मोहन यादव ने लिया सख्त फैसला: सीधी की कलेक्टर और गुना के एसपी की कार्यप्रणाली पर शिकंजा
सीधी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले में औचक निरीक्षण पर पहुंच गए. सीएम के पहुंचने की सूचना लगते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया. मुख्यमंत्री ने जिला सहकारी बैंक की समीक्षा के दौरान भारी गड़बड़ी मिली. इसके बाद जिला सहकारी बैंक के महाप्रबधंक पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए. उधर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी.
विकास मिश्रा को बनाया गया है नया कलेक्टर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनसंवाद के दौरान विभिन्न मुद्दों पर शिकायतें मिलीं. विभागों की कार्य प्रणाली पर समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई मामलों में नाराजगी जताई. सीएम ने प्राप्त शिकायतों के देखते हुए सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिये. इसके कुछ देर बाद ही सीधी कलेक्टर को हटाने के आदेश जारी हो गए. जिले का नया कलेक्टर विकास मिश्रा को बनाया गया है.
उधर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया. मुख्यमंत्री बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक सर्किट हाउस पहुंचे.
सीएम ने कहा, जिन अधिकारियों की शिकायतें आ रही हैं, वे मैदान में रहने के बजाय बल्लभ भवन में बैठे हैं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उन्हें कई अधिकारियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. जिन अधिकारियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, वे मैदान में रहने के बजाय बल्लभ भवन में बैठे हैं. इस बयान को सीधी के प्रशासनिक अमले के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि वे अचानक दौरे पर पहुंचे हैं और विभिन्न कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से चर्चा की है, जिसके परिणाम शाम तक सामने आ सकते हैं.
इसके बाद सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री ने मंडल अध्यक्षों से लेकर स्थानीय नेताओं से चर्चा की. साथ ही जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी के खिलाफ 24 मार्च को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इसमें विभिन्न जनपद पंचायतों के सरपंच, सचिव और सदस्य शामिल होने वाले थे. आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं मे नारायण तिवारी, रजनी तिवारी और अंबुज पांडे से मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद किया.
डीजे प्लाजा प्रकरण से जुड़े पीड़ित भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे
वहीं इस दौरान डीजे प्लाजा प्रकरण से जुड़े पीड़ित भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे. उन्होंने आवेदन सौंपते हुए अपनी समस्याएं रखीं. पीड़ित बादल चौरसिया ने आरोप लगाया कि उनका घर गिरा दिया गया और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया. वहीं कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे को कॉफी हाउस में नजरबंद कर दिया. जहां उनके साथ जिला अध्यक्ष नाम सिंह बघेल और अन्य कार्यकर्ता भी पुलिस निगरानी में मौजूद रहे.


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