लाख पर पहुंची, एक झटके में लगाई 40500 रुपये की ऊंची छलांग
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त चमक देखी गई। चांदी 40,500 रुपये यानी 12.3 प्रतिशत की भारी छलांग लगाकर 3,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए शिखर पर पहुंच गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 7,300 रुपये यानी 4.6 प्रतिशत बढ़कर 1,66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई।PTI के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतें पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गईं, जिससे सुरक्षित संपत्तियों के प्रति निवेशकों का आकर्षण और बढ़ गया। वैश्विक बाजारों में सोने में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा।सोना 79.13 डॉलर यानी 1.58 प्रतिशत बढ़कर 5,087.48 डॉलर प्रति औंस हो गया। पिछले सात कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत 19 जनवरी के 4,670.89 डॉलर प्रति औंस से लगभग नौ प्रतिशत यानी 416.59 डॉलर बढ़ गई हैं।क्यों इतनी तेज है चांदी की रफ्तार औद्योगिक इस्तेमाल: चांदी सिर्फ सिक्कों, गहनों या बर्तनों में इस्तेमाल नहीं होती। उसके अनेक औद्योगिक इस्तेमाल हैं। सोने के बाद चांदी ही सबसे अच्छी सुचालक है। ताप ऊर्जा और विद्युत, दोनों के लिए।कहां हो रहा इस्तेमाल: इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में यह स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी में सर्किट बोर्ड, कनेक्टर व सेमीकंडक्टर बनाने में इस्तेमाल होती है। सोलर पैनल के फोटोवोल्टिक सेल में चांदी की अहम भूमिका है। दवाओं के अलावा चिकित्सा उपकरणों और बैटरियों में यह इस्तेमाल होती है। ऑटो उद्योग में यह इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों और सेंसर बनाने में लगती है। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल उद्योग में रासायनिक समीकरणों को तेज करने के लिए उत्प्रेरक के तौर पर भी चांदी का इस्तेमाल होता है।कम नहीं हो रही डिमांड:चांदी के उत्पादन या खपत का आधे से ज्यादा हिस्सा औद्योगिक उत्पादन में जाता है, और सोने की तरह यह बची भी नहीं रहती, बल्कि बहुत बड़ी मात्रा में इसकी खपत हो जाती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई और सौर ऊर्जा जैसे उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी की औद्योगिक मांग अभी और बढ़ने वाली है।


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