ट्रंप ने फिर ईरान को धमकाया कहा- पाषाण युग में भेज देंगे, तेल के कुओं को तबाह करना आसान
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को देश के नाम संबोधन में ईरान के विरुद्ध जारी सैन्य कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले एक महीने के युद्ध में ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने तेल ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि वे सबसे आसान लक्ष्य हैं, लेकिन अब तक उन पर हमला इसलिए नहीं किया गया क्योंकि इससे ईरान को दोबारा संभलने का कोई मौका नहीं मिलता।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के पास अब कोई प्रभावी वायु रक्षा प्रणाली या रडार शेष नहीं है, जिससे अमेरिकी सेना सैन्य रूप से अजेय हो गई है। युद्ध विराम की अटकलों के बीच राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिकी अभियान फिलहाल जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर और भी घातक हमले किए जाएंगे ताकि उसे पूरी तरह पस्त किया जा सके। बातचीत की गुंजाइश पर ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता परिवर्तन नहीं था, लेकिन नेतृत्व खत्म होने से वहां अब नया और अधिक समझदार समूह सक्रिय है। राष्ट्रपति ने सीधी धमकी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के सभी बिजली संयंत्रों को एक साथ निशाना बनाकर उसे पाषाण युग में धकेल दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिकी जनता अब इस युद्ध को जल्द समाप्त होते देखना चाहती है।
खत्म कर देंगे तेल के कुऐं
ट्रंप ने ईरान के तेल क्षेत्रों को लेकर सीधी धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका ने अब तक जानबूझकर इन ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन यदि हमला हुआ तो वे पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का तेल उत्पादन अब सऊदी अरब और रूस के कुल उत्पादन से भी अधिक है, इसलिए ईंधन की कीमतों में मौजूदा वृद्धि केवल अल्पकालिक है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर उन्होंने सहयोगी देशों को नसीहत दी कि अब इसकी सुरक्षा का नेतृत्व अन्य देशों को स्वयं करना चाहिए। उन्होंने दुनिया को चुनौती दी कि वे अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका पर भरोसा करें और अपनी सुरक्षा के लिए साहस जुटाएं।
जिसे जरुरत है वो खुलवाए होर्मुज
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अब विदेशी तेल पर निर्भर नहीं है और अन्य देशों को अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए स्वयं कदम उठाने चाहिए। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विशेष जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि जो देश मध्य पूर्व के तेल पर आश्रित हैं, उन्हें इस समुद्री मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका इस मामले में अब नेतृत्व नहीं करेगा, बल्कि प्रभावित देशों को स्वयं साहस दिखाना होगा। ट्रंप ने उन देशों पर भी निशाना साधा जो ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल नहीं हुए, और उन्हें अमेरिकी तेल खरीदने का सुझाव दिया। संबोधन के दौरान उन्होंने इजरायल और खाड़ी देशों जैसे सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। ईरान पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप ने कहा कि उसे कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह इसका इस्तेमाल पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने और अस्थिरता पैदा करने के लिए करेगा।


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