कांग्रेस का आरोप- राज्य में शासन व्यवस्था फेल, राष्ट्रपति शासन जरूरी
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुआ विवाद अब पूरी तरह गरमा गया है। नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट के विरोध में राजस्व विभाग के तहसीलदार पिछले 3 दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण सभी राजस्व कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। दफ्तरों में ताले लटके होने की वजह से अपने जरूरी कामों के लिए पहुंचने वाले आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्टी में भारी आक्रोश है और बुधवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम एक दो-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की बड़ी मांग कर दी है।
सत्ता के संरक्षण में सरकारी कर्मचारियों की पिटाई का आरोप
कांग्रेस के सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नायब तहसीलदार से मारपीट के मामले में अपराध दर्ज होने के बाद भी सत्ताधारी दल (भाजपा) द्वारा विधायक और उनके समर्थकों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से सत्ता पक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह गलत शह मिल रही है कि वे अपने निजी या पारिवारिक कामों में मनमुताबिक नतीजा न मिलने पर सरकारी कर्मचारियों को सड़कों पर सरेआम पीटें। पाठक ने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका, तो प्रदेश की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी और इसका सबसे खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मौजूदा हालातों को अराजक बताते हुए कहा कि इसे सुधारने के लिए अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना जरूरी हो गया है।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- जनता परेशान, विधायक ने लांघी मर्यादा
इस मौके पर मौजूद प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से आम जनता राजस्व विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से उनके सभी जरूरी काम अटके पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल की हठधर्मिता और जिद के कारण ही आज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की यह नौबत आई है। भगत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह विधायक ने अपने परिवार के सदस्य के काम के लिए पद की मर्यादाओं को ताक पर रख दिया, काश वैसे ही वे अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के हित के लिए मर्यादित आचरण अपनाते और सरकारी दफ्तरों में रुके हुए मामलों को निपटाने का प्रयास करते।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे कई दिग्गज कांग्रेसी
कलेक्टर कार्यालय में सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात करने और ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई प्रमुख पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता एकजुट नजर आए। इस दौरान नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद, जेपी श्रीवास्तव, राकेश गुप्ता, संजय विश्वकर्मा, शैलेष सिंह, अटल यादव, डॉ. लालचंद यादव, बिगन राम, नरेंद्र विश्वकर्मा, अमित तिवारी राजा, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निक्की खान, दीपक मिश्रा, मिथुन सिंह, नरेश बघेल और परवेज आलम गांधी सहित भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।


सरकार से संवाद की पहल, सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी शर्त
समाजवादी पार्टी की महिला नेता सीमा राजभर पर बलिया में मुकदमा दर्ज, बढ़ीं मुश्किलें
शिवसेना के बागी सांसदों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, सुनवाई स्वीकार कर जारी किया नोटिस
जयशंकर ने QUAD मंच से क्या-क्या कहा? हिंद-प्रशांत, सुरक्षा और साझेदारी पर दिए अहम संदेश
'चड्डी-बनियान गैंग' फिर एक्टिव! रात में चोरी की वारदातों से लोगों में डर
रोजगार और परीक्षाओं पर राहुल गांधी का वार, पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, अर्जी पर सुनवाई से बढ़ी उम्मीदें
अनियमितताओं पर शिकंजा, नगर निगम ने शुरू की बिल्डिंग नक्शों की जांच
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर विरोध करने पहुंचे दंपति हिरासत में, पुलिस ने बताई वजह
भोपाल में कांग्रेस दफ्तर पर घेराव की तैयारी, पुलिस ने भाजपा नेताओं को रोका