छत्तीसगढ़ी म्यूजिक इंडस्ट्री को बड़ा झटका, एप्पी राजा का निधन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के संगीत जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश के चहेते और बेहद लोकप्रिय रैपर चेतन चांडक, जिन्हें फैंस प्यार से 'एप्पी राजा' के नाम से जानते थे, का लंबी अस्वस्थता के बाद निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आखिरी सांस ली। उनके असमय चले जाने की खबर मिलते ही प्रशंसकों, कला प्रेमियों और स्थानीय कलाकारों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। एप्पी राजा छत्तीसगढ़ी रैप संगीत के उन चुनिंदा और अग्रणी कलाकारों में से थे, जिन्होंने अपनी अनूठी शैली, बेबाक अंदाज और रचनात्मकता के बल पर बहुत कम समय में युवाओं के बीच एक खास मुकाम हासिल कर लिया था। उनके गीतों में छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू, स्थानीय बोली और सामाजिक सरोकार साफ नजर आते थे, जो सीधे लोगों के दिलों को छूते थे।
मातृभाषा और रैप का अनूठा संगम
एप्पी राजा ने आधुनिक रैप विधा को छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के साथ पिरोकर संगीत को एक बिल्कुल नई दिशा दी। उनके गीतों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि आधुनिकता की दौड़ में युवाओं को अपनी मातृभाषा और जड़ों से जोड़ने का भी एक सराहनीय काम किया। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके गानों को लाखों की संख्या में सुना और पसंद किया जाता था। संगीत के प्रति उनका अटूट समर्पण और नया दृष्टिकोण ही उन्हें छत्तीसगढ़ी म्यूजिक इंडस्ट्री का एक बेहद चर्चित और सम्मानित चेहरा बनाता था। अपने छोटे से करियर में उन्होंने कई ऐसे यादगार ट्रैक दिए जो आज भी युवाओं की जुबान पर चढ़े हुए हैं।
प्रशंसकों और कलाकारों ने सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि
जैसे ही एप्पी राजा के शांत होने की खबर फैली, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों के भावुक संदेशों की बाढ़ आ गई। उनके साथी कलाकारों और प्रशंसकों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनके साथ बिताए पलों और उनके संगीतमय सफर को याद किया। कई कलाकारों का कहना है कि उन्होंने न सिर्फ एक बेहतरीन सहकर्मी खोया है, बल्कि एक बेहद उम्दा इंसान भी खो दिया है।
कला जगत के लिए एक बड़ा शून्य
एप्पी राजा का असमय चले जाना केवल उनके परिवार या करीबियों के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ी कला और संगीत परिदृश्य के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। क्षेत्रीय संगीत को आधुनिक रंग में ढालकर उसे एक नई पहचान दिलाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।


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