योग्यता में छूट न देने पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, पीड़ित कर्मचारी को राहत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा है कि अगर सेवा नियमों में अनुभव, योग्यता या वरिष्ठता के आधार पर छूट का प्रावधान है, तो किसी कर्मचारी को केवल डिग्री न होने की वजह से प्रमोशन से वंचित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें एक सहकारी समिति के कर्मचारी को पदोन्नति देने से इनकार कर दिया गया था। न्यायालय ने माना कि जब अन्य कर्मचारियों को समान छूट दी गई, तो इस मामले में शैक्षिक योग्यता में रियायत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि ‘भेदभाव अन्याय का ही दूसरा नाम है।’ अदालत ने जोर दिया कि सरकारी नौकरियों में समानता के अधिकार का पालन करना अनिवार्य है। न्यायालय ने यह टिप्पणी एक प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के कर्मचारी से जुड़े मामले के दौरान की, जिसने लगभग तीन दशकों तक सेवा की थी। समिति के निदेशक मंडल ने उनकी लंबी सेवा, वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर उन्हें ‘सोसाइटी मैनेजर’ के पद पर पदोन्नत करने की सिफारिश की थी।
सिफारिश में उनकी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता में छूट शामिल थी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने कर्मचारी की याचिका को स्वीकार करते हुए छूट का लाभ देने का निर्देश दिया था, हालांकि खंडपीठ ने इस निर्णय को पलटते हुए कहा था कि कर्मचारी के पास अपेक्षित योग्यता नहीं थी और रजिस्ट्रार द्वारा छूट देने से इनकार करना उचित था।


अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव! प्रल्हाद जोशी ने संभाला कार्यभार
'न कर्फ्यू-न दंगा, सब चंगा', योगी के बयान से मैनपुरी की सियासत गरमाई
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा खुलासा! बोले- आंदोलन के पहले दिन इस्तीफा देना चाहते थे धर्मेंद्र प्रधान