सियासी तस्वीर बदली, तमिलनाडु में DMK पिछड़ी, बंगाल में भाजपा आगे
चेन्नई/कोलकाता: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। तमिलनाडु में एग्जिट पोल के दावों के विपरीत सत्ताधारी दल डीएमके को जबरदस्त झटका लगता दिख रहा है, जहां मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन समेत कैबिनेट के 15 महत्वपूर्ण मंत्री तीसरे राउंड की गिनती के बाद पिछड़ रहे हैं। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में 'भगवा लहर' साफ तौर पर दिखाई दे रही है, जहां भारतीय जनता पार्टी पहली बार सत्ता की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि में भाजपा की इस बढ़त ने कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर दिया है और राज्य के विभिन्न हिस्सों से जश्न की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
तमिलनाडु में डीएमके के दिग्गजों की साख दांव पर
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के लिए चुनाव परिणाम अब तक बेहद निराशाजनक रहे हैं। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री स्टालिन कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से दो हजार से अधिक मतों से पीछे चल रहे हैं। केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि सरकार के कद्दावर मंत्री जैसे दुरई मुरुगन, केएन नेहरू और थंगम थेनारासु भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कड़े संघर्ष का सामना कर रहे हैं। मंत्रियों का इतनी बड़ी संख्या में पिछड़ना सत्ता विरोधी लहर का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है, जिसने पार्टी के भीतर और समर्थकों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के संकेत और भाजपा का बढ़ता ग्राफ
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के किले में बड़ी सेंध लगती दिख रही है। सुबह 11:30 बजे तक के रुझानों में भाजपा 134 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत की ओर कदम बढ़ा रही है, जबकि टीएमसी 72 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। हालांकि दोनों पार्टियों का वोट शेयर फिलहाल 45-45 प्रतिशत पर बराबरी पर है, लेकिन सीटों के समीकरण में भाजपा को बड़ी बढ़त हासिल है। इस चुनाव में सबसे खराब स्थिति कांग्रेस की रही है, जो महज 3 प्रतिशत वोट शेयर के साथ राज्य की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता खोती दिख रही है।
चुनावी हिंसा और कार्यकर्ताओं का जश्न
नतीजों के रुझान सामने आते ही कोलकाता स्थित भाजपा मुख्यालय में उत्सव का माहौल है, जहां कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध पंक्तियों के साथ जीत का उद्घोष कर रहे हैं। सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता तक भगवा खेमे में खुशी की लहर है। हालांकि, बांकुरा में मतगणना केंद्र के बाहर चुनावी तनाव हिंसा में बदल गया, जहां भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस को स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, बंगाल में राजनीतिक भविष्य की तस्वीर और भी स्पष्ट होती जा रही है।


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