पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सिस्टम बन रहे हैं सक्रिय
उज्जैन|मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में सोमवार को चक्रवाती सिस्टम के असर से आसमान में बादल छाए रहे, जिससे दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली. ग्वालियर में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर बना रहा. मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी बनी रहेगी, लेकिन 26 और 27 मार्च को एक बार फिर आंधी और बारिश की स्थिति बन सकती है|
वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर
मौसम केंद्र भोपाल ने बताया कि 26 मार्च से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में महसूस किया जाएगा. इसके अलावा 29 मार्च के आसपास एक और सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे अप्रैल की शुरुआत भी मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ हो सकती है|
गर्मी ने फिर पकड़ी रफ्तार
बीते दिनों प्रदेश में लगातार चार दिन तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहा. इसके थमने के बाद अब तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. सोमवार को रायसेन में सबसे अधिक 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. नर्मदापुरम में 37.4 डिग्री, रतलाम में 36.4 डिग्री, गुना और खरगोन में 36.2 डिग्री, खजुराहो में 36 डिग्री, नरसिंहपुर में 35.4 डिग्री, धार में 35.3 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री और उमरिया में 35 डिग्री तापमान दर्ज हुआ|
बड़े शहरों का तापमान
बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 35 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, भोपाल में 34.4 डिग्री, जबलपुर में 34.2 डिग्री और ग्वालियर में 29.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया|
फसलों को नुकसान
पिछले चार दिनों में सक्रिय रहे तेज सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया, जिनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे. तेज हवाओं और बारिश से केला, पपीता और गेहूं जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है. खासतौर पर धार और खरगोन जैसे जिलों में ज्यादा असर देखने को मिला, जिसके चलते किसान अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं|


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