पेंटागन में नियुक्त कैपिटल हिंसा आरोपी, राजनीतिक हलचल तेज
वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद (कैपिटल भवन) पर हुए हमले के मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को पेंटागन (रक्षा विभाग) में बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के सामने आते ही अमेरिकी राजनीति में एक नया विवाद और तीखी बहस शुरू हो गई है। पेंटागन से मिली जानकारी के मुताबिक, एलियास इरिजारी नाम के इस युवा को रक्षा विभाग के नीति कार्यालय के तहत एक राजनैतिक पद पर नियुक्त किया गया है। यह वह संवेदनशील कार्यालय है जो देश के रक्षा मंत्री को सैन्य रणनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा योजनाओं से जुड़े सबसे अहम मुद्दों पर सलाह देने का काम करता है।
टूटी खिड़की से संसद में घुसा था आरोपी
एलियास इरिजारी साल 2021 में अमेरिकी संसद भवन पर हुए हिंसक हमले और घुसपैठ का हिस्सा था। उस समय वह दक्षिण कैरोलिना के एक सैन्य कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। अदालत के रिकॉर्ड और दस्तावेजों से पता चलता है कि वह हमले के दौरान एक टूटी हुई खिड़की के रास्ते कैपिटल भवन के अंदर दाखिल हुआ था, काफी देर तक परिसर में घूमता रहा था और उसने वहां की तस्वीरें भी ली थीं। बाद में उसने अदालत में अवैध तरीके से परिसर में घुसने का अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद साल 2023 में कोर्ट ने उसे इस मामूली अपराध के लिए 14 दिन की जेल की सजा सुनाई थी। सजा मिलने से पहले उसने जज के सामने गहरा पछतावा जताते हुए कहा था कि उसकी इस हरकत से उसके परिवार और पूरे देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।
पेंटागन ने बताया 'देशभक्त' तो विपक्ष ने खड़े किए सवाल
इस विवादित नियुक्ति को लेकर जहां एक तरफ आलोचना हो रही है, वहीं पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज़ ने इस फैसले का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इरिजारी एक योग्य और देशभक्त युवा पेशेवर हैं और रक्षा विभाग को एक राजनीतिक पद पर उनकी नियुक्ति करने पर गर्व है। दूसरी तरफ, विपक्ष इस फैसले से बिल्कुल सहमत नहीं है। सीनेट की खुफिया समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सदस्य मार्क वार्नर ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल उठाया कि संसद पर हुए हमले में दोषी पाए गए किसी व्यक्ति को आखिर देश की सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील और गोपनीय काम कैसे सौंपे जा सकते हैं?
ट्रंप प्रशासन में ऐसे फैसलों पर दोबारा छिड़ी बहस
अमेरिकी राजनीति में कैपिटल हमले से जुड़े किसी आरोपी को सरकारी पद दिए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल जनवरी में दोबारा व्हाइट हाउस (राष्ट्रपति पद) की कमान संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने 6 जनवरी के हमले से जुड़े करीब 1,600 आरोपियों के मामलों में बड़ी राहत दी है, जिनमें कई लोगों की माफी, सजा में छूट या मुकदमों को पूरी तरह खत्म करना शामिल है। ट्रंप प्रशासन के इन कदमों और अब पेंटागन में हुई इस नई नियुक्ति ने लोकतंत्र पर हुए उस हमले के मुद्दे को अमेरिकी राजनीति के केंद्र में दोबारा लाकर खड़ा कर दिया है।


सरकार से संवाद की पहल, सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी शर्त
समाजवादी पार्टी की महिला नेता सीमा राजभर पर बलिया में मुकदमा दर्ज, बढ़ीं मुश्किलें
शिवसेना के बागी सांसदों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, सुनवाई स्वीकार कर जारी किया नोटिस
जयशंकर ने QUAD मंच से क्या-क्या कहा? हिंद-प्रशांत, सुरक्षा और साझेदारी पर दिए अहम संदेश
'चड्डी-बनियान गैंग' फिर एक्टिव! रात में चोरी की वारदातों से लोगों में डर
रोजगार और परीक्षाओं पर राहुल गांधी का वार, पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, अर्जी पर सुनवाई से बढ़ी उम्मीदें
अनियमितताओं पर शिकंजा, नगर निगम ने शुरू की बिल्डिंग नक्शों की जांच