दर्शन मात्र से संकट दूर होने की परंपरा कितनी सच?
आस्था और सच्ची भक्ति के आगे स्वयं भगवान भी नतमस्तक हो जाते हैं और अपने प्रिय भक्तों को संसार का हर सुख प्रदान करने के लिए आतुर रहते हैं। महाबली हनुमान की भक्ति भी कुछ ऐसी ही अनूठी है, जिसके कारण प्रभु श्रीराम ने उन्हें 'भक्त शिरोमणि' की उपाधि दी। हनुमान जी अपने नाम के अनुरूप ही भक्तों के सभी कष्टों और संकटों को तुरंत दूर कर देते हैं।
आइए जानते हैं राजस्थान के सुप्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी धाम की महिमा और वहां के चमत्कारों के बारे में:
1. बाल स्वरूप में भक्तों के संकट हरते हैं श्री बालाजी
पवन पुत्र हनुमान जी की अलौकिक लीलाएं उनके बालपन से ही शुरू हो गई थीं, यही वजह है कि कई पवित्र स्थलों पर उन्हें 'बालाजी' के नाम से पूजा जाता है। राजस्थान के मेहंदीपुर धाम में भी महाबली हनुमान अपने इसी बाल स्वरूप में साक्षात विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि मेहंदीपुर बालाजी के सिर्फ दर्शन मात्र से ही इंसान के बड़े से बड़े संकट और बाधाएं टलने लगती हैं। जो भी भक्त इस पावन धाम में आता है, वह अपनी सारी विपत्तियां, मानसिक तनाव और दुख श्री बालाजी के चरणों में ही छोड़ जाता है।
2. दरबार में सजता है प्रभु श्रीराम और माता सीता का दिव्य दरबार
मेहंदीपुर बालाजी धाम में हनुमान जी के बाल रूप के बेहद मनमोहक और अलौकिक दर्शन होते हैं। इस मंदिर की एक खास विशेषता यह है कि श्री बालाजी महाराज के मुख्य भवन के ठीक सामने प्रभु श्रीराम और माता सीता का दिव्य दरबार सजता है। इस अद्भुत दृश्य को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो बालाजी महाराज अपने आराध्य के निरंतर दर्शन पाकर अत्यंत प्रसन्न हो रहे हैं, और प्रभु श्रीराम तथा माता सीता भी अपने इस सबसे प्रिय भक्त को निहारकर मंद-मंद मुस्कुरा रहे हैं।
3. त्रिदेवों का धाम: जहां साक्षात विराजमान हैं भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार
मेहंदीपुर में भक्तों को केवल हनुमान जी के ही दर्शन नहीं होते, बल्कि उनके साथ श्री भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार भी साक्षात रूप में विराजमान हैं। यही कारण है कि कई श्रद्धालु इस पवित्र स्थान को 'त्रिदेवों का धाम' भी कहते हैं। माना जाता है कि यहां पर बालाजी महाराज की दिव्य सत्ता चलती है। जो भी इंसान इस दरबार में सच्चे मन और अटूट भक्ति भाव से अपनी अर्जी लगाता है, उसकी सुनवाई निश्चित रूप से होती है। इस दरबार से आज तक कोई भी भक्त खाली हाथ या उदास होकर नहीं लौटा है, क्योंकि यहां हर प्रकार की शारीरिक, मानसिक और सांसारिक समस्या का समाधान मिल जाता है।
विशेष मान्यता: जिसने भी एक बार मेहंदीपुर बालाजी का आशीर्वाद पा लिया, उसके जीवन की हर मनोकामना और चिंताओं का भार स्वयं बालाजी महाराज उठा लेते हैं। यही वजह है कि यहां आने वाला भक्त बार-बार इस धाम की यात्रा करने के लिए आतुर रहता है।


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