बाबा बागनाथ मंदिर में ऐसी परंपरा, किसी के अंतिम संस्कार वाले दिन कुछ नहीं खाते भोलेनाथ
बागेश्वर: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बाबा बागनाथ मंदिर में एक अनूठी और संवेदनशील धार्मिक परंपरा निभाई जाती है। सरयू, गोमती और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्थित इस मंदिर के समीप बने श्मशान घाट में जब भी किसी का अंतिम संस्कार (शवदाह) हो रहा होता है, तब भगवान शिव को दाल-भात का नियमित भोग नहीं लगाया जाता है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल के अनुसार, भगवान शिव 'श्मशानवासी' हैं और आसपास शोक का माहौल होने पर उन्हें भोजन अर्पित करना उचित नहीं माना जाता। यदि पूरे दिन अंतिम संस्कार का सिलसिला चलता रहे, तो मंदिर में भोग की प्रक्रिया स्थगित रहती है, हालांकि नियमित आरती और दर्शन जारी रहते हैं। धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए दिनभर के शोक के बाद रात की आरती में मिठाई का भोग लगाया जाता है। स्थानीय लोग इस परंपरा को कुमाऊं की गहरी संवेदना और संस्कृति का प्रतीक मानते हैं।


क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? मध्य पूर्व संकट के बीच सामने आई बड़ी तस्वीर
झंडू कुमार के ऐतिहासिक कांस्य पर देशभर में खुशी, पीएम मोदी ने कहा- भारत को किया गौरवान्वित
भारतीय टीम में वापसी को लेकर अश्विन का बड़ा दावा, शमी-भुवनेश्वर की तुलना चर्चा में
क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? CJP और सरकार की बैठक पर टिकी निगाहें
पटना दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन और चुनावी तैयारियों पर होगी चर्चा
छात्र आंदोलन के बीच बिहार बंद, ड्रोन निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
निवेशकों के लिए खुशखबरी! जुनिपर ग्रीन एनर्जी ला रही है बड़ा आईपीओ
25 दिनों से जारी धरने ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश के 20 जिलों में छात्र आंदोलन
डीपफेक वीडियो पर सख्त हुए पीयूष गोयल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग