पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में कई मासूमों की गई जान, अफगानिस्तान बोला- बदला लेंगे
काबुल। अफगानिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस हमले में दर्जनों नागरिकों मारे गए हैं। तालिबान के प्रवक्ता जुबिउल्लाह मुजाहित ने कहा है कि बीती रात नांगरहार और पाकटिका प्रांतों में पाकिस्तान ने अचानक हवाई हमला कर दिया। इसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने नांगरहार में एक रिहाइशी इमारत पर हमला किया जिसमें एक परिवार के करीब 23 लोग रहते थे। मलबे में परिवार दब गया है। अब तक इसमें से केवल चार लोगों को ही निकाला जा सका है। तालिबान ने बताया है कि पाकिस्तान ने बेरमाल और आरगुन जिलों में हवाई हमले किए हैं। इस्लामाबाद की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए सीमावर्ती इलाकों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक जबीउल्लाह मुजाबित ने कहा कि पाकिस्तान ने नापाक हरकत करके मासूमों की जान ली है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के जनरल इसी तरह की हरकतें करके अपनी छवि सुधारने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में दखल दिया है। ऐसे में अफगानिस्तान के पास भी जवाब देने का अधिकार है। सही समय आने पर हमला किया जाएगा। पाकिस्तान का कहना है कि खैबर-पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में शनिवार को एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई थी और उसी का बदला लेने के लिए यह एयर स्ट्राइक की गई है। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और शनिवार को बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर की थीं।
मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों की जिम्मेदारी फितना अल ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत ने ली है। उसने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके और यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है, लेकिन हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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