डांट से नाराज होकर घर से निकला 9 साल का मासूम, स्टेशन पर मिला सुरक्षित
जबलपुर: अपनों की डांट से खफा होकर घर से बिना बताए निकले एक 9 वर्षीय मासूम बच्चे को मदन महल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (शासकीय रेलवे पुलिस) ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे के परिजनों को तलाश कर उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है।
प्लेटफार्म नंबर 4 पर अकेला और गुमसुम बैठा था अभिनेन्द्र
जीआरपी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार 3 जून 2026 को नियमित स्टेशन चेकिंग और गश्त के दौरान पुलिस टीम को प्लेटफार्म नंबर 4 पर एक बच्चा बेहद उदास और अकेला बैठा हुआ दिखाई दिया। संदिग्ध और असमंजस की स्थिति को देखते हुए रेल पुलिस के जवानों ने बच्चे के पास जाकर बेहद संवेदनशीलता और दुलार के साथ पूछताछ की।
पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम अभिनेन्द्र विश्वकर्मा (उम्र 9 वर्ष, पिता संतोष विश्वकर्मा) बताया। वह महाराजपुर के विन्स कॉन्वेंट स्कूल के पास का रहने वाला है। मासूम ने रोते हुए पुलिस को बताया कि घर पर माता-पिता ने किसी बात को लेकर उसे डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वह गुस्से में बिना किसी को कुछ बताए घर से निकल गया और भटकते हुए मदन महल स्टेशन पहुंच गया था।
परिजनों को दी गई सूचना, चाचा पहुंचे मदन महल चौकी
बालक से पूरी जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने बिना कोई समय गंवाए उसके माता-पिता और स्थानीय रिश्तेदारों से संपर्क साधा। बच्चे के मिलने की सूचना पाते ही जबलपुर के गौमाता चौक (पंकज पैलेस होटल के पास, राइट टाउन) में रहने वाले उसके सगे चाचा राजू विश्वकर्मा (पिता स्वर्गीय रामखिलावन विश्वकर्मा, उम्र 35 वर्ष) तत्काल मदन महल रेलवे पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस ने कानूनी कागजी खानापूर्ति करने के बाद बालक अभिनेन्द्र को सुरक्षित रूप से उसके चाचा के सुपुर्द कर दिया। अपने लाडले को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों ने रेल पुलिस का सहृदय आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत कार्रवाई
मासूम बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने की इस पूरी सराहनीय कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक (रेल) जबलपुर सुंदर सिंह कनेश के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में चलाया गया। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत की गई इस त्वरित सफलता में मदन महल थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत, चौकी प्रभारी व सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) जे.एस. धुर्वे, प्रधान आरक्षक रत्नेश यादव, आरक्षक विमलेश ठाकुर सहित महिला आरक्षक अंजलि राजपूत, काजल सिंह और शकुंतला तेकाम की विशेष और अत्यंत सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस मानवीय पहल की पूरे जबलपुर संभाग में प्रशंसा हो रही है।


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