अमेरिकी शेयर बाजार का हाल: बिटकॉइन में 9% तक की गिरावट; वैश्विक बाजारों पर भी दिख रहा वॉल स्ट्रीट का असर
वॉल स्ट्रीट में आई कमजोरी और तकनीकी शेयरों में जारी बिकवाली का असर वैश्विक बाजारों पर दिखा। क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में भी तेज गिरावट आई और यह अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग आधे दाम पर आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में व्हाइट हाउस लौटने के बाद बिटकॉइन में आई पूरी तेजी लगभग खत्म हो चुकी है। शुक्रवार को अमेरिकी फ्यूचर्स और एशियाई शेयर बाजारों में ज्यादातर गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों का कैसा रहा हाल?
जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.5 प्रतिशत चढ़कर 54,073.52 पर बंद हुआ। यह इस हफ्ते की शुरुआती गिरावट से उबरता दिखा, जिसमें टेक्नोलॉजी शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयर 1.9 प्रतिशत और चिप निर्माता टोक्यो इलेक्ट्रॉन के शेयर 3 प्रतिशत चढ़े। जापान में रविवार को आम चुनाव होने हैं, जहां प्रधानमंत्री साने ताकाइची को मजबूत जनादेश मिलने की उम्मीद है।दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.7 प्रतिशत गिरकर 5,076.69 पर आ गया। टेक शेयरों में कमजोरी के कारण सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 0.9 प्रतिशत और एसके हाइनिक्स के शेयर 0.6 प्रतिशत फिसले।हांगकांग का हैंग सेंग 1.2 प्रतिशत गिरकर 26,569.14 पर बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट लगभग सपाट रहा और 4,075.37 पर टिक गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 1.6 प्रतिशत टूटकर 8,745.60 पर आ गया। ताइवान का ताइएक्स 0.2 प्रतिशत गिरा।
बिटकॉइन में आई नौ प्रतिशत की गिरावट
टेक शेयरों में इस हफ्ते आई बिकवाली के बीच बिटकॉइन में निवेशकों का उत्साह फीका पड़ा। शुक्रवार सुबह यह करीब 9 प्रतिशत गिरकर 65,000 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखा, जबकि गुरुवार को इसमें 12 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी। अक्तूबर में बिटकॉइन 1,24,000 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।
अमेरिकी बाजारों में दिखी गिरावट
अमेरिकी बाजारों में एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत और डॉव जोंस फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत नीचे रहे। गुरुवार को एसएंडपी 500 सूचकांक 1.2 प्रतिशत गिरकर 6,798.40 पर आ गया, जो पिछले सात सत्रों में छठी गिरावट रही। डॉव जोंस 1.2 प्रतिशत टूटकर 48,908.72 और नैस्डैक 1.6 प्रतिशत गिरकर 22,540.59 पर बंद हुआ।
एआई में हो रहे भारी निवेश ने तकनीकी शेयरों पर डाला दबाव
तकनीकी शेयरों पर दबाव बना रहा क्योंकि निवेशकों को चिंता है कि बड़ी टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में किया जा रहा भारी निवेश वाकई मुनाफा दे पाएगा या नहीं। क्वालकॉम के शेयर बेहतर नतीजों के बावजूद 8.5 प्रतिशत टूट गए। अल्फाबेट के शेयर 0.5 प्रतिशत गिरे, जबकि अमेजन ने एआई और अन्य क्षेत्रों में पूंजीगत खर्च 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने की घोषणा के बाद आफ्टर-आर्स ट्रेडिंग में 11 प्रतिशत की गिरावट देखी। इस बीच, एक अमेरिकी एआई स्टार्टअप के नए टूल्स ने भी सॉफ्टवेयर शेयरों में बिकवाली को हवा दी, क्योंकि इनके चलते पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं पर खतरा मंडराने लगा है।
सोने-चांदी की कीमतों में दिखी गिरावट
कीमती धातुओं में भी इस हफ्ते भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सोने की कीमतें शुक्रवार को 1 प्रतिशत गिरकर 4,843.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं, जबकि पिछले हफ्ते यह 5,600 डॉलर के करीब पहुंची थीं। चांदी की कीमतों में 6.6 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 71.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। पिछले शुक्रवार को इसमें 31 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी।
क्या रहा तेल बाजार का हाल?
तेल बाजार में मामूली तेजी रही। अमेरिकी कच्चा तेल 35 सेंट बढ़कर 63.64 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 36 सेंट चढ़कर 67.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। मुद्रा बाजार में डॉलर जापानी येन के मुकाबले कमजोर होकर 156.74 पर आ गया, जबकि यूरो 1.1789 डॉलर पर मजबूत हुआ।


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