सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। इस मौके पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं।उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।
रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए।
राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महंत रामेश्वर दास, महंत रामदास जी महाराज, महंत बालकनाथ जी महाराज, बालकृष्ण दास जी महाराज, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति महावीर नाथ जी महाराज, नारायण यादव, कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सानिध्य में सामूहिक विवाह संपन्न कराये गये।


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