तेलंगाना में राजनीतिक बयानबाजी तेज, CM रेवंत रेड्डी पर उठे सवाल
हैदराबाद: भाजपा (BJP) सांसद धर्मपुरी अरविंद ने बुधवार को एक बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए तेलंगाना की सियासत में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि टीडीपी (TDP) छोड़कर कांग्रेस में जाने से पहले मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर विचार किया था। भाजपा सांसद ने जोर देकर कहा कि बार-बार दल बदलने वाला ऐसा नेता कभी किसी के प्रति वफादार नहीं रह सकता।
'शुभेंदु अधिकारी' जैसा कर सकते हैं व्यवहार
सांसद अरविंद का यह बयान उनके उस आरोप के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि रेवंत रेड्डी कांग्रेस पार्टी के साथ वैसा ही कर सकते हैं जैसा पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की पार्टी के साथ किया था। हैदराबाद के एक कार्यक्रम में पीएम मोदी के बयानों का जिक्र करते हुए अरविंद ने कहा, 'मैं भाजपा का एक छोटा कार्यकर्ता हूं, इसलिए मेरे पास पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन जिस तरह शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा का दामन थामा, ठीक उसी तरह रेवंत रेड्डी भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ वैसा ही संबंध बनाने की कोशिश कर रहे होंगे।'
'रेवंत रेड्डी का अपना एक अलग मॉडल है'
इस मुद्दे पर आगे बात करते हुए अरविंद ने कहा कि रेवंत रेड्डी का अतीत कई राजनीतिक दलों से जुड़ा रहा है, इसलिए उनके भविष्य के कदम के बारे में कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, 'यह रेवंत का अपना मॉडल है। वह पहले बीआरएस (BRS) में थे, फिर टीडीपी में गए और अब कांग्रेस में हैं। मेरे पास जानकारी है कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह भाजपा में आने की सोच रहे थे। ऐसे में वे कभी भी कोई और नई पार्टी अपना सकते हैं।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में भाजपा रेवंत रेड्डी को अपनी पार्टी में शामिल करेगी? तो उन्होंने कहा कि भाजपा बहुत बड़ी पार्टी है और अक्सर लोगों को स्वीकार कर लेती है, लेकिन इस पर आखिरी फैसला पूरी तरह पार्टी हाईकमान का ही होगा।
बस ड्राइवर पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा
राजनीतिक दावों के अलावा, भाजपा सांसद अरविंद ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर अहंकार और मनमानी करने का आरोप भी लगाया। मामला २६ मई का है, जब जगतियाल डिपो के एक सरकारी बस ड्राइवर बी. अशोक को नौकरी से हटा दिया गया।
इस ड्राइवर का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन कर रहे स्थानीय कांग्रेस नेताओं को यह सलाह दे दी थी कि वे इस प्रदर्शन के बजाय परेशान किसानों से धान और मक्का की खरीदी करवाने पर ध्यान दें।
'ड्राइवर ने सिर्फ सुझाव दिया था, आलोचना नहीं की'
ड्राइवर का बचाव करते हुए अरविंद ने कहा, 'वह बस चालक सड़क पर प्रदर्शन कर रहे नेताओं को केवल सुझाव दे रहा था कि धान की खरीदी तेज की जाए और मक्का किसानों को सही दाम मिले। वह किसी की बुराई नहीं कर रहा था, शायद वह खुद एक किसान परिवार से था या किसानों का हमदर्द था।' उन्होंने एक आम कर्मचारी पर की गई इस कार्रवाई को लेकर रेवंत सरकार की कड़ी निंदा की।


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