मजबूत तेजी के साथ बाजार बंद, सेंसेक्स 600+ अंक चढ़ा
मुंबई: पिछले सप्ताह की भारी बिकवाली से परेशान निवेशकों के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा जैसे बड़े शेयरों में आई तेजी के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीदों ने बाजार के सेंटिमेंट को सुधारने में अहम भूमिका निभाई।
बाजार का लेखा-जोखा
सोमवार को बाजार बंद होने तक की स्थिति इस प्रकार रही:
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सेंसेक्स: बीएसई (BSE) का सूचकांक 639.42 अंक (0.83%) की तेजी के साथ 77,303.63 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 77,420 का उच्च स्तर भी छुआ।
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निफ्टी: एनएसई (NSE) का सूचकांक 194.75 अंक (0.81%) चढ़कर 24,092.70 पर पहुंच गया।
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पिछले सत्र की तुलना: यह रिकवरी इसलिए खास है क्योंकि बीते शुक्रवार को सेंसेक्स में करीब 1,000 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई थी।
सन फार्मा की मेगा डील और अन्य टॉप शेयर्स
आज की तेजी का सबसे बड़ा हीरो सन फार्मा रहा, जिसके शेयर में 7% का उछाल दर्ज किया गया।
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बड़ी डील: कंपनी द्वारा 'ऑर्गेनॉन एंड कंपनी' का 11.75 अरब डॉलर में अधिग्रहण करने की घोषणा से निवेशक गदगद नजर आए। यह किसी भारतीय कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े विदेशी अधिग्रहणों में से एक है।
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अन्य गेनर्स: रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.88%), अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और टीसीएस जैसे शेयरों ने भी बाजार को ऊपर खींचने में मदद की।
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गिरावट वाले शेयर: शानदार तेजी के बावजूद एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और ट्रेंट जैसे शेयर दबाव में रहे और लाल निशान में बंद हुए।
रिकवरी के पीछे के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी के पीछे तीन प्रमुख वजहें रहीं:
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भू-राजनीतिक राहत: अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता शुरू होने की खबरों से मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है, जिससे निवेशकों का जोखिम लेने का भरोसा बढ़ा।
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घरेलू मांग: बैंकिंग, कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार को सहारा दिया।
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आईटी सेक्टर में खरीदारी: कमजोर नतीजों के बाद भी आकर्षक वैल्युएशन के चलते निवेशकों ने आईटी शेयरों में रुचि दिखाई।
आगे के लिए चुनौतियां और सतर्कता
बाजार में हरियाली के बावजूद विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधान रहने की सलाह दी है।
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कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल अभी भी 107.9 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो महंगाई बढ़ा सकता है।
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व: भविष्य में ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का क्या रुख रहता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।


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