बजट के बाद नया प्रस्ताव, ₹2.81 लाख करोड़ अतिरिक्त खर्च की मांग
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए अपने वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को लोकसभा से 2.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक के सकल अतिरिक्त व्यय के लिए मंजूरी मांगी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार को विभिन्न मंत्रालयों के तहत तय बजट के अलावे धन की आवश्यकता है।
अनुपूरक अनुदान मांगों की दूसरी खेप
संसद में यह प्रस्ताव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनुपूरक अनुदान मांगों के दूसरे बैच के रूप में पेश किया गया। जब बजट में आवंटित राशि कम पड़ जाती है या किसी नए खर्च की जरूरत होती है, तब सरकार संसद से अतिरिक्त खर्च की अनुमति मांगती है। इस प्रस्ताव के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस भारी-भरकम राशि का प्रबंधन किस प्रकार किया जाएगा।
खर्च और फंड का पूरा गणित
सरकार द्वारा पेश किए गए दस्तावेज़ों के अनुसार, संसद से कुल 2,81,289.26 करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त व्यय को अधिकृत करने की मांग की गई है। इस विशाल राशि को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:शुद्ध नकद व्यय: इस कुल अतिरिक्त खर्च में से वास्तविक नकद निकासी या 'नेट कैश आउटगो' 2,01,142.96 करोड़ रुपये का होगा। आसान भाषा में, यह वह राशि है जो सीधे सरकारी खजाने से निकाली जाएगी।बचत और प्राप्तियों से भरपाई: खर्च का बाकी हिस्सा, जो कि 80,145.71 करोड़ रुपये है, उसके लिए नए फंड की जरूरत नहीं होगी। इसकी व्यवस्था विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की मौजूदा बचत, या फिर बढ़ी हुई प्राप्तियों और रिकवरी के जरिए की जाएगी।
अब आगे क्या?
वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर अब संसद में चर्चा होगी। 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रबंधन विभागों की बचत से करना सरकार के संतुलित वित्तीय ढांचे को दर्शाता है। लोकसभा से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद, चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए मंत्रालयों को यह अतिरिक्त फंड उपलब्ध करा दिया जाएगा।


CJP का अल्टीमेटम- छात्रों पर कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन होगा तेज
धरती हिली तो बदल गई जमीन की स्थिति, NISAR सैटेलाइट ने दिए चौंकाने वाले सबूत
कांकेर में मलेरिया से तीन बच्चों की मौत, बस्तर संभाग में 8426 केस; स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद सोनम वांगचुक डिस्चार्ज, आगे की योजना पर बोले
दिल्ली की भागदौड़ से ब्रेक लें, कुछ घंटों की दूरी पर हैं ये शानदार टूरिस्ट स्पॉट
बार-बार हो रही सर्दी-जुकाम की परेशानी? ट्राई करें ये आसान घरेलू काढ़ा
राजभवन के निर्देश के बाद रादुविवि में धारा 52 की चर्चा, प्रशासन सतर्क
सोमवार से रविवार तक क्या पकाएं? ये आसान डिनर मेन्यू आएगा आपके बहुत काम
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सियासत तेज, संसद में बीजेपी सांसदों ने दिया बड़ा संदेश