गैस संकट के बीच सरकार का फैसला, राज्यों को अतिरिक्त LPG आवंटन
नई दिल्ली। भारत सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) तंत्र के विस्तार में सहयोग करने वाली राज्य सरकारों को 10 फीसदी अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) देने की घोषणा की है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता में बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सुजाता शर्मा ने कहा कि इस पहल से राज्य सरकारों को पीएनजी बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन उन राज्यों को किया जाएगा जो पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और वितरण तंत्र को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में देशभर में सवा लाख नए घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह आंकड़ा ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। इसके साथ ही, पिछले तीन दिनों के भीतर पांच हजार से अधिक ग्राहकों ने एलपीजी से पीएनजी में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया है। यह बदलाव पर्यावरण के अनुकूल ईंधन विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान को इंगित करता है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उपभोक्ता पीएनजी को अपनाएं, जो एलपीजी की तुलना में अधिक सुविधाजनक और किफायती है। पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव बनाए हुए है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सतर्कता आवश्यक है। यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने और आयात पर निर्भरता कम करने में भी सहायक होगा।


मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में
गेहूं खरीदी का लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन, सरकार का बड़ा प्लान
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पेड नेगेटिव PR पर जताई चिंता, बोले— “ये क्रिएटिविटी के लिए बुरा समय”