बड़ी चूक या साजिश? MP में बच्चों के HIV पॉजिटिव मामले में चौंकाने वाले खुलासे
सतना। दिसंबर 2025 में वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित पांच मासूमों के HIV पॉजिटिव होने की खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अब इस मामले में आई आधिकारिक जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की उन भयानक लापरवाहियों को उजागर किया है, जिन्होंने मासूमों के जीवन को दांव पर लगा दिया।
जांच रिपोर्ट के 5 बड़े और चौंकाने वाले खुलासे
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल का ब्लड बैंक नियमों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा था:
लापता डोनर और अधूरा रिकॉर्ड: सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि जिन डोनर्स का खून बच्चों को चढ़ाया गया, उनका कोई ठोस रिकॉर्ड ही नहीं है। कई डोनर्स की जानकारी गायब है, जिससे संक्रमण के स्रोत का पता लगाना नामुमकिन हो गया है।
जांच किट्स का 'फर्जीवाड़ा': खून की शुद्धता जांचने के लिए इस्तेमाल की गई किट्स के बैच नंबर और कंपनी डिटेल्स का कोई अता-पता नहीं मिला।
घटिया टेस्टिंग प्रोटोकॉल: नियमों के मुताबिक खून की जांच CLIA या ELISA (4th Generation) जैसे संवेदनशील टेस्ट से होनी चाहिए। मगर जनवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच 17% ब्लड यूनिट्स की जांच केवल सस्ते और अविश्वसनीय 'रैपिड कार्ड टेस्ट' से की गई।
कागजी हीमोग्लोबिन: रिकॉर्ड में सभी डोनर्स का हीमोग्लोबिन 12 ग्राम से ऊपर दिखाया गया, जबकि असल में बिना किसी हेल्थ चेकअप के ही खून लिया जा रहा था।
खाली पड़े पद और रजिस्टर: ब्लड बैंक में काउंसलर का पद खाली था, जिससे डोनर्स की स्क्रीनिंग नहीं हुई। रजिस्टर में कई जगह एंट्रीज खाली छोड़ी गई थीं।
क्या हैं TTI मानक और कहाँ हुई चूक?
ट्रांसफ्यूजन ट्रांसमिसिबल इंफेक्शन (TTI) के सख्त निर्देश हैं कि हर ब्लड यूनिट की 5 बीमारियों के लिए जांच अनिवार्य है: HIV, हेपेटाइटिस B और C, मलेरिया और सिफलिस।
विशेषज्ञों की राय: HIV की सटीक पहचान के लिए शुरुआती फेज (Window Period) में उच्च स्तरीय टेस्ट जरूरी हैं। रैपिड कार्ड टेस्ट अक्सर शुरुआती संक्रमण को पकड़ने में नाकाम रहते हैं, और सतना में यही मासूमों के लिए घातक साबित हुआ।
कार्रवाई की गाज और वर्तमान स्थिति
इस जघन्य लापरवाही के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का दावा किया है:
निलंबन: ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. देवेंद्र पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
विभागीय जांच: अन्य दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
सुधार का वादा: स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश भर के ब्लड बैंकों के ऑडिट और सिस्टम सुधारने की बात कही है।


बुलडोजर एक्शन पर टिप्पणी को लेकर विवाद, अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं
असम में जलप्रलय जैसे हालात, 50 लोगों की मौत, ऊपरी जिलों में भारी तबाही
US बेस के पास धमाकों के बाद हाई अलर्ट, वेस्ट बैंक हिंसा ने बढ़ाई बेचैनी
वार्ता का पहला दौर खत्म, इस्तीफे की मांग पर CJP और सरकार आमने-सामने
21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर मचा बवाल, जेपी अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल
अनुकंपा नियुक्ति मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, विवाहित बेटी के पक्ष में फैसला
समुद्री सीमा विवाद ने फिर बढ़ाया तनाव, चीन-फिलीपींस के बीच वॉटर कैनन बना वजह
रेल मंडल में स्काउट्स-गाइड्स की गतिविधियां तेज, टेस्टिंग कैंप का शुभारंभ
दिल्ली में प्रदर्शन का असर, इंटरनेट सेवा पर रोक और कई मेट्रो स्टेशन बंद