प्रशासन में बड़ा संदेश: दो IAS अफसरों पर CM का विश्वास, अहम पदों से नवाजा
भोपाल : मध्य प्रदेश में हुई बड़ी प्रशासनिक सर्जरी से राजधानी भोपाल भी प्रभावित हुई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह अब नई जिम्मेदारी के साथ राजधानी में ही रहेंगे। वे सीएम सचिव के साथ ही टाउन व कंट्री प्लानिंग के आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। धार में पदस्थ रहे प्रियंक मिश्रा भोपाल के नए कलेक्टर बनाए गए हैं।
प्रियंक मिश्रा को मिला कुशलता का इनाम
माना जा रहा है कि भोजशाला की शांति ने उन्हें राजा भोज की नगरी में आने का मौका दिया है। प्रियंक मिश्रा की भोपाल कलेक्टर के रूप में नियुक्ति को उनकी प्रशासनिक कुशलता के इनाम के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि धार कलेक्टर रहते हुए उन्होंने भोजशाला प्रकरण जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके और सूझबूझ के साथ निपटाया। सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने में उनकी भूमिका ने उन्हें राजधानी की जिम्मेदारी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मिश्रा 2013 बेच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री की है।
भोपाल कलेक्टर के रूप में कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जीता सीएम का दिल
भोपाल कलेक्टर के रूप में कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का कार्यकाल अच्छा रहा। उन्होंने सरकारी जमीनों के सर्वे, अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने और नगरीय विकास के कार्यों में गति देने में काफी काम किया। नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त के तौर पर उनके अनुभवों का लाभ प्रदेश के शहरी नियोजन और सुनियोजित विकास में मिलने की उम्मीद की जा रही है।
नए कलेक्टर के सामने कई चुनौतियां
- बड़ा तालाब बफर- कैचमेंट के निर्माणों को हटाना।
- अवैध कॉलोनियों पर तेजी से कार्रवाई कराना।
- नए कलेक्ट्रेट के भवन को बनवाना।
- 8 नजूल को तहसील बना लोगों को उनके ही क्षेत्र में कार्यालय देना।
- जनगणना का काम पूरा कराना।
- मेट्रो समेत करीब 10 प्रोजेक्ट के लिए जमीन की व्यवस्था करना।


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