हिंदी पेपर लीक केस में डिजिटल सबूत खंगाल रही जांच एजेंसियां
बिलासपुर| छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र लीक कांड में पुलिसिया कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्य आरोपी वेणु जंघेल की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में शिक्षा विभाग के कई चेहरों और संदिग्ध छात्रों के नाम उजागर हुए हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि क्या इन शिक्षकों का संबंध प्रश्नपत्र निर्माण या परीक्षा के गोपनीय कार्यों से था।
ठिकाने बदलकर भाग रहा था आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक की खबर फैलते ही वेणु जंघेल गिरफ्तारी के डर से फरार हो गया था। वह अपनी लोकेशन बदलकर पहले जगदलपुर और कांकेर में छिपा रहा और अंत में बिलासपुर पहुँचा। बताया जा रहा है कि वह यहाँ एक वकील के माध्यम से अग्रिम जमानत लेने की जुगत में था, लेकिन पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया।
नेता की संदिग्ध भूमिका और विरोध का ढोंग
पूछताछ में एक एनएसयूआई (NSUI) नेता का नाम भी चर्चा में आया है। आरोप है कि खुद पर से शक हटाने के लिए उस नेता ने पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। पुलिस अब इस दोहरे चरित्र के पीछे के पुख्ता सबूत तलाश रही है।
जगदलपुर के हॉस्टल से फैला नेटवर्क
साइबर सेल की पड़ताल में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले जगदलपुर स्थित एक सरकारी बालक छात्रावास से व्हाट्सएप के जरिए वायरल किया गया था। वहां के एक छात्र से मिली जानकारी और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस राजनांदगांव, दुर्ग और कांकेर तक पहुँची, जिसके बाद इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
शिक्षकों की मिलीभगत और रुपयों का खेल
शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि वेणु जंघेल ने अपने परिचित शिक्षकों के माध्यम से गोपनीयता को भंग कर प्रश्नपत्र हासिल किया था। इसके बाद परीक्षार्थियों से दो से तीन हजार रुपये लेकर उन्हें पेपर लीक किया गया। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में शामिल शिक्षकों ने ही प्रश्नपत्र को बाहर पहुँचाने में मदद की थी।
बैंक खातों पर पुलिस की नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आरोपी के बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस रैकेट का दायरा काफी बड़ा हो सकता है और जल्द ही कुछ और प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारियां संभव हैं।


राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
'कॉकरोच आंदोलन' समाप्त, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घिरी
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा