ईरान पर अमेरिकी हमलों को लेकर IRGC का आक्रामक बयान
तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के आखिरी दौर के बीच अचानक तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच जल्द ही एक बड़ी डील (समझौता) होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन इसी दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान पर अचानक हमला कर दिया। अमेरिकी हमलों के जवाब में अब ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखा 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने अमेरिका को बेहद गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
अमेरिका ने 'सेल्फ डिफेंस' में किया हमला
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स (Tim Hawkins) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स (मिसाइल दागने वाले ठिकानों) और पानी में बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछाने वाली ईरानी नौकाओं (बोट्स) को निशाना बनाया है। टिम हॉकिन्स ने इन हमलों को अमेरिकी संपत्तियों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए 'सेल्फ डिफेंस' (आत्मरक्षा) में उठाया गया एक जरूरी कदम बताया।
IRGC ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन
अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद आईआरजीसी (IRGC) ने बड़ी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित केशम (Qeshm) द्वीप के पास अपनी एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली के जरिए अमेरिका के एक अत्याधुनिक 'MQ-9 कॉम्बैट ड्रोन' (लड़ाकू ड्रोन) को मार गिराया। आईआरजीसी ने इस ड्रोन को आसमान में ध्वस्त करने का एक वीडियो भी जारी किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ की गई किसी भी आक्रामकता का ऐसा ही कठोर और करारा जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने लगाया सीजफायर उल्लंघन और 'बेईमानी' का आरोप
इस हमले पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। ईरान ने अमेरिका पर सीधे तौर पर सीजफायर (युद्धविराम) के उल्लंघन का आरोप लगाया।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "एक तरफ पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच राजनयिक बातचीत और शांति प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका का यह हमला उसकी पुरानी बेईमानी और ईरानी राष्ट्र से किए गए वादों के उल्लंघन को उजागर करता है। किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा।"
तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे 25 कमर्शियल जहाज
इस भारी सैन्य तनाव और टकराव के बावजूद, आईआरजीसी (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उसके समन्वय (कोऑर्डिनेशन) और सुरक्षा घेरे के तहत 25 वाणिज्यिक जहाज 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरे हैं। आईआरजीसी के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन जहाजों में तेल टैंकर और बड़े कंटेनर जहाज शामिल थे, जिन्होंने ईरानी नौसेना से जरूरी अनुमति (क्लीयरेंस) लेने के बाद इस रणनीतिक और बेहद संवेदनशील जलमार्ग को पार किया।


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