राहत देने से पहले समझौता जरूरी, ट्रंप का बयान
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में अपनी सरकार के कड़े और स्पष्ट रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। रविवार को दिए एक बयान में उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका प्रशासन ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते पर पहुंचने से पहले उसकी जब्त की गई संपत्तियों को किसी भी कीमत पर वापस नहीं लौटाएगा। एक प्रमुख समाचार चैनल 'एनबीसी न्यूज' के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने दृढ़ता से कहा कि ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों से किसी भी तरह की राहत तभी संभव है, जब तेहरान भविष्य में होने वाले समझौते के तहत अपनी सभी शर्तों और प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह से जमीन पर लागू कर देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रतिबंधों में ढील देने की चर्चा शुरू करने के लिए भी तेहरान को पहले अपनी नीयत और वादों का ठोस सबूत देना होगा।
ईरान के अच्छे व्यवहार के बाद ही शुरू होगी बातचीत
साक्षात्कार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यदि ईरान सही व्यवहार करता है और जिम्मेदारी से आगे कदम बढ़ाता है, तभी अमेरिका उसके साथ औपचारिक तौर पर बातचीत की शुरुआत करेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे लेबनान को तेहरान के साथ होने वाले किसी भी कम समय या अल्पकालिक समझौते में शामिल करने के लिए कोई दबाव नहीं बना रहे हैं। ट्रंप के अनुसार, हालांकि उन्हें लगता है कि लेबनान के लोग ऐसा देखना पसंद करेंगे, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से इस बात की कोई मांग नहीं कर रहे हैं। अमेरिका की प्राथमिकता इस समय ईरान को उसकी जिम्मेदारियों का अहसास कराने पर टिकी हुई है।
पश्चिम एशिया में शांति के लिए जारी कूटनीतिक प्रयास
पश्चिम एशिया में पिछले कई महीनों से जारी भारी संघर्ष और आसमान छूते सैन्य तनाव के बाद, अब वहां एक स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक कोशिशें बहुत तेज हो गई हैं। इस पूरे मामले में ट्रंप प्रशासन भी अपनी तरफ से एक संभावित और मजबूत शांति समझौते का खाका तैयार करने के प्रयासों में जुटा हुआ है। हालांकि, अमेरिका का यह ताजा और सख्त रुख यह दिखाता है कि वह किसी भी समझौते से पहले ईरान को कोई भी वित्तीय या आर्थिक ढील देकर अपने हाथ कमजोर नहीं करना चाहता, बल्कि वह पूरी तरह से ठोस और सुरक्षित नतीजे चाहता है।


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