संजय राउत का बड़ा खुलासा, नंबरों की कमी से प्रियंका चतुर्वेदी को नहीं मिल पाया टिकट
महाराष्ट्र। में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। राज्य की सात सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसके लिए उम्मीदवार तय किए जा रहे हैं। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) गुट ने प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है। पार्टी नेता संजय राउत ने गुरुवार को इसकी वजह बताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समीकरणों का साथ न देना और शरद पवार की उम्मीदवारी के कारण पार्टी प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा मैदान में नहीं उतार सकी। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि पार्टी में यह इच्छा थी कि प्रियंका चतुर्वेदी फिर से राज्यसभा जाएं। लेकिन हमारे पास जरूरी संख्या नहीं थी। इसके अलावा, शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता के मैदान में आने से यह सीट लड़ना मुश्किल हो गया था। इन्हीं वजहों से हमें यह फैसला लेना पड़ा।
पवार नहीं लड़ते तो चतुर्वेदी को मिलता मौका
संजय राउत ने आगे कहा कि अगर राजनीतिक गणित हमारे पक्ष में होता और पवार साहब चुनाव नहीं लड़ते, तो शिवसेना (यूबीटी) 100 प्रतिशत यह सीट लड़ती। तब प्रियंका चतुर्वेदी को दूसरा मौका जरूर दिया जाता। बता दें कि महाराष्ट्र से राज्यसभा की सात सीटें अगले महीने खाली हो रही हैं।
MVA ने पवार को दिया समर्थन
बुधवार को कांग्रेस ने महाराष्ट्र से राज्यसभा की एक सीट के लिए विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को समर्थन देने की घोषणा की। इस फैसले ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। इस सीट पर कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) तीनों ही दल दावा कर रहे थे।
भाजपा के उम्मीदवारों को लेकर क्या बोले राउत?
सत्तारूढ़ भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें पार्टी के महासचिव विनोद तावडे और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले शामिल हैं। भाजपा की सूची पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा कि आठवले को फिर से उम्मीदवार बनाना अपेक्षित था, जबकि तावडे की उम्मीदवारी गौर करने लायक है। राउत ने कहा कि तावडे को उम्मीदवार बनाना उनके संगठनात्मक कार्यों का सम्मान हो सकता है। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में टिकट से वंचित होने के बाद उन्होंने पिछले छह-सात वर्षों में पार्टी के लिए काफी काम किया है। राज्यसभा के लिए उनका नामांकन उन्हीं प्रयासों का इनाम लगता है।
ऐसा है विधानसभा का गणित
288 सदस्यीय विधानसभा में 230 से अधिक विधायकों के साथ, भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन अपने सभी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में है। इस गठबंधन में एनसीपी और शिवसेना भी शामिल हैं। वहीं, विपक्षी एमवीए के पास केवल एक उम्मीदवार को जिताने लायक संख्या है। इस गणित से महायुति सात में से छह सीटें जीत सकती है।
महाराष्ट्र से जिन राज्यसभा सदस्यों का छह साल का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार, रामदास आठवले, फौजिया खान (एनसीपी-एसपी), रजनी पाटिल (कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी) और धनंजय पाटिल व भागवत कराड (दोनों भाजपा से) शामिल हैं। इन सीटों के लिए 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।


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