अमित शाह बोले- मोदी काल रहेगा इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आज देश के 80 प्रतिशत भौगोलिक हिस्से और 76 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहा है। नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में बोलते हुए गृह मंत्री ने मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल को बेहद निर्णायक और देश की तस्वीर बदलने वाला बताया। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुए इस उच्च स्तरीय संवाद के दौरान शाह ने कहा कि इस स्थिर सरकार के दौर में देश ने कई दशकों पुरानी समस्याओं से हमेशा के लिए मुक्ति पाई है।
पूर्ववर्ती सरकारों के दौर की अस्थिरता पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने देश के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 25 वर्षों में जनता का जो अटूट विश्वास जीता है, वह भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है। पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद के 62 वर्षों में देश ने कई प्रधानमंत्रियों और मिली-जुली गठबंधन सरकारों का लंबा दौर देखा, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता बनी रही। इसके उलट, मोदी सरकार का यह कार्यकाल स्थिरता, नीतियों की निरंतरता और मजबूत फैसले लेने की क्षमता का प्रतीक बनकर उभरा है।
जातिवाद, तुष्टीकरण और परिवारवाद की राजनीति का अंत
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश में लंबे समय से चली आ रही जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण की सियासत को पीछे छोड़कर अब विकास केंद्रित राजनीति की नींव मजबूत हुई है। उनके मुताबिक, आज देश की जागरूक जनता जाति और मजहब के बंधनों से ऊपर उठकर केवल विकास और सुशासन के काम को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि दूरदर्शी आर्थिक नीतियों, प्रभावी विदेश नीति और राष्ट्रीय सम्मान को सर्वोपरि रखने वाली रक्षा रणनीति के कारण यह दौर इतिहास में याद रखा जाएगा।
अनुच्छेद 370 से लेकर तीन तलाक और नए कानूनों का लेखा-जोखा
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने सरकार के उन ऐतिहासिक फैसलों की सूची भी सामने रखी जिन्होंने देश की दशा और दिशा बदली। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A की समाप्ति, तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खात्मे और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लागू किए जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटिश काल से चले आ रहे पुराने कानूनों को बदलकर नए आपराधिक कानून लाने, नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार करने और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई सर्जिकल व एयर स्ट्राइक जैसी सैन्य कार्रवाइयों को भारत की नई और मजबूत रक्षा नीति का आधार बताया।


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