प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल, विवादित जमीन पर बना भवन
बलरामपुर|छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जहां सरकारी भवन पर एक व्यक्ति ने मालिकाना हक जता दिया है. बिल्डिंग के मेन गेट पर ताला भी लगा दिया. अब ये भवन शराब का अड्डा बन गया है जो प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है|
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर के पंडरी गांव का है. बछरू डूबा मोहल्ले में प्रशासन ने करीब 6.45 लाख रुपये की लागत से साल 2019-20 में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण करवाया था. भवन के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी दी गई थी. अब यही भवन मुसीबत बन गई है. इसके निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. भवन का निर्माण सरकारी भूमि पर ना कराकर निजी जमीन पर करा दिया गया|
सरकारी भवन बना शराब का अड्डा
आंगनबाड़ी भवन पर कब्जा जमाने के बाद कथित जमीन मालिक ने गेट पर ताला दिया. इसके साथ शराब का अड्डा चलने लगा. जहां छोटे-छोटे बच्चों के लिए पौष्टिक वितरित किया जाता था, वहां अब जाम झलकने लगे हैं. जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक प्रशासन ने इस बात की सुध नहीं ली है. भवन परिसर में शराब की बोतलें भी पड़ी हुई हैं|
नौकरी का आश्वासन दिया था
आंगनबाड़ी भवन बनने के बाद कुछ दिनों तक यहां संचालन जारी रहा. इसके बाद ताला लगा दिया गया. अब इसे कच्चे मकान में संचालित किया जा रहा है. जिस शख्स ने सरकारी भवन की जमीन पर मालिकाना हक जताया है, उसका कहना है कि अधिकारियों और सरपंच ने उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया था. ग्रामीणों ने इसे लेकर विरोध भी जताया है|


पकौड़े खाने का है मन? बिना तेल वाली ये रेसिपी बना देगी दिन खास
प्राचीन कब्र की खोज से इतिहास में हलचल, वैज्ञानिकों को मिले अहम सुराग
हेयरफॉल से राहत पाने के लिए लोग अपना रहे हैं यह तरीका, जानें कितना कारगर है
Nestle India ने मारी बाजी, जून तिमाही में मुनाफा बढ़कर ₹959 करोड़ पहुंचा
छात्र आंदोलन पर नसीरुद्दीन शाह का फूटा गुस्सा, दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
संसद में हुई पीएम मोदी-पवार-सुले की मुलाकात, राजनीतिक समीकरणों पर नजर
विपक्ष के प्रदर्शन के बीच प्रियंका गांधी का हमला, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मनोरंजन जगत में शोक, 18 वर्षीय अभिनेत्री केली हॉटल का सड़क दुर्घटना में निधन
हरारे की पिच पर क्या कहता है रिकॉर्ड? बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए कैसी रहेगी चुनौती?