बिजली विभाग की कार्रवाई के बीच धमकी का वीडियो वायरल
जबलपुर: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी शहर में बिजली विभाग की टीम पर हमले और सरकारी काम में बाधा डालने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। माढ़ोताल क्षेत्र में सोमवार को बकाया बिल की वसूली और चेकिंग करने पहुंचे विद्युत अमले को न केवल धमकियों का सामना करना पड़ा, बल्कि एक आरोपी के परिजनों ने आत्मदाह करने की चेतावनी देकर प्रशासनिक कार्य को रोकने का प्रयास किया। यह तनावपूर्ण स्थिति उस समय निर्मित हुई जब विभाग उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने पहुंचा था, जिन्होंने कुछ दिन पहले बिजली उपकेंद्र में घुसकर तोड़फोड़ की थी और शहर के एक बड़े हिस्से को अंधेरे में धकेल दिया था।
बकाया वसूली के दौरान आत्मदाह की धमकी और भारी हंगामा
सोमवार को जब विद्युत विभाग की टीम माढ़ोताल क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी, तब रामेश्वर यादव के परिसर पर करीब साढ़े नौ हजार रुपये का बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान पिछले दिनों हुई मारपीट के आरोपी का रिश्तेदार संजय यादव अपने कई साथियों के साथ वहां पहुंच गया और कर्मचारियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि संजय यादव ने सार्वजनिक रूप से स्वयं पर पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली, जिससे मौके पर मौजूद कर्मचारियों और पुलिस बल में हड़कंप मच गया। इस अराजक व्यवहार के कारण सरकारी काम को बीच में ही रोकना पड़ा और विभाग ने इसे अधिकारियों पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
बिजली उपकेंद्र में मारपीट और चार फीडर बंद करने का पुराना विवाद
यह पूरा मामला एक मई की उस हिंसक घटना से जुड़ा है जब कुछ उपद्रवियों ने माढ़ोताल स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र में घुसकर ऑपरेटरों के साथ मारपीट की थी। आरोपियों ने जबरन कटंगी, अमखेरा, आईटीआइ और लमती नामक चार मुख्य फीडरों को बंद कर दिया था, जिसके कारण क्षेत्र के लगभग दस हजार उपभोक्ताओं को ढाई घंटे तक बिना बिजली के अंधेरे में रहना पड़ा। इस गैरकानूनी कृत्य से न केवल जनता को परेशानी हुई बल्कि विभाग को भी हजारों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा, जिसके बाद राजेश यादव और अंकित साहू जैसे आरोपियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अधिकारियों का कड़ा रुख और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने स्पष्ट कर दिया है कि फील्ड स्टाफ को डराने या दबाव में लेने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने पुलिस को नए सिरे से पत्र लिखकर हालिया घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और साक्ष्य सौंपे हैं ताकि दर्ज एफआईआर में नई धाराओं को जोड़ा जा सके। बिजली कर्मचारियों में व्याप्त डर को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और आत्मदाह जैसी धमकियां देकर अराजकता फैलाने वाले आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और कर्मचारी बिना किसी भय के अपना कर्तव्य निभा सकें।


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