नॉर्वे में अमेरिकी दूतावास के बाहर धमाका, इमारत का प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त
ओस्लो। नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के बाहर हुए एक जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। रविवार तड़के अमेरिकी दूतावास के कांसुलर सेक्शन के बाहर धमाका हुआ, जिससे इमारत के प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचा और पूरे इलाके में धुआं फैल गया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओस्लो पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह एक जानबूझकर किया गया हमला हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक जांच इकाई के प्रमुख फ्रोडे लार्सन ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यह हमला सीधे अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर किया गया हो सकता है। पुलिस ने आतंकवादी हमले की आशंका से इनकार नहीं किया। अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हुई है, पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और नॉर्वे की सरकार जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान पहले ही क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बना चुका है। पहले भी माना जाता रहा है कि हमले की स्थिति में अगर ईरान सीधे यूरोप में हमला नहीं भी करता, तो उसके समर्थक या प्रॉक्सी समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिकी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं। इस वजह से इस धमाके को भी अमेरिका-ईरान युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस का दावा है कि पिछले कई दशकों में ईरान समर्थित समूहों ने दुनिया भर में अमेरिकी ठिकानों और दूतावासों को निशाना बनाया है। 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर हुए कार बम हमले में 17 अमेरिकी मारे गए थे। उसी साल लेबनान में अमेरिकी मरीन बेस पर हुए ट्रक बम धमाके में 241 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। हाल के वर्षों में भी ईरान समर्थित मिलिशिया पर इराक, सीरिया और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के आरोप लगते रहे हैं।


'अब सिर्फ पीओके की बात होगी'— कारगिल वॉर मेमोरियल से राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा अल्टीमेटम
पर्यटकों को इतिहास के नाम पर ठगा, नकली रोमन थिएटर का राज 10 साल बाद खुला
विश्व कप में भारतीय शूटिंग टीम का शानदार प्रदर्शन, ईशा सिंह को स्वर्ण और मनु भाकर को कांस्य
विश्वकप और एशियाड मिशन के लिए सख्त अनुशासन, सविता ने बताई टीम की खास तैयारी
'स्ट्रीट फाइटर' वाले बयान से गरमाई राजनीति, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया जवाब
किसानों के लिए बड़ी राहत, मुख्यमंत्री ने 82 लाख से अधिक किसानों को भेजी ₹3300 करोड़ की सहायता राशि
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता, इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
युद्ध की जगह संवाद! ईरान ने रोके हमले, स्थायी शांति के लिए शुरू हुई नई कोशिश
कांग्रेस ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा, बीजेपी सांसद बोले- पहले तेलंगाना पर जवाब दें