बैंक ऑफ बड़ौदा पर कार्रवाई, मध्य प्रदेश में 5 साल का बैन
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए उसे 5 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।मध्य प्रदेश सरकार ने एक कड़ा कदम उठाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), को आगामी 5 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। शासन द्वारा जारी निर्देशों के बाद अब राज्य का कोई भी विभाग इस बैंक के साथ नया लेन-देन नहीं कर सकेगा। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के ₹175 करोड़ से अधिक के फंड प्रबंधन में लापरवाही और निर्देशों का पालन न करने के कारण की गई है।
क्या है पूरा मामला
- राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन और लेन-देन से जुड़े मुद्दों को लेकर यह सख्त कार्रवाई की है।
- फैसले के बाद बैंक को राज्य सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम या सरकारी योजना से जुड़े खातों और लेन-देन से बाहर कर दिया गया है।
- जानकारी के मुताबिक, इस निर्णय के तहत सरकारी फंड और भुगतान संबंधी काम अब इस बैंक के जरिए नहीं होंगे।
क्या होगा असर
- राज्य के सरकारी वित्तीय लेन-देन के लिए अब अन्य बैंकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- बैंक ऑफ बड़ौदा को सरकारी कामकाज से बाहर होने से बड़ा झटका माना जा रहा है।

आगे क्या
- इस फैसले को लेकर बैंक या संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
- आने वाले समय में इस मामले में और प्रशासनिक या कानूनी कदम भी संभव हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला राज्य सरकार की वित्तीय सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


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