राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों में अनुभव का लाभ: प्रतिनियुक्ति अवधि अब 7 साल
नई दिल्ली|केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित चार एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ा दी है। अब इन एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिक पांच वर्ष की बजाए, सात साल तक तैनात रहेंगे। बाकी दो एजेंसियों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय में पुलिस 2 प्रभाग (कार्मिक-नीति अनुभाग) की तरफ से पांच मार्च को उक्त निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि एनएसजी द्वारा गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया था कि केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिकों के कार्यकाल की अवधि पांच वर्ष से बढ़ाकर सात साल कर दी जाए। इस मामले को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' और असम राइफल 'एआर' के साथ परामर्श किया गया। उसमें यह बात सामने आई कि प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाए जाने से एनएसजी में कार्मिकों के संस्थागत ज्ञान को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसी तरह से दूसरी एजेंसियों को लेकर फीडबैक मिला है। इसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया कि 'सीएपीएफ' और 'एआर' कर्मियों को प्रारंभिक नियुक्ति के समय ही सात वर्ष की अवधि के लिए एनएसजी सहित चारों केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय द्वारा 22 नवंबर 2016 के नीतिगत दिशानिर्देशों में संशोधन किए गए हैं। पैराग्राफ 3 (बी) (2) में 'प्रतिनियुक्ति की अवधि' शीर्षक के तहत कुछ प्रावधानों में बदलाव किया गया है। विशेष कार्यक्षेत्र वाली जॉब, जैसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एनएसजी में अब प्रतिनियुक्ति की अवधि सात वर्ष कर दी गई है। यह अवधि उक्त एजेंसियों में प्रवेश करने के समय से लागू होगी। इन संगठनों को उपयुक्त प्रतिस्थापन नियुक्त करने के लिए काफी पहले से ही अग्रिम कदम उठाने की आवश्यकता होती है। ये आदेश केंद्रीय गृह मंत्री की स्वीकृति से जारी किए गए हैं।


सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश