मिडल ईस्ट संकट गहराया, होर्मुज में सैन्य टकराव के संकेत
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच भले ही कागजों पर युद्धविराम (सीजफायर) लागू हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरू मध्य) के ऊपर उड़ रहे ईरान के दो ड्रोनों को मार गिराया है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में एक बार फिर से युद्ध का तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये दोनों ईरानी ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और व्यापारिक जहाजों के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा बने हुए थे, जिसके चलते उन्हें हवा में ही नष्ट करना बेहद जरूरी था।
ईरान-अमरीका युद्ध के 100 दिन पूरे, वैश्विक बाजार में हड़कंप
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह भीषण युद्ध अपने 100वें दिन पर पहुंच चुका है, लेकिन फिलहाल इसका कोई स्थायी अंत नजर नहीं आ रहा है। दोनों देशों के बीच बीते 8 अप्रैल को हुआ नाजुक सीजफायर अब पूरी तरह से दबाव में आ गया है, क्योंकि इस अस्थायी युद्धविराम को एक पक्के शांति समझौते में बदलने की तमाम राजनयिक कोशिशें बार-बार नाकाम हो रही हैं। इस लंबे खिंचते जा रहे युद्ध ने जहां एक तरफ वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति को बुरी तरह हिलाकर रख दिया है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका में होने वाले आगामी मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी घरेलू मोर्चे पर राजनीतिक दबाव काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।
पाकिस्तानी गृह मंत्री की तेहरान में शांति की बड़ी कोशिश
इस भयानक युद्ध को रोकने और दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत शुरू कराने के लिए अब नए सिरे से कूटनीतिक प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी सिलसिले में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी खुद तेहरान पहुंच चुके हैं। वह ईरान और अमेरिका के बीच टूटे हुए संवाद को दोबारा जोड़ने की कोशिशों में जुटे हैं। उनके इस दौरे को इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वे अपने साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक बेहद खास और सीक्रेट संदेश लेकर ईरान के सुप्रीम लीडर के पास पहुंचे हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर इससे पहले इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधे संवाद का एक दौर आयोजित कराकर मध्यस्थ के रूप में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं।
मिसाइल हमलों से भड़के खाड़ी देश, ईरान ने दी अमेरिकी उकसावे की दुहाई
इस पूरे शांति प्रयास के बीच तनाव तब और ज्यादा गहरा गया जब शनिवार को ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों बहरीन और कुवैत पर एक के बाद एक कई मिसाइलें दाग दीं। ईरान की इस अप्रत्याशित सैन्य कार्रवाई से खाड़ी देशों में भारी नाराजगी और गुस्सा फैल गया है। हालांकि, इन हमलों पर सफाई देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। तेहरान ने वाशिंगटन के इस रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि अमेरिका का यह दुश्मनी भरा और उकसावे वाला व्यवहार ही क्षेत्र में शांति बहाली के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है।


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