बार-बार भूख नहीं लगती? डाइट में शामिल करें दही, फल और छाछ
जेठ महीने के 'नौतपा' के दौरान जब सूर्यदेव का रौद्र रूप अपने चरम पर होता है, तब असहनीय गर्मी, उमस और लगातार चढ़ता पारा इंसान को शारीरिक रूप से पूरी तरह थका देता है। इस झुलसाने वाले मौसम में अक्सर अधिकांश लोग यह शिकायत करते हैं कि उन्हें बार-बार भूख नहीं लगती, कुछ भी गरिष्ठ या भारी भोजन करने की इच्छा नहीं होती और पेट हमेशा भरा-भरा या फूला हुआ सा महसूस होता है। आहार विशेषज्ञों (डाइटिशियंस) के अनुसार, गर्मियों के दिनों में हमारे शरीर का चयापचय (मेटाबॉलिज्म) कुदरती रूप से थोड़ा धीमा हो जाता है, जिसके कारण पाचन तंत्र भोजन की मांग कम कर देता है।
परंतु, भूख न लगने का अर्थ यह कतई नहीं है कि आप भोजन करना ही छोड़ दें। इस भीषण तपन में भी मानव शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए उचित पोषण और निरंतर हाइड्रेशन (पानी की पर्याप्त मात्रा) की सख्त आवश्यकता होती है। यदि आप इस मौसम में लापरवाही बरतते हुए अधिक ऑयली, मसालेदार या भारी पकवानों का सेवन जारी रखते हैं, तो इससे सुस्ती, एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी की समस्या कई गुना बढ़ सकती है। इसके विपरीत, हल्के, तासीर में ठंडे और आसानी से पचने वाले व्यंजन शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए दिनभर एक्टिव बनाए रखते हैं।
आज के इस विशेष लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही बेहतरीन 'लाइट समर मील' के विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो नौतपा के इस दौर में आपके शरीर को अंदर से ठंडा रखेंगे, आपकी भूख को जगाएंगे और आपको पूरे दिन तरोताजा महसूस कराएंगे।
आखिर समर सीजन में क्यों रूठ जाती है हमारी भूख?
तेज गर्मी के कारण जब शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ता है, तो हमारी पाचन क्रिया खुद को सुरक्षित रखने के लिए सुस्त हो जाती है। भारी और वसायुक्त भोजन को पचाने में शरीर को बहुत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे शरीर का तापमान और बढ़ सकता है। यही वजह है कि हमारा मस्तिष्क हमें भारी भोजन से दूर रहने का संकेत देता है और भूख कम लगती है।
नौतपा के लिए 5 सबसे बेहतरीन और हल्के भोजन विकल्प (Light Summer Meals):
1. अमृत समान दही-चावल (कर्ड राइस)
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क्यों है फायदेमंद: यह पेट की गर्मी को शांत करने का सबसे अचूक और पारंपरिक भोजन है।
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बनाने में आसान: इसे पचाना जितना सरल है, बनाना भी उतना ही आसान है। दोपहर की कड़कड़ाती धूप में घंटों किचन के चूल्हे के सामने खड़े रहने के बजाय, आप पके हुए चावलों को मीठे या हल्के नमकीन दही के साथ मिलाकर खा सकते हैं। यह आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है।
2. मूंग दाल की सुपाच्य खिचड़ी
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क्यों है फायदेमंद: पोषण से भरपूर मूंग दाल की खिचड़ी को सबसे सुरक्षित और ऊर्जा देने वाला भोजन माना जाता है।
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मुख्य लाभ: यदि अत्यधिक गर्मी के कारण आपका कुछ भी खाने का मन न हो, तब भी देसी घी की कुछ बूंदों के साथ मूंग दाल की पतली खिचड़ी का सेवन शरीर की कमजोरी को तुरंत दूर करता है और आपको रिफ्रेश रखता है।
3. रसीला फ्रूट सलाद (फलों का कटोरा)
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क्यों है फायदेमंद: जब अन्न खाने की बिल्कुल इच्छा न हो, तो मौसमी फल सबसे उत्तम आहार हैं।
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मुख्य लाभ: पानी और विटामिंस से भरपूर ताजे फलों का सलाद न केवल शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखता है, बल्कि पेट को शीतलता देकर आवश्यक मिनरल्स की कमी को भी पूरा करता है।
4. पुदीने वाली छाछ और मट्ठा
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क्यों है फायदेमंद: यह केवल एक पेय नहीं, बल्कि गर्मियों का सबसे मुकम्मल आहार पूरक है।
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मुख्य लाभ: दोपहर के समय यदि भूख न भी हो, तो भुने जीरे, काले नमक और ताजे पुदीने के पत्तों से तैयार मटके की छाछ का एक बड़ा गिलास पेट को तुरंत तृप्ति देता है, गैस को शांत करता है और हाजमे को दुरुस्त रखता है।
5. जौ का दलिया या ओट्स
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क्यों है फायदेमंद: यह कम कैलोरी में लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा देने वाला एक बेहतरीन मील है।
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उपयोग के तरीके: आप इसे अपनी पसंद के अनुसार नमकीन वेजीटेबल दलिया, सोक्ड ओट्स या दूध के साथ मीठा बनाकर खा सकते हैं। यह फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पेट हल्का रहता है और कब्ज की शिकायत नहीं होती।
गर्मी की डाइट से जुड़े कुछ जरूरी सवाल और उनके जवाब:
Q. क्या समर सीजन में दही और मट्ठे का सेवन अमृत समान है? Ans. जी बिल्कुल। दही और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर के भीतर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। ये पेट को ठंडा रखते हैं, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) को रोकते हैं और लू के थपेड़ों से शरीर की रक्षा करते हैं। छाछ में थोड़ा सा पुदीना और जीरा मिला देने से इसकी गुणवत्ता चार गुना बढ़ जाती है।
Q. नौतपा के दौरान किन फलों को डाइट में प्रमुखता से शामिल करना चाहिए? Ans. इस मौसम में ऐसे फल खाएं जिनमें जल की मात्रा 80% से अधिक हो, जैसे:
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तरबूज और खरबूजा (पानी का सबसे बड़ा स्रोत)
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खीरा और ककड़ी (त्वचा और पेट के लिए वरदान)
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पपीता (पाचन दुरुस्त रखने के लिए)
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पका हुआ आम (स्वाद के लिए, लेकिन बहुत ही सीमित मात्रा में)
Q. गर्मियों में किन खाद्य पदार्थों से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए? Ans. शरीर में अंदरूनी गर्मी, एसिडिटी और घबराहट से बचने के लिए इन चीजों से सख्त दूरी बना लें:
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अत्यधिक तला-भुना, समोसे, कचौड़ी और फास्ट फूड।
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ज्यादा गरम मसाले, लहसुन और अदरक का अत्यधिक प्रयोग।
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चाय, कॉफी और कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स (ये शरीर को और सुखाते हैं)।
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कृत्रिम शुगर वाली अत्यधिक ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स।
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लंबे समय तक भूखे पेट रहना (इससे पित्त की समस्या बढ़ जाती है)।


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