न आने का ‘इनाम’ बना मौत, ट्रैक्टर से कुचलकर की गई हत्या
महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के खरका गांव में एक पारिवारिक विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि दो घरों के हंसते-खेलते परिवार पल भर में तबाह हो गए। बेटी की शादी के बाद आयोजित पार्टी में परिवार के लोगों के शामिल न होने से भड़के एक शख्स ने अपने ही चचेरे भाई और भतीजे पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इस खौफनाक वारदात में चचेरे भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि भतीजा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। वहीं, इस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद आत्मग्लानि से भरे आरोपी पिता ने भी शुक्रवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
एक तरफ जन्मदिन का जश्न, दूसरी तरफ सन्नाटा
मिली जानकारी के अनुसार, खरका गांव के रहने वाले संदीप प्रजापति (28) की बेटी का 28 मई को जन्मदिन था, जिसकी पार्टी घर पर चल रही थी और रिश्तेदार डीजे की धुन पर नाच रहे थे। दूसरी ओर, इसी दिन संदीप के चाचा विश्वमूर्ति प्रजापति (46) ने भी अपनी बेटी संध्या की शादी (7 मई) के बाद पहली बार मायके आने की खुशी में पार्टी रखी थी। लेकिन सामाजिक और पारिवारिक दूरियों के चलते परिवार का कोई भी सदस्य विश्वमूर्ति के घर न जाकर संदीप की बेटी के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने पहुंच गया।
नशे में पहुंचा आरोपी, दरवाजे पर खड़े भाई-भतीजे को रौंदा
"अपनी बेटी की पार्टी सूनी रहने और भतीजे के घर भीड़ देखकर विश्वमूर्ति आगबबूला हो गया। वह अत्यधिक शराब के नशे में संदीप के घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। उस वक्त तो लोगों ने समझा-बुझाकर उसे भेज दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह पागलपन की हदें पार करते हुए अपना ट्रैक्टर लेकर आया और दरवाजे पर खड़े चचेरे भाई मंगल प्रजापति (50) और भतीजे संदीप को बेरहमी से कुचल दिया।"
भाई की मौके पर मौत, आरोपी ने खेत में लगाई फांसी
ट्रैक्टर का भारी पहिया चढ़ने से मंगल प्रजापति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल संदीप को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। वारदात के बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे विश्वमूर्ति का शव गांव के ही एक खेत में बने मकान के अंदर रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला। भाई की हत्या के बाद उसने आत्मग्लानि में अपनी जान दे दी।
पारिवारिक बहिष्कार बना खूनी खेल की वजह
मृतक मंगल की पत्नी मुन्नीदेवी ने पुलिस को बताया कि विश्वमूर्ति ने परिवार के ही एक सदस्य की पत्नी को अपने साथ रख लिया था। इस अनैतिक फैसले के कारण पूरे परिवार ने उसका सामाजिक बहिष्कार कर रखा था और लोग उसके किसी कार्यक्रम में नहीं जाते थे। यही वजह थी कि उसकी बेटी संध्या की शादी की पार्टी में कोई शरीक नहीं हुआ, जिसे विश्वमूर्ति बर्दाश्त नहीं कर सका।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष सत्यवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। चूंकि मुख्य आरोपी ने भी आत्महत्या कर ली है, इसलिए पुलिस घटना के सभी पहलुओं और साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। इस दोहरे हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।


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