पाक में भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों का सफाया, अज्ञात हमलावरों के खौफ से कांपे आतंकी
इस्लामाबाद,। पाकिस्तान की धरती पर पनाह लिए भारत के मोस्ट वॉन्टेड घोषित आतंकियों के लिए इन दिनों अज्ञात हमलावर काल बनकर उभर रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य और कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के बेहद करीबी आमिर हमजा को लाहौर में निशाना बनाया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने हमजा पर उस वक्त ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं जब वह असुरक्षित स्थिति में था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और फिलहाल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। यह घटना पाकिस्तान में छिपे उन तमाम आतंकियों के लिए एक कड़ा संदेश मानी जा रही है जो दशकों से वहां सुरक्षित पनाहगाहों का आनंद ले रहे थे।
पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे खतरनाक संगठनों के कई शीर्ष कमांडरों का रहस्यमय तरीके से सफाया हुआ है। साल 2023 के बाद से इन टारगेट किलिंग्स में जबरदस्त तेजी देखी गई है, जहां महज सात महीनों के भीतर सात बड़े आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इन हत्याओं की सूची लंबी और चौंकाने वाली है। इसमें जैश प्रमुख मसूद अजहर का भाई मोहम्मद ताहिर अनवर, रियासी हमले का मास्टरमाइंड अबू कतल, और पठानकोट हमले का मुख्य आरोपी शाहिद लतीफ शामिल हैं। इसके अलावा खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ को भी लाहौर के जौहर टाउन में सुबह की सैर के दौरान ढेर कर दिया गया था।
इन अज्ञात हमलावरों के निशाने पर केवल नए आतंकी ही नहीं हैं, बल्कि पुराने हिसाब भी बराबर किए जा रहे हैं। वर्ष 1999 के कुख्यात आईसी-814 विमान अपहरण कांड के मुख्य अपहरणकर्ताओं में से एक मिस्त्री जहूर इब्राहिम, जो दशकों से अपनी पहचान बदलकर पाकिस्तान में छिपा था, उसे भी कराची में मार गिराया गया। लश्कर की भर्ती सेल का मुख्य चेहरा अकरम खान गाजी और कराची के धार्मिक संस्थान के पास मारा गया मुफ्ती कैसर फारूक भी इसी अज्ञात शक्ति का शिकार बने हैं। ख्वाजा शाहिद जैसे कमांडरों की सिर कटी लाशें मिलना आतंकी संगठनों के भीतर पैदा हुए भारी डर और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर रहा है। लगातार हो रही इन सिलसिलेवार हत्याओं ने न केवल आतंकी संगठनों की कमर तोड़ दी है, बल्कि पाकिस्तानी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान की सरजमीं पर भारत के दुश्मनों का इस तरह एक-एक कर खत्म होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इन हमलों के पीछे कौन सी ताकतें सक्रिय हैं, यह अब भी एक गहरा रहस्य बना हुआ है, लेकिन इसने आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को अब मौत के अड्डों में तब्दील कर दिया है।


Ministry of Home Affairs को मिला ‘प्रज्ञा’ सिस्टम, सुरक्षा में आएगी नई मजबूती
अहमदाबाद में बल्लेबाजी का सरेंडर: 100 रन की हार से खुश नहीं हेडन, खिलाड़ियों को दी चेतावनी।
वर्ल्ड कप 2026 पर लगा फिक्सिंग का दाग: कनाडा बनाम न्यूजीलैंड मैच की जांच में जुटी आईसीसी की एसीयू।
साइबर फ्रॉड का महाघोटाला: 2500 करोड़ की ठगी, 20 आरोपी गिरफ्तार
हैवानियत का खौफनाक चेहरा: बच्चे की हत्या कर शव ड्रम में छिपाया
भोपाल में ड्रेस कोड को लेकर बवाल, लेंसकार्ट के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन
बड़ी लापरवाही या हादसा? टीकमगढ़ में बस पलटने से 15 घायल
LPG अपडेट: घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर मिलेंगे सिलेंडर, वितरण प्रणाली में नहीं है कोई बाधा।
मां बनने पर पत्रलेखा का बड़ा खुलासा: "शायद मैं मां नहीं बनना चाहती थी, लेकिन अब अहसास बदल गया।"
1 मई से मकानों की गिनती: छत्तीसगढ़ में एक महीने तक चलेगा मकान सूचीकरण का विशेष अभियान।